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लाड़ली बहनों की फ्रिकमंद सरकार, आयोग में 30000 मामले पेंडिंग, विधानसभा से आई जानकारी

मध्य प्रदेश में महिलाओं के पेंडिंग मामलों की फेहरिस्त लंबी. महिला आयोग के अध्यक्ष समेत सदस्यों के पद 5 साल से खाली. कांग्रेस विधायक अजय सिंह के सवाल पर मंत्री कृष्णा गौर का जवाब.

MAHILA AYOG PENDING CASES
विधानसभा में गूंजा महिला आयोग व मानव आयोग का मामला (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : February 25, 2026 at 6:37 PM IST

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Updated : February 25, 2026 at 6:54 PM IST

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भोपाल : महिला अपराधों के मामले में देश में टॉप फाइव राज्यों में शामिल मध्यप्रदेश में महिलाओं को न्याय मिल पाने की उम्मीद कितनी है? ये विधानसभा में सरकार द्वारा दिए गए जवाब से ही नजर आता है. सरकार द्वारा दिए गए जवाब के मुताबिक मध्यप्रदेश महिला आयोग में बीते 31 जनवरी 2026 तक 30 हजार पांच सौ 24 मामले पेंडिंग हैं. सदन में कांग्रेस विधायक अजय सिंह द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में राज्य मंत्री कृष्णा गौर ने बताया कि महिला आयोग के अध्यक्ष समेत पांच सदस्यों के पद बीते पांच साल ग्यारह महीने से खाली पड़े हैं.

30 हजार से ज्यादा लाड़ली बहनों को इंसाफ का इंतजार

महिला हिंसा के मामले में देश के प्रमुख पांच राज्यों में शामिल मध्यप्रदेश के लिए हैरत की बात है कि जिस तेजी से प्रदेश में महिला अपराध बढ़े हैं, वहां इंसाफ मिल पाने की रफ्तार उतनी ही धीमी है. विधानसभा के बजट सत्र में एक सवाल के जवाब में आया सरकार का जवाब इसकी तस्दीक करता है. कांग्रेस विधायक और पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने महिला आयोग व मानव अधिकार आयोग समेत संवैधानिक संस्थाओं को लेकर प्रश्न किया था कि प्रत्येक आयोग में अध्यक्ष समेत कुल कितने सदस्यों के लिए स्वीकृत पद हैं. इनमें से कितने भरे हुए हैं. कितने रिक्त हैं?

30 हजार से ज्यादा लाड़ली बहनों को इंसाफ का इंतजार (Etv Bharat)

जानकारी ये भी मांगी गई थी कि पद रिक्त होने की तिथि क्या है. इसके अलावा कुल कितनी शिकायतें यहां लंबित है. और उनके निपटारे में लगने वाली औसत देरी कितनी बढ़ी है? इस प्रश्न के जवाब में मध्यप्रदेश सरकार की मंत्री कृष्णा गौर ने बताया, '' मध्यप्रदेश महिला आयोग में एक अध्यक्ष के अलावा पांच सदस्यों के पद मंजूर किए गए हैं. इस समय ये सारे पद खाली हैं. उन्होने बताया कि 24 मार्च 2020 से ये सारे पद खाली हैं. यानि करीब पांच वर्ष ग्यारह महीने से ये पद खाली पड़े हुए हैं.''

Mahila ayog pending cases
विधानसभा में प्रश्न के जवाब में दी गई जानकारी (Etv Bharat)

बहनों के साथ नाइंसाफी केवल चुनाव में याद आती है

कांग्रेस विधायक अजय सिंह के प्रशन के समर्थन में पार्टी के ही विधायक महेश परमार ने कहा, '' असल में सरकार को महिलाओं की याद केवल चुनाव के समय आती है.'' उन्होंने कहा कि चार साल से भी ज्यादा का समय हो गया है. महिला आयोग का गठन नहीं किया. मानव अधिकार आयोग खाली पड़ा है. परमार ने कहा, '' मैंने लाड़ली बहना योजना पर प्रश्न किया था कि नई बहनों के नाम कब जुड़ेंगे? तीन हजार की राशि कब दी जाएगी? कोई जवाब नहीं दिया. शिवराज सिंह चौहान बड़े-बड़े वादे करके चले गए. मोहन यादव धीरे-धीरे रे मना कर देते हैं.

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वहीं, पूर्व मंत्री और विधायक सचिन यादव ने कहा, '' एक तरफ सरकार डंका पीटती है कि मातृ शक्ति का सशक्तिकरण हो रहा है. महिला उत्थान हो रहा है और वहीं महिला आयोग में पिछले कई वर्षों से नियुक्ति नहीं कर पा रही है सरकार.''

मानव अधिकार आयोग में भी सात हजार से ज्यादा मामले अटके

विधानसभा में दिए गए जवाब में मंत्री कृष्णा गौर ने जानकारी देते हुए कहा, '' मानवअधिकार आयोग में अध्‍यक्ष का पद व सदस्‍य का एक पद रिक्‍त है. सदस्‍य के एक पद पर कार्यरत सदस्‍य को अपने पद के साथ-साथ अध्‍यक्ष के रूप में कार्य करने हेतु अधिकृत किया गया है.'' उन्होंने बताया कि आयोग में अध्‍यक्ष का 1 पद व सदस्‍य के 2 पद स्‍वीकृत हैं. सदस्य का 1 पद भरा है और अध्‍यक्ष का पद आठ अक्टूबर 2022 यानि करीब तीन साल चार महीने से खाली पड़ा है. वहीं, सदस्य का पद बीते नौ महीने से खाली है. लिखित उत्तर के जवाब में मंत्री कृष्णा गौर ने बताया कि 31 जनवरी 2026 तक मानव अधिकार आयोग में चार हजार 603 मामले लंबित हैं. अब तक सात हजार 996 शिकायते निपटाई गई हैं.

Last Updated : February 25, 2026 at 6:54 PM IST