विधानसभा : महाराणा प्रताप के नाम पर आमेर के पास बनेगी SPORTS यूनिवर्सिटी, मंत्री राठौड़ बोले-खेल अब खेल नहीं रहे...जानिए वजह
विधानसभा में बजट सत्र के आखिरी दिन महाराणा प्रताप खेलकूद विश्वविद्यालय विधेयक ध्वनिमत से पास.

Published : March 10, 2026 at 7:28 PM IST
जयपुर: राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र के आखिरी दिन मंगलवार को महाराणा प्रताप खेलकूद विश्वविद्यालय विधेयक चर्चा और सुझावों के बीच ध्वनिमत से पारित किया गया. यह विश्वविद्यालय आमेर के पास बनेगा. इससे पहले सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों ने इस पर अपने विचार और सुझाव रखे. कुछ सदस्यों ने इस पर जनमत जानने और पुनर्विचार की मांग रखी.
विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए खेल मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा, अब खेल खेल नहीं रहा बल्कि खेल अर्थव्यवस्था बन गई है. हमारी आईपीएल क्रिकेट लीग 10 बिलियन डॉलर की इंडस्ट्री है. यह इंडस्ट्री के साथ ही अपॉर्चुनिटी भी बन गई है. पूरी दुनिया में खेल आज 520 बिलियन यानी 50 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था है. हालांकि भारत में यह अर्थव्यवस्था मात्र 10 बिलियन डॉलर की है. उसमें भी सबसे महत्वपूर्ण क्रिकेट है. बाकी खेलों का इतना नहीं है. राजस्थान में महाराणा प्रताप खेल विश्वविद्यालय स्थापित होने के बाद कई तरह के रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, जो खेलों से जुड़े हैं.
रोजगार के अवसर बढ़ेंगे: कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि फिजियोथैरेपिस्ट, डाटा एनालिसिस, स्पोर्टस मेडिकल डॉक्टर, स्पोर्ट्स साइकोलॉजी जैसे पदों पर लोगों को अपॉर्चुनिटी मिलेगी. खिलाड़ियों के लिए खेल सामग्री भी बनाई जाती हैं. इनमें जूते से लेकर टी-शर्ट और अन्य कई उपकरण शामिल हैं. उसकी इंडस्ट्री लगेगी. लोगों को रोजगार मिलेगा. राठौड़ ने कहा कि लोगों का खेलों के प्रति रुझान बढ़ रहा है. इससे देश की इकोनॉमी बेहतर हो रही है. विदेशों में ऑस्ट्रेलिया, यूक्रेन, अमेरिका जैसे देशों में शनिवार और रविवार को काम नहीं होता है. लोग दफ्तर नहीं जाते हैं. अपने बच्चों के साथ मैदान में होते हैं, इसलिए उनकी इकोनामी मजबूत हो रही है.
मोदी सरकार को दिया श्रेय: मंत्री राज्यवर्धन ने कहा कि साल 2014 से मोदी सरकार बनी है, तब से खेलों को बढ़ावा दिया जा रहा है. साल 2014 में एशियन गेम में 57 मेडल मिले थे. 2018 के एशियाई खेलों में 69 मेडल मिले थे. वर्ष 2023 में 107 एशियन मेडल मिले. वर्ष 2016 में पैरा ओलंपिक में चार पदक थे जबकि 2024 में पैरा ओलंपिक में हमारे खिलाड़ी 29 मेडल जीत कर आए.
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संभाग स्तर पर खेल कॉलेज खोलेंगे: उन्होंने कहा कि खेलकूद यूनिवर्सिटी जयपुर में बनेगी, लेकिन हर संभाग पर एक-एक कॉलेज ऐसा होगा, जिसमें खेलकूद पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. वो कॉलेज यूनिवर्सिटी के अंतर्गत होगा जो सुविधा यूनिवर्सिटी में मिलेगी, वहीं सुविधा कॉलेज में मिलेगी. हम खेलों में इस बार 150 कोच नियुक्त कर रहे हैं. वर्ष 2012 के बाद खेल प्रशिक्षकों की नियुक्ति की जा रही है. 700 टेंपरेरी कोच भी लगा रहे हैं. विश्वविद्यालय के लिए 90 हजार वर्ग मीटर जमीन चिह्नित की है. देश में वर्ष 2036 में ओलंपिक होने की संभावना है. इसमें ज्यादा से ज्यादा राजस्थान के खिलाड़ियों भाग ले सके, इसके प्रयास हैं. पिछले 7 साल से महाराणा प्रताप खेल पुरस्कार नहीं दिए गए. हमारी सरकार ने कमेटी बनाई है और जल्द इनकी घोषणा की जाएगी.
कांग्रेस ने गिनाए अपने काम: इससे पहले कांग्रेस विधायक रफीक खान ने कहा कि 2013 में हमारी सरकार ने विश्वविद्यालय की घोषणा की थी. एक स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी झुंझुनू में खोलने की घोषणा की थी, लेकिन मूर्त रूप नहीं दे पाए. साल 2025-26 में महाराणा प्रताप यूनिवर्सिटी के लिए 250 करोड़ रुपए खर्च करने की घोषणा की, लेकिन एक रुपया खर्च नहीं हुआ. साल 2025-26 में 107 करोड़ रुपए स्वीकृत किए, लेकिन एक पैसा खर्च नहीं हुआ. मार्च में पैसा खर्च नहीं हुआ तो लैप्स हो जाएगा. कांग्रेस विधायक हरिमोहन शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार ने ग्रामीण ओलंपिक कराकर इतिहास रचा था. इस यूनिवर्सिटी के लिए बहुत पहले घोषणा की, लेकिन सरकार ने अब मूर्त रूप देना शुरू किया. इसकी स्थापना होने के बाद खेलों के प्रति लोगों का और रुझान बढ़ेगा साथ ही खिलाड़ियों को फायदा मिलेगा.

