हरियाणा में ओपन स्कूल की शिक्षा और परीक्षा पद्धति में जल्द होगा बड़ा बदलाव, बोर्ड के चेयरमेन का बयान
हरियाणा ओपन स्कूल के बच्चों को पढ़ाई के लिए स्टडी मेटेरियल मिलेगा. साथ ही साल में 2 बार परीक्षा का विकल्प मिलेगा.

Published : December 21, 2025 at 8:29 PM IST
भिवानी: हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ओपन स्कूल की शिक्षा, परीक्षा सहित अन्य पद्धतियों में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है. छात्रों के लिए जिले स्तर पर स्टडी सेंटर, साल में 2 बार परीक्षा का अवसर, 30 घंटे तक क्लास रूम प्रोग्राम का विकल्प, विज्ञान के छात्रों के लिए प्रायोगिक कक्षाओं की व्यवस्था की जाएगी. ये जानकारी हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार ने रविवार को मीडिया से बातचीत के दौरान कही.
हरियाणा में ओपन स्कूलिंग की व्यवस्था 1992 से जारीः बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार ने कहा कि हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन के रेगुलर विद्यार्थियों की तरह 1992 से लगातार चल रहा है. बीच-बीच में कई बदलाव किए गए हैं. इसके बावजूद कई और बदलाव की जरूरत है. इस पर जल्द ही अमल किया जायेगा. यह बदलाव केंद्रीय ओपन स्कूलिंग सिस्टम, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड स्टेट की ओपन स्कूलिंग सिस्टम का अध्ययन कर किया जा रहा है.
ओपन स्कूलिंग में प्रमुख बदलाव की तैयारी
- रेगुलर और ओपन के लिए सिलेबस एक समान होगा.
- हर जिले में ओपन स्कूल का स्टडी सेंटर खुलेगा, जहां पढ़ने-लिखने, सलाह-सुझाव की व्यवस्था होगी.
- ओपन स्कूल के छात्रों के लिए कम से कम 30 घंटे क्लास रूम पढ़ाई की वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी.
- स्टडी सेंटर पर विज्ञान संकाय के छात्रों के लिए आवश्यकता के अनुरूप प्रायोगिक कक्षाओं की व्यवस्था की जाएगी.
- ओपन स्कूल में दाखिला लेने वाले छात्रों को स्टडी मैटेरियल उपलब्ध कराया जायेगा.
- रेगुलर से अलग ओपन स्कूल के छात्रों के लिए परीक्षा होगी.
- प्रश्न पत्र भी ओपन स्कूल के छात्रों को मिलने वाली शिक्षा के स्तर को ध्यान में रखकर तैयार किया जायेगा.
- ओपन स्कूल के छात्रों के लिए साल में 2 बार मई और दिसंबर में परीक्षा का आयोजन किया जायेगा.
परीक्षा के पैटर्न में भी बदलावः बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार ने कहा कि अभी तक रेगुलर विद्यार्थियों की परीक्षा के साथ ओपन स्कूल के बच्चों की परीक्षा होती थी. क्वेश्चन पेपर का स्तर भी एक होता था. एक ओर जहां रेगुलर के छात्रों को सभी सुविधाएं होती थी. वहीं ओपन स्कूल के छात्र स्वयं की पढ़ाई पर आश्रित होते थे. ऐसे में दोनों के एक ही स्तर पर प्रश्न पत्र होने से ओपन स्कूल के छात्रों के साथ नाइंसाफी हो रही थी क्योंकि उन्हें उतना ही सिलेबस करना पड़ता था जितना एक रेगुलर स्टूडेंट को करना पड़ता है. अब हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने फैसला लिया है परीक्षा के इस पैटर्न में बदलाव किया जायेगा.

