HTET परीक्षा में बड़ी चूक! बिना सील के बांटे गए प्रश्न पत्र, एग्जाम के निष्पक्षता पर परीक्षार्थी ने उठाए सवाल
HTET परीक्षा में प्रिंटिंग और ट्रांसलेशन की कई गलतियों से परीक्षार्थियों ने नाराजगी व्यक्त करते हुए ग्रेस मार्क्स देने की मांग की.

Published : July 5, 2026 at 5:36 PM IST
चरखी दादरी: हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा (एचटेट) के आयोजन के दौरान प्रश्न पत्रों में सामने आई गंभीर खामियों ने अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ा दी है. दादरी में परीक्षा देकर बाहर निकले कई परीक्षार्थियों ने आरोप लगाया कि उन्हें बिना सील वाले प्रश्न पत्र वितरित किए गए, जिससे परीक्षा की गोपनीयता और निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए. अभ्यर्थियों का कहना है कि "पहली बार उन्होंने किसी प्रतियोगी परीक्षा में खुले प्रश्न पत्र देखे हैं."
अंग्रेजी में Urine, हिन्दी विकल्प में Wine: परीक्षार्थियों ने प्रश्न पत्र में अनेक प्रिंटिंग और अनुवाद संबंधी त्रुटियों का भी दावा किया. उनके अनुसार, एक प्रश्न में अंग्रेजी और हिंदी के विकल्प अलग-अलग छपे थे, जबकि ग्लिसरॉल जैसे वैज्ञानिक शब्द की स्पेलिंग भी गलत लिखी गई. सबसे गंभीर गलती प्रश्न संख्या 124 में सामने आई, जहां अंग्रेजी में ‘Increase in Urine Volume’ की जगह ‘Increase in Wine Volume’ छपा था, जबकि हिंदी में सही अर्थ "मूत्र" दिया गया था. इससे अभ्यर्थियों में भ्रम की स्थिति बनी.
'तकनीकी और भाषाई स्तर पर भारी लापरवाही': अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि प्रश्न पत्र जल्दबाजी में तैयार किया गया है और इसमें तकनीकी और भाषाई स्तर पर भारी लापरवाही हुई है. उन्होंने शिक्षा बोर्ड से इन त्रुटियों की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने तथा प्रभावित परीक्षार्थियों को ग्रेस मार्क्स देने की मांग की है. साथ ही, बिना सील प्रश्न पत्र वितरण के मामले की भी निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है.
खामियों के बारे में बोर्ड को कराया जायेगा अवगतः मामले को लेकर एसडीएम डॉ. वीरेंद्र सिंह ने फोन पर बताया कि "मामला संज्ञान में आया है, इस बारे शिक्षा बोर्ड को अवगत करवाया जाएगा."

