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मेक इन हरियाणा पॉलिसी हुई लॉन्च, राज्य में 5 लाख करोड़ निवेश का लक्ष्य

मेक इन हरियाणा पॉलिसी के लॉन्चिंग के समय सीएम ने जल्द राज्य में नई लेंड पुलिंग पॉलिसी लाने की घोषणा की.

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मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Haryana Team

Published : June 1, 2026 at 7:37 PM IST

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गुरुग्रामः मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को गुरुग्राम में मेक इन हरियाणा इंडस्ट्रियल पॉलिसी को लॉन्च किया. प्रदेश में 5 लाख करोड़ के निवेश का लक्ष्य लेकर लॉन्च की गई इस पॉलिसी के पहले ही दिन 1 लाख 10 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों के एमओयू हुए. इसके साथ-साथ उन्होंने 9 नई सेक्टोरल पॉलिसी, एक स्मार्ट निवेश सुविधा पोर्टल को भी लॉन्च किया.

सरल निवेश प्रक्रिया होगी: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लोगों का भी अनावरण किया. इस दौरान अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि इस "नई पॉलिसी से उद्योग और सशक्त होंगे. निवेश प्रक्रिया सरल होगी और विकास के अवसर और अधिक व्यापक होंगे. इससे प्रदेश को एक नई दशा और दिशा मिलेगी."

मेक इन हरियाणा पॉलिसी हुआ लॉन्च (ETV Bharat)

आर्थिक विकास के अगले चरण का रोडमैप है नई पॉलिसीः मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि "आज दुनिया में निवेश करने का तरीका बदल रहा है. उद्योग केवल इंसेंटिव ही नहीं देखते, वे इकोसिस्टम भी देखते हैं. वे पूछते हैं कि कौन सा राज्य तेजी से निर्णय ले सकता है? कौन सा राज्य भरोसा दे सकता है? कौन–सा राज्य लंबे समय तक ग्रोथ पार्टनर बन सकता है? यही वह क्षेत्र है, जहां हरियाणा नेतृत्व करने जा रहा है. मेक इन हरियाणा' केवल एक इंडस्ट्रियल पॉलिसी नहीं है. यह हरियाणा के आर्थिक विकास के अगले चरण का रोडमैप है. ऐसा रोडमैप जो, कॉम्पिटिटिवनेस, इनोवेशन, सस्टेनेबिलिटी, एक्सपोर्टस, रोजगार और फ्यूचर–रेडी मैन्युफैक्चरिंग पर आधारित है."

'इन्वेस्टिंग इन हरियाणा का मतलब इन्वेस्टिंग इन फ्यूचर': मुख्यमंत्री ने निवेशकों से आह्वान किया कि "हरियाणा में निवेश कीजिए. हरियाणा के साथ बढ़िए और अपने भविष्य का निर्माण कीजिए. इन्वेस्टिंग इन हरियाणा का मतलब इन्वेस्टिंग इन फ्यूचर है." उन्होंने कहा कि "प्रदेश में जल्द ही हरियाणा ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का आयोजन किया जाएगा."

'हरियाणा देश की सबसे मजबूत अर्थव्यवस्थाओं में से एक': मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि "हरियाणा देश की सबसे मजबूत औद्योगिक अर्थव्यवस्थाओं में से एक है. देश के केवल 1.3 प्रतिशत भू–भाग के बावजूद हरियाणा भारत की जीडीपी में लगभग 3.6 प्रतिशत योगदान देता है. एक्सप्रेसवेज, फ्रेट कॉरिडोर्स, रेल कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स हब्स और एनसीआर तक सीधी पहुंच ने हरियाणा को भारत के सबसे राजनीतिक इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन्स में बदल दिया है." उन्होंने कहा कि "आज ग्लोबल कंपनियां हरियाणा को मैन्युफैक्चरिंग डेस्टिनेशन के साथ ग्रोथ डेस्टिनेशन के रूप में भी देख रही हैं."

इंडस्ट्री को हरियाणा पर भरोसा: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि "आज लगभग 80 हजार करोड़ रुपये के जो इन्वेस्टमेंट प्रपोजल्स साइन हुए हैं, वे एक बहुत मजबूत संदेश देते हैं. इंडस्ट्री को हरियाणा पर भरोसा है. ये इन्वेस्टमेंट केवल एक आंकड़ा नहीं हैं. ये नए उद्योग हैं. नई सप्लाई चेन हैं. एमएसएमई के लिए नए अवसर हैं. युवाओं के लिए नए रोजगार हैं और हरियाणा की अर्थव्यवस्था के लिए नई ऊर्जा हैं." उन्होंने उन सभी इन्वेस्टर्स और इंडस्ट्री लीडर्स का धन्यवाद किया जिन्होंने हरियाणा को अपना ग्रोथ पार्टनर चुना है."

'फ्यूचर इंडस्ट्रीज का पावरहाउस बनेगा हरियाणा': उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि "आज का दिन हरियाणा के औद्योगिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा. राज्य सरकार केवल नई नीतियां लागू करने तक सीमित नहीं है, बल्कि हरियाणा की औद्योगिक सोच को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप आकार देने का कार्य कर रही है. सरकार का लक्ष्य हरियाणा को केवल मैन्युफैक्चरिंग डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करना नहीं, बल्कि इसे इनोवेशन, एक्सपोर्ट, टेक्नोलॉजी और भविष्य की उद्योगों का प्रमुख केंद्र बनाना है." उन्होंने कहा कि "आज हुए निवेश समझौते, नई साझेदारियां और उद्योग जगत की सकारात्मक भागीदारी इस बात का प्रमाण हैं कि हरियाणा निवेशकों के लिए सबसे भरोसेमंद राज्यों में शामिल हो रहा है."

वास्तविक निवेश धरातल पर दिखेगी: उन्होंने कहा कि उद्योगों द्वारा व्यक्त किए गए निवेश प्रस्ताव केवल आंकड़े नहीं हैं, बल्कि वे आने वाले समय में वास्तविक निवेश और रोजगार सृजन के रूप में धरातल पर दिखाई देंगे. उन्होंने उद्योगपतियों का आह्वान करते हुए कहा कि "हरियाणा सरकार निवेशकों को आवश्यक सुविधाएं, अनुकूल नीतियां और बेहतर प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, ताकि हरियाणा विकसित भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभा सके."

इन कंपनियों ने किया एमओयू: एनटीएफ ग्रुप, औमोवियो, प्रोटेरियल, नेशनल आस्ट्रेलियन बैंक ग्लोबल इनोवेशन सेंटर, सुमितोमो कॉर्पोरेशन इंडिया, रिलायंस एमईटीएल, स्टार वायर, सात्विक ग्रप, ईंडिया सेल एलायंस, गौतम सोलर, वीनस रेमेडिस, वरूण बेवरेजिस, होरिजोन इंडस्ट्रिएल, अनंत राज, वैलसपम वन, स्टार सीमेंट, जीएलएस ग्रुप, एसएमटीए, करनाल फॉर्मा पार्क, यूनिवर्सल सक्सेस एनटरप्राइजेस, रैकबैंक और अंबर ग्रुप.

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