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मेरठ में छात्रा हत्याकांड पर भारी बवाल, प्रदर्शनकारियों पर पुलिस का लाठीचार्ज, अमरोहा का अपराधी निकला मुख्य सूत्रधार

एसएसपी के वीडियो से मची सियासी हलचल, छात्रा की हत्या के बाद रणक्षेत्र बना कलेक्ट्रेट!

मेरठ में छात्रा हत्याकांड के बाद कोहराम
मेरठ में छात्रा हत्याकांड के बाद कोहराम (Photo Credit: ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : July 9, 2026 at 8:13 AM IST

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Updated : July 9, 2026 at 2:42 PM IST

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मेरठ: छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड के बाद शहर का माहौल गर्म है. दलित छात्रा हत्याकांड में आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर लोगों ने कलेक्ट्रेट के सामने उग्र प्रदर्शन किया. हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा. इस मामले में साजिश के मुख्य सूत्रधार का खुलासा पुलिस ने किया है

अमरोहा का जिला बदर अपराधी मास्टरमाइंड: मेरठ प्रदर्शन और बवाल मामले में पुलिस ने मुख्य सूत्रधार दिग्विजय सिंह भाटी को माना है. उसके और उसके साथियों के विरुद्ध थाना सिविल लाइन पर मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस ने दिग्विजय भाटी को बलवे का मुख्य सूत्रधार माना है, उसके अलावा रवि गौतम, सुशील गौतम और हिमांशु सिद्धार्थ हैं.

बवाल का मुख्य सूत्रधार अमरोहा का दिग्विजय सिंह
बवाल का मुख्य सूत्रधार अमरोहा का दिग्विजय सिंह भाटी (Photo Credit: ETV Bharat)

एसपी देहात अभिजीत कुमार ने बताया कि, दिग्विजय भाटी पर पहले से ही 9 मुकदमे पंजीकृत हैं, उसकी कुंडली भी पुलिस ने खंगाल ली है. उस पर एक बैंक मैनेजर को बैंक में घुसकर जातिसूचक शब्द बोलकर धमकाने का आरोप है. वहीं टोल बूथ पर बैरियर तोड़ने और टोल कर्मचारियों को धमकाने, रेप पीड़िता की मां को धमकाने का मुकदमा भी दर्ज है. इसी के साथ अन्य गुंडागर्दी के मुकदमे भी दर्ज हैं.

मेरठ बवाल के मुख्य सूत्रधार पर FIR (Video Credit: ETV Bharat)

मृतक के गांव में पुलिस का पहरा: रोहटा थाना क्षेत्र के थिरोट गांव की बाहरी सीमाओं के पास पुलिस तैनात कर दी गई है. गांव में पुलिस की नाकाबंदी है, मीडिया और बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश बंद कर दिया गया है. दरअसल सियासी हलचल को देखते हुए पुलिस अलर्ट मोड में है. हत्या के आरोपी को पुलिस पहले ही गिरफ्तार करके जेल भेज चुकी है.

मेरठ बवाल मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी
मेरठ बवाल मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी (Photo Credit: ETV Bharat)

उग्र प्रदर्शन से बढ़ा तनाव: बीए छात्रा की हत्या के बाद से बीते कई दिन से परिजन मंडल मुख्यालय के ठीक सामने स्थित चौधरी चरण सिंह पार्क में बैठकर इंसाफ की गुहार लगाने आ रहे थे. बुधवार को मृतका के परिजन और सैकड़ों अन्य लोग भी कलक्ट्रेट पहुंच गए. लोगों की भीड़ को देखते हुए कलेक्ट्रेट गेट पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने गेट बंद कर दियाा. प्रदर्शनकारी बीच सड़क पर धरने पर बैठ गए. पुलिस की तरफ से लोगों को शांत करने का प्रयास किया तो प्रदर्शनकारियों ने हंगामा कर दिया.

