बिहार में ग्रामीणों का महापंचायत, 300 साल पुरानी चोरी हुई अष्टधातु की मूर्तियों को लेकर फूटा गुस्सा
रोहतास के ठाकुरबाड़ी मंदिर से चोरी हुईं 300 साल पुरानी अष्टधातु की मूर्तियों का अबतक कोई सुराग नहीं मिला है. ग्रामीणों ने महापंचायत बुलायी.

Published : July 1, 2026 at 7:45 PM IST
रोहतास: बिहार के रोहतास में 300 साल पुरानी अष्टधातु की मूर्तियों की चोरी को लेकर ग्रामीणों में खासा आक्रोश है. दरिहट थाना क्षेत्र के बेरकप गांव में ऐतिहासिक ठाकुरबाड़ी मंदिर से बेशकीमती मूर्तियों की चोरी से ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा है. अष्टधातु की बेशकीमती मूर्तिां चोरी हुए दस दिन से अधिक का समय बीत चुका है. इसके बावजूद, पुलिस प्रशासन अब तक न तो मूर्तियां बरामद कर सकी है और न ही चोरों को ही पकड़ पाई है.
गांव में महापंचायत: पुलिस की इस सुस्ती से नाराज ग्रामीणोों ने गांव में ही एक विशाल महापंचायत बुलाई. इस महापंचायत में ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर कड़ ऐतराज जताते हुए उन्हें मूर्तियों की जल्द बरामदगी करने के लिए खुला अल्टीमेटम दिया है. ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द से जल्द कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.
"ठाकुरबाड़ी से भगवान श्री राम और श्री कृष्ण की मूर्ति चोरी हुए 10 दिन से ज्यादा समय हो चुका है. पुलिस इस पूरे मामले में निष्क्रिय है. चोरों का पता लगाने में विफल साबित हुई है. वही प्राचीन मूर्तियां भी बरामद नहीं की जा सकी है."- रौशन कुमार,ग्रामीण, बेरकप
लावारिस हालत में मिली थी माता सीता की मूर्ति: दरअसल 20 जून की रात अज्ञात चोरों ने गांव के ठाकुरबाड़ी मंदिर का ताला तोड़कर भगवान राम, माता सीता और श्री कृष्ण के करीब 300 वर्ष पुरानी अष्टधातु की मूर्तियां चोरी कर ली थीं. अगले दिन ग्रामीण जब पूजा के लिए मंदिर पहुंचे तो मंदिर का ताला टूटा पड़ा मिला और तीनों मूर्तियां गायब थीं. खोजबीन के दौरान गांव के बाधार में माता सीता की प्रतिमा लावारिस हालत में पड़ी मिली जबकि भगवान राम और श्री कृष्ण की मूर्तियों का अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है.

10 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली: तब जाकर ग्रामीणों ने स्थानीय थाने को चोरी की वारदात की सूचना दी. पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. हालांकि ग्रामीणों का आरोप है कि कई दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस न तो चोरों तक पहुंच सकी है और न ही मंदिर से चोरी गई प्राचीन मूर्तियों को बरामद कर सकी है. इससे लोगों में पुलिस की कार्यशाली को लेकर भारी नाराजगी है.
बड़ा जन आंदोलन करने की चेतावनी: बढ़ते आक्रोश के बीच गांव में महापंचायत बुलाई गई जिसमें आसपास के गांव के लोग भी बड़ी संख्या में शामिल हुए महापंचायत में दरिहट थानाध्यक्ष भी पहुंचे. महापंचायत में नाराज ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी कीमत पर चोरी गई प्राचीन मूर्तियों के बरामदगी सुनिश्चित की जाए. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा जन आंदोलन करने को बाध्य होंगे.

"ठाकुरबाड़ी में तकरीबन 300 साल प्राचीन मूर्तियां विराजमान थीं. इस गांव के अलावे कई अन्य गांव से लोग भी पूजा करने के लिए आते हैं. चोरी गई मूर्तियां केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं बल्कि गांव की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर भी हैं. इनकी बरामदगी हर हाल में सुनिश्चित की जानी चाहिए."- सूर्यनाथ सिंह, ग्रामीण, बेरकप
थानाध्यक्ष ने मांगी 5 दिनों की मोहलत: ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए थानाध्यक्ष ने लोगों से चार से पांच दिनों की मोहलत मांगी और भरोसा दिलाया कि पुलिस पूरी गंभीरता से मामले की जांच कर रही है. जल्द चोरों की गिरफ्तारी और मूर्तियों की बरामदगी का प्रयास किया जाएगा.
"घटनास्थल पर डॉग स्क्वायड और एफएसएल की टीम भी पहुंची थी. पुलिस को साक्ष्य मिले हैं. तकनीकी साक्ष्यों पर काम हो रहा है.
चोरी गई मूर्तियों की बरामदगी के लिए प्रयास किया जा रहा है. जल्द ही मामले का उद्भेदन कर लिया जाएगा."- रवि रंजन प्रियदर्शी, थानाध्यक्ष, दरीहट थाना
सीएम से गुहार लगाने की तैयारी: महापंचायत में मौजूद ग्रामीणों ने कहा कि पुलिस प्रशासन पर उनका विश्वास लगातार कम होता जा रहा है. उन्होंने निर्णय लिया है कि यदि तय समय के भीतर चोरी गई प्राचीन अष्टधातु की मूर्तियां बरामद नहीं होती है तो वह जिले के पुलिस अधीक्षक ,पुलिस उपमहानिरीक्षक से मिलकर ज्ञापन सौंपेंगे. साथ ही राज्य सरकार के समक्ष में अपनी मांगे रखेंगे और मुख्यमंत्री से दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग भी करेंगे.
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