महासमुंद जिले का गौरवपथ गड्ढों से भरा, पैदल चलना भी मुश्किल, जनता के साथ नंगे पैर चलने वाले कांवड़िए भी परेशान
करोड़ों की लागत से बनने वाली सड़क की तय सीमा समाप्त, अब भी 50% काम अधूरा, सिरपुर जाने वाले कांवड़ियों के पैरों में पड़े छाले

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : August 26, 2026 at 1:45 PM IST
महासमुंद: प्रदेशभर में कई जगह बदहाल सड़कों ने बारिश में और परेशानी बढ़ा दी है. महासमुंद में भी खराब सड़क की वजह से आम जनता के साथ सावन महीने में पैदल चलने वाले कांवड़िए और भी परेशान हो रहे हैं. गौरव पथ, बीटीआई रोड और कलेक्टोरेट पहुंच मार्ग में जगह-जगह गड्ढों से गाड़ी के साथ पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है.
10 करोड़ रुपए स्वीकृत लेकिन काम अटका
करीब 2.3 किलोमीटर सड़क के चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण के लिए शासन ने लगभग 10 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं. निर्माण की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग को दी गई और विभाग ने मई 2025 में मेसर्स किरण बिल्डकान, बेमेतरा को कार्यादेश जारी किया. निर्माण कार्य फरवरी 2026 तक पूरा होना था, लेकिन तय समय-सीमा गुजर जाने के बाद भी काम अधूरा है.

50 प्रतिशत ही काम हुआ
बताया जा रहा है कि अब तक करीब 50 प्रतिशत ही काम पूरा हो पाया है. कलेक्टोरेट से बरोंडा चौक तक लगभग डेढ़ किलोमीटर सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हैं. वाहन भी गड्ढों के बीच हिचकोले खाते हुए गुजर रहे हैं. इसी रास्ते से जिले के आला अधिकारियों से लेकर आम नागरिकों की रोजाना आवाजाही होती है. इसके बावजूद सड़क का समय पर निर्माण पूरा नहीं होना कई सवाल खड़े करता है.

कांवड़िए परेशान
सबसे ज्यादा परेशानी इस सावन में उन कांवरियों को हो रही है, जो बम्हनी से जल लेकर करीब 45 किलोमीटर दूर सिरपुर में भगवान शिव का जलाभिषेक करने पैदल जाते हैं. कांवरियों का कहना है कि खराब सड़क और बिखरे पत्थरों के कारण नंगे पैर चलना बेहद मुश्किल हो गया है. गड्ढों और उबड़-खाबड़ रास्ते की वजह से पैरों में छाले पड़ रहे हैं और चोट लगने का भी खतरा बना हुआ है.
जो यात्रा हम लोग आधे घंटे में करते हैं उतना ही सफर पूरा करने में इस सड़क से डेढ़ घंटे तक लग जाता है.- रुपेश पटेल – कांवरिया

जिम्मेदारों के अपने तर्क
सड़क की बदहाली को लेकर जब जिम्मेदार विभागों से सवाल किया गया तो लोक निर्माण विभाग और बिजली विभाग के अधिकारी अपने-अपने तर्क देते नजर आए. जहां बिजली विभाग ने कहा कि इसकी निर्माण एजेंसी PWD ही है. उनके अपने एजेंसी से ही टेंडर हुआ है. हमारा काम सिर्फ परमिट देना है. अपने एजेंसी से ही वे निर्माण करा रहे हैं.
हमारा लाइन शिफ्टिंग का टेंडर भी उनके द्वारा किया गया है. पोल शिफ्टिंग का काम भी PWD को ही कराना है. हमारी कोई निर्माण एजेंसी नहीं है- पी. आर. वर्मा – कार्यपालन अभियंता, विद्युत विभाग
दिसंबर 2026 तक हो जाएगा काम- अधिकारी
वहीं, PWD के SDO ने कहा कि पैच निर्माण का कार्य नियमित रूप से कराया जा रहा है. बारिश के कारण अभी काम नहीं हुआ है, दिसंबर 2026 तक इसे पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है.
दिसंबर 2026 तक ठेकेदार द्वारा समय मांगा गया है. कभी डामर कभी कुछ और वजहों से काम अटका है लेकिन काम पूरा हो जाएगा. - ए. के. अग्रवाल, एसडीओ, लोक निर्माण विभाग
फिलहाल लोक निर्माण विभाग ने दिसंबर 2026 तक काम पूरा करने का लक्ष्य बताया है और शासन से निर्माण अवधि बढ़ाने की मांग की है. लेकिन जिस गति से काम चल रहा है, उसे देखते हुए दिसंबर तक काम पूरा होगा या नहीं, यह भी सवाल है.