मेरठ में छात्रा हत्याकांड पर भारी बवाल (Video Credit: ETV Bharat)

बवाल में पुलिसकर्मी घायल: धरना-प्रदर्शन के दौरान अचानक भारी बवाल हो गया. उपद्रवियों ने रोकने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की की, और पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला कर दिया, इस हिंसक झड़प में 11 पुलिसकर्मी घायल हो गए. इस पूरे मामले में पुलिस ने हंगामा करने के आरोप और अन्य धाराओं में मौके से 50 से 60 लोगों को हिरासत में लिया है. लगभग 20 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. जिसमें करीब 13 नामजद FIR है.

पिटाई वाले वीडियो से मचा बवाल: प्रदर्शनकारियों पर पुलिसिया कार्रवाई का अब जमकर विरोध हो रहा है. पिटाई का एक वीडियो वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग विपक्ष के निशाने पर है. पुलिस पर अभद्रता करने का आरोप लगा है. अखिलेश यादव ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है. इस बवाल की आग नोएडा, गाजियाबाद और आसपास के जिलों तक पहुंच चुकी है. नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद भी आज मेरठ पहुंच सकते हैं.

सोशल मीडिया पर वायरल बल प्रयोग और लाठीचार्ज की वायरल वीडियो में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मेरठ द्वारा पुलिस वाहन में बैठे एक अधिवक्ता को थप्पड़ मारते हुए भी देखा जा रहा है. यह पुलिस की गरिमा, कानून के शासन और नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है. इसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई होना आवश्यक है.- देवेन्द्र सिंह राणा, राष्ट्रीय संगठन मंत्री, आजाद अधिकार सेना

पुलिस ने रखा अपना पक्ष: इस बारे में पुलिस अपना बचाव कर रही है. एसएसपी ने कहा कि, इस प्रोटेस्ट के जरिए कुछ लोगों ने माहौल खराब करने की कोशिश की.पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे मुख्य चेहरे पेशेवर अपराधी हैं, और उनके खिलाफ पहले से ही हत्या और जानलेवा हमले जैसे कई गंभीर मामले दर्ज हैं.

प्रदर्शन के दौरान कलेक्ट्रेट के गेट पर सड़क को जाम कर दिया गया. जिसमें बच्चे, बुजुर्ग और एंबुलेंस भी फंस गए. प्रदर्शनकारियों को तमाम अधिकारियों ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने सड़क को जाम मुक्त नहीं किया. जिसके बाद हल्का बल प्रयोग कर सभी को वहां से हटाया गया. गिरफ्तार किए गए अभियुक्त जनपद का माहौल बिगाड़ना चाहते थे.- अविनाश पांडे,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक

क्या है पूरा मामला: 17 मई को रोहटा थाना क्षेत्र के उकसिया गांव के गन्ने के खेत में ललिता का शव मिला था. 24 घंटे के अंदर ही पुलिस ने इस मामले में आरोपियों को पकड़ने का दावा किया. पुलिस ने बताया कि, 3 साल से आरोपी की ललिता से दोस्ती थी. उसे ललिता के किसी दूसरे युवक से बात करने का शक था. इसको लेकर दोनों के बीच झगड़ा हुआ था. जिसके बाद इसी रंजिश में अंकुश ने अपने साथियों के साथ मिलकर ललिता की हत्या कर दी थी.

मुख्य आरोपी के साथ-साथ अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया था. इसी महीने की 7 जुलाई को विवेचक ने पीड़ित परिवार के बीच जाकर भी वार्ता की थी. जिसमें उन्होंने पूरे मामले में जांच से संतुष्ट खुद को बताया था. इस पूरे मामले में शीघ्र ही आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया जाएगा.- सौम्या अस्थाना, सीओ, ब्रह्मपुरी

उच्चस्तरीय जांच की मांग: आजाद अधिकार सेना ने इस मामले में मुख्यमंत्री, पुलिस महानिदेशक,मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव (गृह), आयुक्त मेरठ मंडल, अपर पुलिस महानिदेशक मेरठ जोन, पुलिस उपमहानिरीक्षक मेरठ रेंज, जिलाधिकारी मेरठ, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और उत्तर प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग को विस्तृत शिकायत भेजकर उच्चस्तरीय जांच एवं कठोर कार्रवाई की मांग की है.

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Last Updated : July 9, 2026 at 2:42 PM IST