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रंगों के त्योहार पर 'ग्रहण', बंद हो जाएंगे मंदिरों के पट, चंद्रग्रहण और सूतक काल का समय

3 मार्च को लगने जा रहा साल का पहला चंद्रग्रहण, सूतक काल लगने के पहले बंद हो जाएंगे मंदिरों के पट, पढ़िए कब होगी होली.

MAIHAR SHARDA MATA TEMPLE CLOSED
होली पर चंद्रग्रहण (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : March 1, 2026 at 3:40 PM IST

4 Min Read
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मैहर: इस बार रंगों पर त्योहार होली पर ग्रहण का साया पड़ने जा रहा है. सनातन धर्म में ग्रहण का खास महत्व है. 3 मार्च को साल का पहला चंद्रग्रहण पड़ने जा रहा है. चंद्र ग्रहण पूर्णिमा तिथि पर लगता है. चंद्रग्रहण भारत सहित दूसरे देशों में भी दिखाई देगा. चंद्रग्रहण के कारण 3 मार्च को शाम से ही मंदिरों और भगवान के पट बंद हो जाएंगे. पढ़िए कितने बजे चंद्रग्रहण लगेगा और कब से सूतक काल शुरू होगा और कब बंद हो जाएंगे मंदिरों के पट.

होलिका दहन का मुहूर्त और तारीख

इस साल चंद्रग्रहण को लेकर लोगों के मन में होलिका दहन और होली के त्योहार को लेकर बहुत कनफ्यूजन है. फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि यानि 2 मार्च को शाम 5 बजकर 55 मिनट से शुरू होकर दूसरे दिन 3 मार्च को शाम 5 बजकर 7 मिनट तक रहेगी. वहीं 3 मार्च को साल का पहला चंद्रग्रहण लगने जा रहा है, जो दोपहर 3 बजकर 20 मिनट से शाम 47 मिनट तक चंद्रग्रहण लग रहा है. लिहाजा 2 मार्च को होलिका दहन किया जाएगा और 4 मार्च को होली मनाई जाएगी.

3 मार्च को कितने बजे लग रहा चंद्रग्रहण

3 मार्च को दोपहर 3 बजकर 20 मिनट से शाम को 6 बजकर 47 मिनट तक चंद्रग्रहण रहेगा. सुबह 6 बजकर 20 मिनट पर सूतक काल लग जाएगा. इस दौरान कोई भी शुभ काम, पूजा-पाठ नहीं होंगे. गर्भवती महिलाएं घर से बाहर नहीं निकल सकतीं. सूतक काल लगने के बाद से चंद्रग्रहण तक मंदिरों के पट बंद रहेंगे. एमपी के मैहर में त्रिकूट पर्वत पर विराजमान मां शारदा के दर्शन करने आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण सूचना जारी कर दी गई है.

ग्रहण के चलते मंदिरों के पट हो जाएंगे बंद

3 मार्च को लगने वाले चंद्रग्रहण के चलते मां शारदा मंदिर की दर्शन व्यवस्था में अस्थायी बदलाव किया गया है. मंदिर की प्राचीन धार्मिक परंपराओं और ग्रहण काल के नियमों का पालन करते हुए 3 मार्च की शाम को गर्भगृह के पट निर्धारित समय से पहले बंद कर दिए जाएंगे. मंदिर के प्रधान पुजारी पवन महाराज द्वारा जारी सूचना के अनुसार, श्रद्धालुओं से दर्शन के लिए निर्धारित समय का विशेष ध्यान रखने की अपील की गई है, ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो.

3 मार्च को शाम 5:30 बजे बंद होंगे गर्भगृह के पट

मंदिर प्रशासन द्वारा जारी समय-सारणी के अनुसार 3 मार्च को चंद्रग्रहण के दिन शाम 5:00 बजे मां शारदा की सांध्यकालीन आरती व विशेष पूजन किया जाएगा. आरती के बाद ठीक शाम 5:30 बजे गर्भगृह के पट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ बंद कर दिए जाएंगे. पट बंद होने के बाद मंदिर के गर्भगृह में किसी भी श्रद्धालु को प्रवेश या दर्शन की अनुमति नहीं होगी. इसलिए मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि वे समय रहते मंदिर पहुंचकर दर्शन कर लें.

ग्रहण समाप्ति के बाद 4 मार्च को होगा शुद्धिकरण

चंद्रग्रहण समाप्त होने के बाद 4 मार्च को मंदिर के गर्भगृह का विधि-विधान से शुद्धिकरण किया जाएगा. इसके बाद मां शारदा का पवित्र जल से अभिषेक एवं विशेष पूजा-अर्चना संपन्न की जाएगी. पूजन और अभिषेक की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद ही गर्भगृह के पट दोबारा श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोले जाएंगे. इसके बाद नियमित दर्शन व्यवस्था शुरू हो जाएगी.

प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं मैहर

मां शारदा मंदिर देश के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक माना जाता है, जहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं. विशेष अवसरों और त्योहारों पर श्रद्धालुओं की संख्या लाखों तक पहुंच जाती है. चंद्रग्रहण के कारण दर्शन व्यवस्था में बदलाव होने से दूर-दराज से आने वाले भक्तों को पहले से जानकारी देना आवश्यक माना गया है.

श्रद्धालुओं से समय का ध्यान रखने की अपील

मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि जो भक्त 3 मार्च को दर्शन के लिए आने वाले हैं, वे शाम 5:30 बजे से पहले मंदिर परिसर पहुंच जाएं. निर्धारित समय के बाद दर्शन संभव नहीं होगा. प्रबंधन ने श्रद्धालुओं से मंदिर परिसर में अनुशासन और व्यवस्था बनाए रखने व प्रशासन का सहयोग करने का भी अनुरोध किया है, ताकि सभी भक्तों को सुगमता से दर्शन का लाभ मिल सके.