जमीन लीज के विरोध में मैहर में किसानों ने भरी हुंकार, ट्रैक्टर रैली के बाद महापंचायत
मैहर में किसानों ने उपजाऊ कृषि जमीन को जबरन लीज पर लेने के विरोध में हल्ला बोला. सरकार को कड़ी चेतावनी दी.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : February 25, 2026 at 7:30 PM IST
मैहर : निजी सीमेंट कंपनी को कृषि भूमि लीज पर दिए जाने के प्रस्ताव के खिलाफ किसानों का आंदोलन तेज हो गया है. 40 वर्षों के लिए करीब 3600 एकड़ उपजाऊ जमीन लीज पर देने की प्रक्रिया के विरोध में हजारों किसानों ने एकजुट होकर महापंचायत की. इससे पहले ट्रैक्टर रैली निकालकर शक्ति प्रदर्शन किया. किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जमीन लीज की प्रक्रिया नहीं रोकी गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा.
अमरपाटन और रामपुर बघेलान के किसान रोष में
आंदोलन में अमरपाटन और रामपुर बघेलान क्षेत्र के बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए. किसान सैकड़ों ट्रैक्टरों, चार पहिया वाहनों और दोपहिया वाहनों के साथ NH-30 बायपास से रैली निकालते हुए मैहर पहुंचे. रैली पुरानी कृषि उपज मंडी परिसर में जाकर समाप्त हुई, जहां महापंचायत का आयोजन किया गया. रैली के दौरान किसानों ने नारेबाजी करते हुए जमीन लीज का विरोध जताया.
महापंचायत में वक्ताओं ने कहा कि प्रस्तावित जमीन अत्यंत उपजाऊ है और इस पर वर्षों से खेती की जा रही है. हजारों किसान परिवारों की जीविका इस जमीन पर निर्भर है, ऐसे में इसे उद्योग को देना किसानों के अधिकारों का हनन है. किसानों का कहना है कि जमीन लीज पर देने से क्षेत्र की कृषि व्यवस्था प्रभावित होगी और आने वाले समय में किसानों के सामने रोजगार का संकट खड़ा होगा.
किसानों ने उठाए कई स्थानीय मुद्दे
महापंचायत में किसानों ने जमीन लीज के अलावा अन्य समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया. किसानों ने फसलों को आवारा पशुओं से सुरक्षा, दुग्ध उत्पादकों के बकाया भुगतान, न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी, बढ़ते बिजली बिलों में राहत तथा सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की. किसानों ने प्रशासन पर समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप भी लगाया. महापंचायत के बाद किसानों का प्रतिनिधिमंडल प्रशासनिक अधिकारियों से मिला और एसडीएम के नाम ज्ञापन सौंपा.

ढाई घंटे चली महापंचायत, प्रशासन रहा सतर्क
किसानों ने मांग की कि 3600 एकड़ जमीन को निजी कंपनी को लीज पर देने की प्रक्रिया तत्काल रोकी जाए. किसानों ने स्पष्ट कहा कि यदि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा. करीब ढाई घंटे तक चली महापंचायत में बड़ी संख्या में किसानों की मौजूदगी रही. आंदोलन को देखते हुए प्रशासन और पुलिस बल मौके पर तैनात रहा और पूरे कार्यक्रम पर नजर रखी गई.

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उपजाऊ जमीन उद्योगपतियों को नहीं देंगे
किसान नेता धर्मेंद्र मलिक ने कहा "किसानों की उपजाऊ जमीन को उद्योगपतियों द्वारा अपने उद्योग के लिए छोटे छोटे किसान को परेशान करने का काम किया जा रहा है, जिसको लेकर यह शक्ति प्रदर्शन किया जा रहा है." प्रदर्शन के दौरान प्रदेश किसान प्रवक्ता महेंद्र सिंह ने कहा "किसानों की जमीन को जबरन लिया जा रहा है. इसे किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा."

