15 फरवरी को महाशिवरात्रि: बन रहा कई खास योगों का संयोग, इस मुहूर्त में करें रुद्राभिषेक
15 फरवरी को इस बार महाशिवरात्रि पड़ रही है. आईए जानते हैं शिव पूजा का शुभ मुहूर्त...

Published : February 12, 2026 at 11:43 AM IST
जींद: शिवभक्त इस बार 15 फरवरी को महाशिवरात्रि का पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाएंगे. इस दिन भक्तों के लिए विशेष योगों का प्रभाव रहेगा, जिनमें शिव योग, सर्वार्थ सिद्धि योग, प्रीति योग, आयुष्मान योग, सौभाग्य योग, शोभन योग, साध्य योग, शुक्ल योग, ध्रुव योग, व्यतिपात और वरियान योग शामिल हैं. महाशिवरात्रि के दिन भक्त पूरे दिन भगवान शिव के जलाभिषेक और पूजा-अर्चना में संलग्न रहेंगे. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से भोलेनाथ की आराधना करने पर व्यक्ति पापों से मुक्ति पाता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.
फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष चतुर्दशी को मनाई जाएगी महाशिवरात्रि: महाशिवरात्रि फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है. यह दिन भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य मिलन का प्रतीक माना जाता है. शिवभक्तों के लिए यह केवल पर्व नहीं, बल्कि साधना, संयम और आध्यात्मिक जागरण की विशेष रात होती है. भक्त इस दिन उपवास रखते हैं और चारों प्रहर में शिवलिंग का अभिषेक करते हैं. इस दिन पूजा और रुद्राभिषेक का विशेष महत्व है, जिसे पूरा दिन धार्मिक विधि विधान के अनुसार किया जाता है.
महाशिवरात्रि के शुभ मुहूर्त: इस वर्ष महाशिवरात्रि पर भक्तों के लिए कई शुभ मुहूर्त बताए गए हैं. ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5:21 से 6:12 बजे तक रहेगा. रुद्राभिषेक का शुभ समय 11:07 बजे से 1:04 बजे तक रहेगा. अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:15 बजे से 12:59 बजे तक है. संध्या पूजन मुहूर्त शाम 5:35 बजे से रात्रि 12:18 बजे तक रहेगा. इन मुहूर्तों में भक्त पूजा-अर्चना कर भगवान शिव के जलाभिषेक और आराधना कर सकते हैं.
शहर के प्रमुख मंदिरों में तैयारियां शुरू: शहर के मुख्य मंदिरों में 15 फरवरी को महाशिवरात्रि पर्व को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं. पटियाला चौक स्थित शिव मंदिर, महावीर मंदिर, ऐतिहासिक जयंती देवी मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, रघुनाथ मंदिर और रानी तालाब स्थित भूतेश्वर मंदिर में जलाभिषेक के विशेष आयोजन किए जाएंगे. जयंती देवी मंदिर के पुजारी नवीन शास्त्री ने बताया कि मंदिर में हर वर्ष की तरह इस बार भी रुद्राभिषेक का आयोजन होगा. मंदिर में विशेष सजावट की जाएगी और हजारों शिवभक्त दिनभर चल चढ़ाने और पूजा-अर्चना करने आएंगे.
चार प्रहर शिवलिंग का अभिषेक और यज्ञ: मंदिर में चारों प्रहर में शिवलिंग का अभिषेक किया जाएगा. पूरे दिन यज्ञ, संकीर्तन और पूजा का आयोजन रहेगा. शिवलिंग को विशेष रूप से सजाया जाएगा और बेलपत्र, फूल, फल और अन्य प्रसाद चढ़ाए जाएंगे. शाम को महाआरती का आयोजन होगा. इस अवसर पर भक्त दिनभर उपवास रखते हैं और रात्रि जागरण में भगवान शिव की आराधना करते हैं.
गंगाजल, शहद और घी से अभिषेक से होती हैं मनोकामनाएं पूर्ण: जयंती देवी मंदिर के पुजारी नवीन शास्त्री ने बताया कि महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग का गंगाजल से अभिषेक करना अत्यंत शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गंगाजल से अभिषेक करने से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है और सभी दुख नष्ट होते हैं. वहीं शहद से अभिषेक करने पर धन लाभ की प्राप्ति होती है और घी अर्पित करने से वंश वृद्धि होती है. शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाना भी अत्यंत शुभ माना जाता है और इससे व्यक्ति के भाग्य में वृद्धि होती है.

