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करोड़ों के घोटाले में बड़ी कार्रवाई, सुपरिंटेंडेंट नरेश कुमार नौकरी से बर्खास्त, रिश्वत में मिली फॉर्च्यूनर और मोहाली में घर

हरियाणा सरकार ने विकास एवं पंचायत विभाग के सुपरिंटेंडेंट नरेश कुमार को तुरंत प्रभाव से नौकरी से बर्खास्त कर दिया है. जानें पूरा मामला.

Action in Haryana Bank Scam
Action in Haryana Bank Scam (Canva)
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By ETV Bharat Haryana Team

Published : April 24, 2026 at 8:06 PM IST

3 Min Read
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चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में घिरे विकास एवं पंचायत विभाग के सुपरिंटेंडेंट नरेश कुमार को तुरंत प्रभाव से नौकरी से बर्खास्त कर दिया है. ये कार्रवाई भारत के संविधान के अनुच्छेद 311(2)(b) के तहत मिली शक्तियों का उपयोग करते हुए की गई है, जिसके अंतर्गत ऐसे मामलों में नियमित विभागीय जांच की आवश्यकता नहीं होती, जहां इसे व्यावहारिक रूप से संभव ना माना जाए.

सरकारी खजाने को लगाया करोड़ों का चूना: मामले की जांच स्टेट विजिलेंस और एंटी-करप्शन ब्यूरो (SV&ACB) द्वारा की जा रही है. जांच में खुलासा हुआ है कि नरेश कुमार ने निजी व्यक्तियों और बैंक अधिकारियों के साथ मिलकर "स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट्स" (Swastik Desh Projects) नाम की एक फर्जी (शेल) कंपनी बनाई थी. इस कंपनी का उपयोग सरकारी फंड को डाइवर्ट करने के लिए एक माध्यम के रूप में किया गया. जांच रिपोर्ट के अनुसार, इस शेल कंपनी के खाते से नरेश कुमार के निजी खातों और उनकी बेटी रूपल के खाते में करोड़ों रुपये ट्रांसफर किए गए.

Action in Haryana Bank Scam
करोड़ों के घोटाले में बड़ी कार्रवाई (Haryana Government)

रिश्वत में मिली फॉर्च्यूनर और मोहाली में घर: दस्तावेजों के अनुसार, नरेश कुमार ने इस घोटाले के बदले भारी रिश्वत ली. उन्हें जनवरी 2026 में एक फॉर्च्यूनर गाड़ी (नंबर CH 01 DB 6911) रिश्वत के रूप में दी गई थी. इसके अलावा, उन्होंने अपनी पत्नी के नाम पर आईटी सिटी, सेक्टर-66बी, मोहाली में लगभग 1 करोड़ रुपये का एक मकान भी खरीदा. जांच में सामने आया है कि नरेश कुमार को विभिन्न तारीखों पर बैंक खातों के माध्यम से कुल 6.45 करोड़ रुपये और कई बार नकद (कैश) में भी रिश्वत दी गई.

Action in Haryana Bank Scam
करोड़ों के घोटाले में बड़ी कार्रवाई (Haryana Government)

अब सीबीआई करेगी मामले की जांच: हरियाणा सरकार ने इस घोटाले की गहराई और इसमें शामिल बाहरी एजेंसियों की भूमिका को देखते हुए अब इस पूरे मामले की विस्तृत जांच सीबीआई (CBI) को सौंप दी है. विभाग का मानना है कि नरेश कुमार एक सुनियोजित आपराधिक साजिश का अहम हिस्सा थे और उनके पद पर बने रहने से गवाहों को डराने और सबूतों के साथ छेड़छाड़ का गंभीर खतरा था.

Action in Haryana Bank Scam
करोड़ों के घोटाले में बड़ी कार्रवाई (Haryana Government)
Action in Haryana Bank Scam
करोड़ों के घोटाले में बड़ी कार्रवाई (Haryana Government)

भविष्य में सरकारी नौकरी पर रोक: आदेश में साफ किया गया है कि नरेश कुमार की ये बर्खास्तगी भविष्य में किसी भी सरकारी नौकरी के लिए एक अयोग्यता (disqualification) मानी जाएगी. नरेश कुमार को 6 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार किया गया था और तब से वो निलंबित (suspension) चल रहे थे.

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