महाशिवरात्रि पर बाबा भूतनाथ मंदिर में विशेष अनुष्ठान, भोलेनाथ का आशीर्वाद लेने दूर-दूर से आ रहे श्रद्धालु
एक माह बाद महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर बाबा भोलेनाथ अपने निज स्वरूप में दर्शन दिए.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : February 15, 2026 at 3:59 PM IST
|Updated : February 15, 2026 at 4:09 PM IST
मंडी: छोटी काशी मंडी में आस्था, परंपरा और उल्लास के संग 7 दिवसीय अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव का विधिवत आगाज हो चुका है. महोत्सव की शुरुआत जनपद के आराध्य देव कमरुनाग के आगमन से हुई, जिसके साथ ही पूरा नगर भक्ति रस में सराबोर नजर आया. इस वर्ष के महोत्सव में 216 देवी-देवताओं की सहभागिता प्रस्तावित है, जिससे धार्मिक उत्साह अपने चरम पर है. देवताओं के आगमन से पूर्व ही मंडी के मंदिर, बाजार और गलियां शिव भक्ति के रंग में रंग चुकी हैं.
महाशिवरात्रि पर बाबा भूतनाथ मंदिर में विशेष अनुष्ठान
शिवरात्रि पर्व के अवसर पर जिला प्रशासन ने परंपरानुसार राज माधव राय और बाबा भूतनाथ मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की. अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव से पहले बाबा भूतनाथ मंदिर में विशेष धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया, जो श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत भावुक और दिव्य अनुभव रहा.
मक्खन का लेप का हटाया गया
मंदिर परंपरा के अनुसार शिवलिंग पर चढ़ाए गए दो क्विंटल से अधिक मक्खन का लेप शनिवार मध्यरात्रि को विधि-विधान के साथ हटाया गया. इसके बाद महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर रविवार तड़के सुबह चार बजे मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए गए. लगभग एक महीने बाद भक्तों को बाबा भूतनाथ के निज स्वरूप में दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ. जैसे ही कपाट खुले, मंदिर परिसर 'हर-हर महादेव' के जयघोष से गूंज उठा और श्रद्धालुओं की आंखों में भक्ति और भावनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा.

बाबा भूतनाथ मंदिर में भक्तों का तांता
दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने बाबा भूतनाथ के दर्शन कर सुख-समृद्धि, शांति और कल्याण की कामना की. श्रद्धालु अंकिता और भूमिका ठाकुर ने बताया कि बाबा के वास्तविक स्वरूप में दर्शन पाकर उन्हें अद्भुत आध्यात्मिक शांति की अनुभूति हुई.

वहीं, मंदिर के महंत देवानंद सरस्वती ने बताया कि, "शास्त्रीय विधि से सभी अनुष्ठान संपन्न किए गए हैं और महोत्सव की संपूर्ण अवधि में पूजा-पाठ, हवन और पारंपरिक रीति-रिवाजों का निर्वहन किया जाएगा. इस बार महाशिवरात्रि दूर-दूर से श्रद्धालु आ रहे हैं."

बता दें कि, अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह मंडी की सांस्कृतिक विरासत और लोक परंपरा को भी जीवंत करता है. आने वाले दिनों में देवताओं की भव्य जलेब, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ के साथ छोटी काशी मंडी एक बार फिर शिवमय वातावरण में डूबी रहेगी.

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