अब CBSE स्कूलों में पढ़ाई जाएगी मैथिली, CM सम्राट चौधरी ने कहा- गौरव का विषय
सीबीएसई के सिलेबस में मैथिली को भी शामिल कर लिया गया है. सीएम सम्राट चौधरी ने इसे गर्व का विषय बताया है. पढ़ें पूरी खबर..

Published : May 25, 2026 at 3:19 PM IST
पटना: बिहार की मुख्य भाषाओं में शामिल मैथिली को बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के पाठ्यक्रम में मैथिली भाषा को मातृभाषा विषय के रूप में मान्यता मिल गई है. अब पहली कक्षा से माध्यमिक स्तर तक के बच्चे मैथिली की पढ़ाई कर सकेंगे.
सीएम ने किया स्वागत: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस फैसले का स्वागत किया है. उन्होंने इसे बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह निर्णय न केवल मैथिली भाषा को नई पहचान देगा, बल्कि आने वाले पीढ़ियों को अपनी मातृभाषा, संस्कृति और जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम भी बनेगा.
मिथिला की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और मातृभाषा मैथिली को शिक्षा व्यवस्था में सशक्त स्थान दिलाने की दिशा में लिया गया यह निर्णय ऐतिहासिक एवं अत्यंत स्वागतयोग्य है।
— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) May 25, 2026
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के पाठ्यक्रम में कक्षा 1 से माध्यमिक स्तर तक मैथिली भाषा को मातृभाषा विषय के… pic.twitter.com/PCcTnMEXDv
"मिथिला की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और मातृभाषा मैथिली को शिक्षा व्यवस्था में सशक्त स्थान दिलाने की दिशा में लिया गया यह निर्णय ऐतिहासिक एवं अत्यंत स्वागतयोग्य है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारतीय भाषाओं, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन को निरंतर नई मजबूती मिल रही है."- सम्राट चौधरी, मुख्यमंत्री, बिहार
गोपाल जी ठाकुर ने की थी मांग: इस बाबत दरभंगा से बीजेपी सांसद गोपाल जी ठाकुर ने 8 फरवरी 2026 को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और शिक्षा राज्यमंत्री जयंत चौधरी से मिलकर मैथिली भाषा को सीबीएसई के पाठ्यक्रम में भाषा के रूप में शामिल करने की मांग की थी. जिस पर अब केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने पहल करते हुए मैथिली को मातृभाषा के रूप में मान्यता दे दी है.
जयंत चौधरी ने दी जानकारी: केंद्रीय शिक्षा राज्यमंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गोपाल जी ठाकुर को पत्र लिखकर इस फैसले की जानकारी दी. उन्होंने पत्र में लिखा, 'मैंने राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) से इस संबंध में जांच करवाई है. एनसीईआरटी द्वारा अवगत कराया गया है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 की अनुशंसा के अनुसार कक्षा 5 तक तथा यथासंभव कक्षा 8 तक विद्यार्थियों की मातृभाषा को शिक्षण का माध्यम बनाया जाएगा.'
जयंत चौधरी ने आगे लिखा, 'मैथिली, संविधान की आठवीं अनुसूची में सूचीबद्ध 22 भाषाओं में से एक है। एनसीईआरटी ने मैथिली सहित 121 भारतीय भाषाओं में प्राइमर विकसित किए हैं. इसके अतिरिक्त, एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों का अनुवाद मैथिली सहित 22 अनुसूचित भाषाओं में किया जा रहा है. एनसीईआरटी, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 तथा राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (स्कूल शिक्षा) 2023 के क्रियान्वयन में राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को शैक्षणिक सहयोग प्रदान करता है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार, मैथिली भाषा को स्कूल के पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है.'
सीबीएसई की वेबसाइट पर पूरी जानकारी: मंत्री ने पत्र में लिखा कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने अवगत कराया है कि बोर्ड द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 से माध्यमिक स्तर पर सीबीएसई पाठ्यक्रम में मैथिली विषय को सम्मिलित किया गया है। मैथिली भाषा का पाठ्यक्रम सीबीएसई की अकादमिक वेबसाइट पर उपलब्ध है.
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