मकर संक्रांति 2026 : सजा तिल का बाजार, लड्डू पापड़ी और गजक खरीदने उमड़ी भीड़, पुराणों में दान की मान्यता
मकर संक्रांति से पहले तिल का बाजार सज चुका है. ऐसा माना जाता है कि संक्रांति में तिल दान करना पुण्य प्रदान करता है.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : January 9, 2026 at 5:47 PM IST
रायपुर : 14 जनवरी को हर साल की तरह इस बार भी मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाएगा. मकर संक्रांति में तिल का दान करना पुण्य का काम माना जाता है. ऐसे में इस दिन लोग तिल का दान करने के साथ ही तिल से बनी सामग्री का सेवन भी करते हैं. मकर संक्रांति को देखते हुए राजधानी में तिल से बनी सामग्री का बाजार भी सज गया है.
बाजार में तिल से बने पकवान
मकर संक्रांति में लोग तिल और गुड से बने लड्डू, पापड़ी, गजक रेवड़ी जैसे चीजों की बिक्री भी बढ़ जाती है. लोग इन चीजों का दान करने के साथ ही इसका सेवन भी करते हैं. क्योंकि ठंड के समय इसकी तासीर गर्म होती है. ठंड की वजह से भी लोग तिल से बने सामग्री का सेवन करते हैं. तिल से बनी सामग्री की ज्यादातर बिक्री पर्व के नजदीक आते ही दो दिनों के लिए होती है.


तिल का दान करना सबसे बड़ा दान कहलाता है. तिल से बने सामग्री की बिक्री त्यौहार के दो दिनों में होती है. मकर संक्रांति के दिन तिल का दान किया जाता है. ठंड शुरू होने से लेकर ठंड के खत्म होने तक लोग तिल से बने सामग्री की जमकर खरीदी करते हैं. दुकानदार का मानना है कि धर्म से संबंधित जो भी व्यापार होता है वह काफी अच्छा होता है- मुकेश अग्रवाल, दुकानदार

पहले की तुलना में घट गई ग्राहकी
वहीं दुकानदार मोहित शर्मा ने बताया कि मकर संक्रांति के मौके पर लोग तिल से बनी सामग्री की खरीदी करते हैं और यह खरीदी 13 और 14 जनवरी को ज्यादा होती है. बाकी दिनों में ग्राहकी नहीं होती है. मकर संक्रांति के पर्व के अवसर पर लोग ज्यादातर तिल और फल्ली की पापड़ी की खरीदी करते हैं. ग्राहकी भी पहले की तुलना में घट गई है.
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