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रायगढ़ के खनन प्रभावित क्षेत्र में बदली बच्चों की सेहत की तस्वीर, दो साल में 297 कुपोषित बच्चों को मिला पोषण

पोषण पुनर्वास केंद्र में बच्चों के साथ साथ उनकी मां का भी ख्याल रखा गया, जिससे बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास हुआ.

MALNUTRITION IN CHHATTISGARH
छत्तीसगढ़ में कुपोषण (ETV Bharat Chhattisgarh)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : January 6, 2026 at 7:30 AM IST

2 Min Read
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रायपुर: रायगढ़ जिले के तमनार क्षेत्र में जिला खनिज संस्थान न्यास निधि (डीएमएफ) के माध्यम से कुपोषण को दूर करने की दिशा में बड़ा काम किया गया है. क्षेत्र के लगभग 300 बच्चे कुपोषणमुक्त हुए हैं.

पोषण पुनर्वास केंद्र से बच्चों को मिल रहा फायदा

सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र तमनार में 10 बिस्तरीय पोषण पुनर्वास केंद्र (एन.आर.सी) भवन का निर्माण डीएमएफ मद से कर कुपोषण से मुक्त बनाने के लिए क्षेत्र को सौगात दी गई. इस भवन को पोषण पुनर्वास केंद्र के रूप में संचालित किया जा रहा है, जो क्षेत्र के कुपोषित बच्चों के लिए संजीवनी साबित हो रहा है.

297 कुपोषित बच्चों को मिला पोषण

वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र तमनार में संचालित एनआरसी के माध्यम से तमनार और घरघोड़ा के कुल 297 कुपोषित बच्चों को लाभ मिला हैं. इन बच्चों को 15 दिन तक पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कर चिकित्सकीय देखरेख के साथ-साथ प्रोटीन युक्त, संतुलित एवं पौष्टिक आहार दिया गया. जिससे बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास हुआ.

बच्चों की मां को मिली प्रोत्साहन राशि

एनआरसी में बच्चों के साथ उनकी माताओं की भी देखरेख की गई. बच्चों की समुचित देखभाल के एवज में माताओं को प्रोत्साहन राशि भी दी गई. जिससे परिवार की सहभागिता बढ़ी और उपचार की प्रभावशीलता सुनिश्चित हुई. इसका सकारात्मक असर यह रहा कि भर्ती अवधि के दौरान बच्चों के वजन, ऊर्जा स्तर और समग्र स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार हुआ.

खनन प्रभावित क्षेत्रों में कुपोषण दूर करने सरकार का फोकस

बता दें कि रायगढ़ जिले का तमनार क्षेत्र खनन प्रभावित क्षेत्र के रूप में चिन्हित है. ऐसे क्षेत्रों में डीएमएफ मद से बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए सरकार की तरफ से योजनाबद्ध प्रयास किए जा रहे हैं. पोषण पुनर्वास केंद्र इसका जीवंत उदाहरण बन कर उभर रहा है, जहां खनन से प्रभावित समुदायों के बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य देने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं.

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