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मैहर में फूटी पाइपलाइन से हड़कंप, आदिवासी छात्रावास में घुसा पानी, क्षेत्र का यातायात प्रभावित

मैहर में पाइपलाइ फटने से धंसी सड़क, आदिवासी छात्रावास परिसर में भरा पानी, एसडीएम ने दिया जांच का आदेश.

MAIHAR WATER ENTERING HOSTEL
मैहर में फटी पाइपलाइन जलभराव कि स्थिति (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : January 7, 2026 at 8:49 PM IST

2 Min Read
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मैहर: अमरपाटन स्थित शासकीय महाविद्यालय के पास नल-जल योजना के अंतर्गत बिछाई गई बाणसागर परियोजना की पाइपलाइन अचानक फूट गई. हैवी प्रेशर के साथ निकला पानी सड़क पर फैल गया और आसपास के एरिया में भर गया. इससे सड़क का भी नुकसान हुआ है और आदिवासी छात्रावास परिसर में जलभराव की स्थिति बन गई है.

पाइपलाइन फटने से धंस गई सड़क

पाइपलाइन फटने के बाद पानी बीच सड़क पर फैल गया. जिससे कुछ ही समय में सड़क की परतें कमजोर हो गईं और करीब 4 इंच तक सड़क धंस गई. मार्ग से गुजरने वाले वाहन रोक दिए गए, जिससे क्षेत्र में यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई. इसके बाद घटनास्थल पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जमा हो गए. लोगों का कहना है कि यह केवल तकनीकी खराबी नहीं बल्कि निर्माण कार्य में लापरवाही और भ्रष्टाचार का परिणाम है.

मैहर में पाइपलाइ फटने से धंसी सड़क (ETV Bharat)

छात्रावास परिसर में भरा पानी

पाइपलाइन लीकेज का असर आसपास के इलाकों में भी देखने को मिला. पास स्थित शासकीय छात्रावास परिसर में पानी घुस गया. जिससे पूरे परिसर में जलभराव की स्थिति बन गई और छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की व्यवस्था करनी पड़ी. इस घटना में लाखों लीटर पानी बर्बाद हो गया है. अब लोगों की निगाहें प्रशासन की जांच रिपोर्ट और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं.

जिम्मेदारों पर कार्रवाई का आश्वासन

घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम आरती सिंह, तहसीलदार और थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे. एसडीएम आरती सिंह ने पानी की आपूर्ति बंद कराई और क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की मरम्मत के निर्देश दिए. एसडीएम आरती सिंह ने कहा कि "पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार एजेंसी और अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी. इसके साथ-साथ लापरवाही पूर्वक कार्य करने वालों को भी बख्शा नहीं जाएगा."

Maihar road waterlogging
मैहर में पाइपलाइ फटने से धंसी सड़क (ETV Bharat)

कांग्रेस नेता ने लगाया भ्रष्टाचार का आरोप

इस मामले पर कांग्रेस नेता कौशलेंद्र सिंह ने सरकार और कार्य कर रही कंपनी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा कि "मध्य प्रदेश सरकार की नल जल योजना जो कि 1600 करोड़ रुपये की है, उसमें भष्टाचार करते हुए कार्य किया जा रहा है. जिसका जीता-जाता उदाहरण आज सामने आया है. जहां पर टेस्टिंग के दौरान ही भ्रष्टाचार की पोल खुल गई और लाखों लीटर पानी व्यर्थ बह गया. सभी दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए."