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मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी की शान मादा तेंदुए नहीं रही, मौत का कारण ज्यादा उम्र

मैहर के मुकंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी से दुखद खबर. औसत उम्र से 5-6 साल ज्यादा जीवन पूरा करने वाली तेंदुए की मौत.

Mukundpur Safari leopard death
मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी की शान मादा तेंदुए नहीं रही (ETV BHARAT)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : January 5, 2026 at 7:20 PM IST

3 Min Read
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मैहर: मध्य प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण की पहचान बन चुकी मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी एक बार फिर चर्चा में है. इस बार वजह कोई गौरव या उपलब्धि नहीं, बल्कि दुखभरी खबर है. सफारी में संरक्षित 20 वर्षीय मादा तेंदुआ की 2 जनवरी की शाम मौत हो गई. सोमवार 5 जनवरी को इसे सार्वजनिक किया गया. 3 दिन तक घटना को छुपाने पर सफारी प्रबंधन पर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं.

तेंदुए की औसत उम्र 12 से 15 साल

वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार "प्राकृतिक परिस्थितियों में तेंदुए की औसत आयु 12 से 15 वर्ष के बीच होती है. ऐसे में 20 वर्ष तक जीवित रहना किसी भी तेंदुए के लिए असाधारण माना जाता है. मुकुंदपुर की यह मादा तेंदुआ सिर्फ एक जानवर नहीं थी, बल्कि संरक्षित वातावरण में सफल वन्यजीव प्रबंधन का उदाहरण मानी जाती थी."

Mukundpur Safari leopard death
पोस्टमार्टम के बाद किया अंतिम संस्कार (ETV BHARAT)

उम्र ज्यादा होने के कारण काफी कमजोर हो गई थी

सफारी प्रबंधन से जुड़े संजय रेखेड़े का कहना है "मादा तेंदुआ पिछले कुछ समय से सामान्य व्यवहार में नहीं थी. उसकी सक्रियता कम हो गई थी. वह अधिकांश समय सुस्त नजर आने लगी थी और भोजन की मात्रा भी धीरे-धीरे घटती जा रही थी. चिकित्सकीय टीम उसकी सेहत पर नजर बनाए हुए थी और नियमित जांच की जा रही थी. हालांकि बढ़ती उम्र के साथ उसकी शारीरिक स्थिति लगातार कमजोर होती चली गई."

5 साल पहले पन्ना टाइगर रिजर्व से आई थी

उम्रजनित कमजोरी ने उसके शरीर पर गहरा असर डाला, जिसके चलते अंततः उसकी जान नहीं बचाई जा सकी. इस मादा तेंदुआ को साल 2020 में पन्ना टाइगर रिजर्व से मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी लाया गया था. यहां उसे नियंत्रित और सुरक्षित वातावरण में रखा गया, जहां वह लंबे समय तक स्वस्थ रही पर्यटकों के लिए यह तेंदुआ मुकुंदपुर सफारी का प्रमुख आकर्षण बनी रही. उसकी मौजूदगी ने न सिर्फ सफारी की पहचान मजबूत की, बल्कि जैव-विविधता संरक्षण के प्रयासों को भी नई दिशा दी.

पोस्टमार्टम के बाद किया अंतिम संस्कार

तेंदुआ की मौत के बाद वन विभाग द्वारा नियमों के अनुसार पोस्टमार्टम कराया गया. इसके बाद वन्यजीव संरक्षण मानकों के तहत अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई. सफारी प्रबंधन का कहना है कि मौत के सटीक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद किया जाएगा. डीएफओ नितिन चांदीवल ने बताया "व्हाइट टाइगर सफारी में मादा तेंदुए की मौत हो गई है. उसकी उम्र ज्यादा हो गई थी."