पारा मेडिकल एग्जाम में पूरी हुई इच्छा तो छात्रा ने बाबा पातालेश्वर नाथ पर लिखा शिव विवाह गीत, महाशिवरात्रि पर सॉन्ग रिलीज
पारा मेडिकल में फर्स्ट च्वाइस मिला तो छात्रा ने बाबा पातालेश्वरनाथ पर शिव विवाह गीत लिख दिया. गाने को खूब पंसद किया जा रहा है.

Published : February 15, 2026 at 3:10 PM IST
वैशाली: चिकित्सा शिक्षा के साथ शिव भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला है. जहां आईएससी पास करने के बाद एक छात्रा ने बिहार की कंबाइंड पर मेडिकल एग्जाम जब पास की और उसका फर्स्ट चॉइस एनेस्थीसिया मिला तो इस खुशी में बाबा पातालेश्वर नाथ को समर्पित एक शिव विवाह गीत की रचना की. छात्रा ने पहले गीत लिखा फिर एआई टेक्निक्स से उसका संगीत और गायन की भी संरचना की. लैपटॉप के माध्यम से उसने खुद ही सब कुछ क्रिएट किया है, जो शिव भक्तों को काफी पसंद आ रहा है.
प्राचीन शिव बारात पर गीत: बिहार की ऐतिहासिक और पौराणिक धरती वैशाली जिले का मुख्यालय हाजीपुर, जहां बाबा पातालेश्वर नाथ की महिमा सदियों से गूंज रही है. वहां इस बार महाशिवरात्रि के उल्लास में एक नया रंग घुल गया है. आईएससी (ISC) उत्तीर्ण करने के बाद बिहार सरकार के मेडिकल कॉलेज में एनेस्थीसिया टेक्नीशियन के रूप में चयनित छात्रा अनंता ने बाबा पातालेश्वर नाथ के प्रति अपनी अटूट आस्था को एक बेहद खूबसूरत भजन 'गौरा ब्याहन आए ओघड़ दानी' के रूप में पिरोया है.
मेडिकल की पढ़ाई और बाबा की सेवा: हाजीपुर एसडीओ रोड के रहने वाले विनीता पाठक और रंजीत पाठक की पुत्री 18 वर्षीय अनंता जो वर्तमान में चिकित्सा क्षेत्र की बारीकियां सीख रहे हैं, उन्होंने अपनी व्यस्त पढ़ाई के बीच समय निकालकर न केवल इस गीत को लिखा है बल्कि इसकी शानदार वीडियो एडिटिंग भी स्वयं की है. अनंता बताती हैं कि बाबा पातालेश्वर नाथ के प्रति उनका समर्पण ही उन्हें इस रचनात्मक कार्य की ऊर्जा देता है.
ऐतिहासिक 'शिव बारात' की झलक: इस भजन की सबसे बड़ी विशेषता इसका वीडियो है, जिसमें हाजीपुर की विश्व प्रसिद्ध और पौराणिक शिव बारात के वास्तविक दृश्यों को शामिल किया गया है. यह वही ऐतिहासिक बारात है, जिसकी भव्यता देखने राज्य भर से लोग आते हैं.

क्या है खासियत?: इस बारात की परंपरा इतनी गहरी है कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री श्री नित्यानंद राय स्वयं बैलगाड़ी हांकते हुए बाबा की बारात का नेतृत्व करते हैं. नित्यानंद राय जब छात्र नेता हुआ करते थे, तब से ही उन्होंने शिव बारात की बागडोर संभाली थी. बतौर गाड़ीवान वहां वह शिव बारात की अगुवाई करते हैं. इस बीच हाजीपुर के विधायक बने, फिर समस्तीपुर के उजियारपुर से सांसद बने. उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल कर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बनाया गया. बावजूद उन्होंने बखूबी इस परंपरा का निर्वहन जारी रखा.
शिव बारात की भव्यता: हाजीपुर के पातालेश्वर नाथ मंदिर से निकलने वाले शिव बारात काफी भव्य और व्यापक रूप से निकलती है, जिसमें नगर वासियों का भरपूर सहयोग रहता है. यहां से 100 से भी अधिक बैंड-बाजे, ढोल-नगाड़े और दर्जनों सजीव झांकियों के साथ यह बारात बाबा पातालेश्वर नाथ मंदिर से निकलकर पूरे शहर की परिक्रमा करती है.

