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नेपाल बाढ़ का यूपी में असर: महराजगंज डीएम ने गंडक नदी का जायजा लिया, हमीरपुर के कई गावों का तहसील से संपर्क टूटा

महराजगंज में गंडक नदी के जलस्तर पर निगरानी बढ़ाई गई है. हमीरपुर में मौदहा बांध के 9 गेट खोले जाने से कई रपटे डूब गए.

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हमीरपुर में विरमा नदी उफान पर; नेपाल बाढ़ के बाद महराजगंज में अलर्ट. (Photo Credit: ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : August 27, 2026 at 4:50 PM IST

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Updated : August 27, 2026 at 6:08 PM IST

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महराजगंज/कानपुर देहात/हमीरपुर/कानपुर: नेपाल में आई भीषण बाढ़ की विभीषिका के बाद भारत-नेपाल सीमा से सटे महराजगंज जिले में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है. संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए गंडक और नारायणी नदी के तटीय इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है.

जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल, पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी और एडीएम प्रशांत कुमार ने राहत एवं बचाव दल के साथ बोट से नदी में उतरकर स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया.

डेढ़ लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से महराजगंज में सतर्कता. (Video Credit: ETV Bharat)

गंडक नदी के तटीय गांवों में बोट से निरीक्षण: निचलौल तहसील के गंडक नदी के किनारे बसे सोहगीबरवा, भूतहा और शिकारपुर समेत करीब दर्जनभर गांवों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है. अधिकारियों ने सशस्त्र सीमा बल की 22वीं वाहिनी की राहत यूनिट के साथ मिलकर नदी के जलस्तर का जायजा लिया. देर रात वाल्मीकिनगर बैराज से करीब डेढ़ लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद तटीय इलाकों में मुनादी कराकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है.

कानपुर में गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी जारी. (Video Credit: ETV Bharat)

महराजगंज में गंडक नदी से बहकर आए 3 शव: महराजगंज जिले के निचलौल क्षेत्र में गंडक नदी में नेपाल की बाढ़ से बहकर आए तीन लोगों के शव बरामद किए गए. इनमें दो महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं. एसएसबी और एसडीआरएफ की टीम ने मोटरबोट की मदद से शवों को बाहर निकाला. डीएम गौरव सिंह सोगरवाल और एसपी शक्ति मोहन अवस्थी ने प्रभावित क्षेत्र का जायजा लेकर सीमाओं पर चौकसी बढ़ा दी है.

राठ और सरीला में डूबी सड़कें, सीएचसी और कोर्ट में भरा पानी. (Video Credit: ETV Bharat)

हमीरपुर में मौदहा बांध के 9 गेट खोले गए: हमीरपुर जिले में लगातार बारिश और ऊपरी क्षेत्रों के बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति बिगड़ने लगी है. मौदहा बांध के नौ गेट खोलकर करीब 20 हजार क्यूसेक पानी विरमा नदी में बहाया गया है. इसके चलते सरीला और मुस्करा क्षेत्र में कई रपटों के ऊपर कई फीट पानी बह रहा है, जिससे बिलगांव, कुपरा और छानी मार्ग पर आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया है.

हमीरपुर में बारिश से जलप्रलय जैसे हालात: हमीरपुर जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से गांव से लेकर शहर तक जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है. राठ और सरीला नगर में मुख्य सड़कें तालाब में तब्दील हो गई हैं, जबकि निचली बस्तियों और सरकारी परिसरों में पानी भर गया है. मौदहा तहसील क्षेत्र में चंद्रावल नदी के उफान पर आने से कई गांवों के रास्तों पर जलभराव हो गया है. इससे करीब एक दर्जन गांवों का तहसील मुख्यालय से सीधा संपर्क प्रभावित हुआ है.

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हमीरपुर: राठ के रोडवेज बस स्टैंड के सामने मिठाई की दुकान में भरा पानी. (Photo Credit: ETV Bharat)

सरकारी परिसरों और बस्तियों में जलभराव: सरीला नगर में रुक-रुककर हो रही बारिश से ग्राम न्यायालय, सीएचसी, वन रेंज कार्यालय और ममना विद्युत सब स्टेशन में पानी भर गया है. नगर पंचायतों की ओर से जलनिकासी के किए गए इंतजाम पूरी तरह बेअसर साबित हो रहे हैं और ग्राम न्यायालय से पंप सेट लगाकर पानी निकाला जा रहा है. वहीं राठ नगर में औड़ेरा रोड, आंबेडकर चौराहा और अतरौलिया थोक सब्जी मंडी जलमग्न हो गई है, जिससे परेशान व्यापारियों ने सड़क पर प्रदर्शन किया.

मौदहा बांध से छोड़ा गया 20 हजार क्यूसेक पानी: मौदहा तहसील स्थित स्वामी ब्रह्मानंद बांध में पानी का दबाव बढ़ने के बाद उसके गेट खोल दिए गए हैं. बांध से करीब 20 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद विरमा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है. इसके अलावा पड़ोसी जिले के करबई बांध से छोड़ा गया पानी चंद्रावल नदी में पहुंचने से मदरापुर, मांचा और सिसोलर क्षेत्र की सड़कें डूब गई हैं. ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डालकर उफनते पानी को पार करने को मजबूर हैं.