कब होता है समापन?: भक्ति और उत्साह का यह महाकुंभ हाजीपुर के कचहरी मैदान में जाकर संपन्न होता है, जहां शिव बारात में शामिल होने वाले कलाकारों को केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय के द्वारा सम्मानित किया जाता है. जिसकी जीवंत झलक अनंता के इस गीत में बखूबी दिखाई देती है.
क्या हैं गीत के बोल?: 'कण-कण गूंजे बम-बम भोला' की धूम, 'गौरा ब्याहन आए ओघड़ दानी, संग भूतों की टोली रे, कण-कण गूंजे बम-बम भोला, खेलें भक्ति की होली रे' बोल वाले गानों को सोशल मीडिया पर पसंद किया जा रहा हैं. श्रद्धालुओं का कहना है कि अनंता ने अपनी लेखनी और एडिटिंग के माध्यम से हाजीपुर की इस पौराणिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सराहनीय कार्य किया है.
क्यों लिखा गीत?: इस बारे में अनंता आर्या ने बताया कि आईएससी पास करने के बाद बिहार पारा मेडिकल का कंबाइंड एक्जाम देने जा रही थी, तब हाजीपुर बाबा पातालेश्वर नाथ के दर्शन करने गई थी. उसी समय सोचा था कि मैं उनके लिए एक गीत लिखूंगी, एक भजन लिखूंगी. उनकी कृपा है जो उन्होंने ऐसी प्रेरणा दी कि मैं महाशिवरात्रि से ठीक पहले शिव विवाह गीत लिखा और इस गीत को मैंने बाबा पातालेश्वर नाथ को समर्पित किया है.

"हाजीपुर नगर से जो सबसे प्राचीन शिव बारात निकलता है, उसमें शामिल लोगों को या भगति गीत मैने समर्पित किया है. एक मेरा यूट्यूब पर भक्ति का चैनल है. भक्ति गीतों का जो अभी कुछ दिनों पहले ही मैंने शुरू किया था, इस भक्ति चैनल पर मैं इसे अपलोड की हूं शिवरात्रि के अवसर पर. आगे मेरी इच्छा है कि मैं मेडिकल की पढ़ाई करूं और साथ में अगर मौका मिले तो भजन और गीत भी लिखूं. इसका म्यूजिक और आवाज मैंने एआई से प्रॉन्प्ट और कमांड देकर बनवाया है. यह पेड हैइसके लिए थोड़ी बहुत पैसे लगे हैं"- अनंता आर्या, पारा मेडिकल छात्रा सह गीतकार
पारा मेडिकल छात्रा अनंता आर्या बताती हैं कि आधुनिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया है. इसके लिए गूगल से और यूट्यूब से थोड़ी बहुत जानकारी हासिल की और फिर ए से गीत के बोल और म्यूजिक क्रिएट किया, इसमें समय जरूर लगा लेकिन जैसा वह चाहती थी, वैसा सब कुछ क्रिएट हो सका. इसके लिए थोड़े बहुत पैसे भी खर्च करने पड़े.
टीचर बने शिव छात्रा ने लिखा गीत: अनंता की माता विनीता पाठक ने बताया कि अनंता को ट्यूशन देने वाले राजन सर पातालेश्वर नाथ मंदिर से निकलने वाले शिव बारात में शिव की भूमिका में नजर आते हैं. भगवान भोलेनाथ का स्वांग रचते हैं और फिर नगर भ्रमण करते हैं. यहां से निकलने वाली झांकियां में उनकी झांकी प्रमुख होती है. वही उनके द्वारा शिक्षित किए गए छात्रा ने इतना बढ़िया शिव विवाह गीत लिखा है, जोकि काफी सराहनीय है.
"अनंता को ट्यूशन देने वाले राजन सर पातालेश्वर नाथ मंदिर से निकलने वाले शिव बारात में शिव की भूमिका में नजर आते हैं. भगवान भोलेनाथ का स्वांग रचते हैं और फिर नगर भ्रमण करते हैं यहां से निकलने वाली झांकियां में उनकी झांकी प्रमुख होती है. वही उनके द्वारा शिक्षित किए गए छात्र अनन्ता ने इतना बढ़िया शिव विवाह गीत लिखा है, जो की काफी सराहनीय है"- विनीता पाठक, अनंता की मां
क्या बोले शिक्षक?: वहीं, इस विषय में खुद राजन कुमार ने बताया कि अनंता के द्वारा लिखा गया गीत सुनकर उन्हें सुखद आश्चर्य हुआ कि उनके छात्र पढ़ने में तो अव्वल है ही और आज के इस दौर में इतना बढ़िया से विवाह गीत लिखने का काम किया है जो सराहनीय है.
"अनंता के द्वारा लिखा गया गीत सुनकर उन्हें सुखद आश्चर्य हुआ कि उनके छात्र पढ़ने में तो अवल है ही और आज के इस दौर में इतना बढ़िया से विवाह गीत लिखने का काम किया है, जो सराहनीय है"- राजन कुमार, अनंता के शिक्षक
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