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सरीला: बिलगांव नदी पर बने रपटा का निरीक्षण करते एसडीएम विकास कुमार यादव (Photo Credit: ETV Bharat)

24 घंटे में 109 मिमी बारिश: जिले में बीते 24 घंटे में औसतन 109 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि राठ क्षेत्र में 220 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई है. उर्द और तिल की फसलों में नुकसान की आशंका से किसान चिंतित हैं. एडीएम राकेश कुमार ने बताया कि नगर निकायों को पंपिंग सेट के जरिए जल निकासी के निर्देश दिए गए हैं. मौसम विभाग ने 27 अगस्त को भी बारिश की संभावना जताई है, जिसे देखते हुए नदी किनारे के इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है.

जालौन में बेतवा नदी का बढ़ा जलस्तर: मध्य प्रदेश में भारी बारिश के बाद माताटीला बांध से 52 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण जालौन में बेतवा नदी का जलस्तर 113.300 मीटर तक पहुंच गया है. एडीएम राकेश कुमार और सरीला एसडीएम विकास यादव ने बताया कि सभी लेखपालों और संबंधित विभागों को अलर्ट रखा गया है. फिलहाल बाढ़ जैसी भयावह स्थिति नहीं है, लेकिन निचले इलाकों के निवासियों को नदी के आसपास न जाने की अपील की गई है.

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हमीरपुर: सरीला के वन रेंज कार्यालय परिसर में बारिश का पानी भरने से तालाब जैसा नजारा. (Photo Credit: ETV Bharat)

कानपुर में गंगा का जलस्तर रिकॉर्ड स्तर पर: कानपुर में गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी जारी है. गुरुवार को गंगा का जलस्तर गंगा बैराज अपस्ट्रीम पर अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया. शुक्लागंज में गंगा चेतावनी बिंदु से महज 15 सेंटीमीटर दूर बह रही है. बैराज से करीब साढ़े तीन लाख क्यूसेक पानी बेहद तेज रफ्तार के साथ छोड़ा जा रहा है, जिसे देखने के लिए लोगों की भीड़ जुट गई.

बैराज के सभी 30 गेट 24 घंटे खुले रहेंगे: सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अनुसार आने वाले दिनों में जलस्तर और बढ़ने की आशंका है, जिससे तटीय गांवों में पानी घुस सकता है. नरौरा से भी रोजाना औसतन एक लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है. इसी को देखते हुए गंगा बैराज के सभी 30 गेटों को 24 घंटे खुला रखने के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं.

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हमीरपुर में राठ के आंबेडकर चौराहे पर लबालब भरा बारिश का पानी. (Photo Credit: ETV Bharat)

शहर में मूसलाधार बारिश, UP T20 लीग पर संकट: इधर कानपुर शहर में गुरुवार दोपहर हुई तेज बारिश से मोतीझील, मरियमपुर, गोविंद नगर और किदवई नगर में भारी जलभराव हो गया. राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी उठानी पड़ी. मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि शुक्रवार तक बारिश जारी रहने की संभावना है. इससे ग्रीनपार्क स्टेडियम में शुरू होने वाली यूपी टी20 लीग के मैचों में खलल पड़ सकता है.

कानपुर देहात में दीवार गिरने से बुजुर्ग की मौत, 4 घायल: कानपुर देहात में गुरुवार को राजपुर थाना क्षेत्र के महेशपुर गांव में लगातार हो रही तेज बारिश के कारण एक पड़ोसी के मकान की कच्ची दीवार अचानक भरभरा कर ढह गई. इस हादसे में 55 वर्षीय बुजुर्ग शिव सहाय की मौके पर ही दबने से दर्दनाक मौत हो गई. वहीं घटना के समय मलबे की चपेट में आने से उनके बेटे रामनरेश, कमला, सुरेश और पप्पू गंभीर रूप से घायल हो गए. दीवार गिरने की तेज आवाज सुनकर गांव में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्रित हो गए.

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हमीरपुर के राठ रोडवेज डिपो में भरा बरसात का पानी. (Photo Credit: ETV Bharat)

सीएचसी सिकंदरा में घायलों का इलाज जारी: ग्रामीणों ने तुरंत घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को दी और खुद राहत कार्य शुरू कर मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला. अमराहट थाना प्रभारी महेश कुमार ने बताया कि मृतक शिव सहाय के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. सभी घायलों को इलाज के लिए तुरंत सिकंदरा सीएचसी में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार चल रहा है.

जिले भर में कच्चे मकान ढहने से तबाही: कानपुर देहात जिले में बारिश से मकान ढहने का यह पहला मामला नहीं है. इससे पूर्व सिकंदरा तहसील के भडेमऊ गांव में बीते सोमवार की रात कच्चा मकान गिर गया था, हालांकि परिवार के सदस्य बाहर सो रहे थे जिससे कोई जनहानि नहीं हुई. वहीं रसूलाबाद क्षेत्र के सिमरामऊ गांव में भी मंगलवार रात भोला दिवाकर का कच्चा घर ढह गया था, जहां ग्रामीणों ने मलबे में दबे परिजनों को सुरक्षित बाहर निकाला था.

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Last Updated : August 27, 2026 at 6:08 PM IST