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माघ मेला 2026; पंचकोशी परिक्रमा और प्रयागराज दर्शन यात्रा का शुभारंभ, साधु-संत भी हुए शामिल

दत्तात्रेय शिविर में सबसे पहले परम्परा के मुताबिक साधु संतों का खिचड़ी भोज आयोजित किया गया.

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साधु-संतों के साथ मेला प्रशासन पंचकोशी परिक्रमा में हुए शामिल. (Photo Credit; ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : January 5, 2026 at 6:50 PM IST

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प्रयागराज: संगम की रेती पर आयोजित हो रहे माघ मेले में सोमवार को 5 दिवसीय पंचकोशी परिक्रमा का शुभारंभ किया गया. ‌श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की ओर से पंचकोशी परिक्रमा और प्रयागराज दर्शन यात्रा का शुभारंभ, श्री दत्तात्रेय सेवा समिति शिविर से किया गया. दत्तात्रेय शिविर में सबसे पहले परम्परा के मुताबिक साधु संतों का खिचड़ी भोज आयोजित किया गया.

माघ मेला में पंचकोशी परिक्रमा (Video Credit; ETV Bharat)

इसके बाद प्रयागराज मेला प्राधिकरण की अध्यक्ष और कमिश्नर सौम्या अग्रवाल ने साधु संतों को माला और शॉल पहनाकर स्वागत किया. वहीं कमिश्नर ने नारियल फोड़कर पंचकोशी परिक्रमा का शुभारंभ किया.

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्रपुरी महाराज और महामंत्री हरि गिरि महाराज के नेतृत्व में साधु संत सबसे पहले संगम तट पर पहुंचे. जहां पर विधि विधान से वैदिक मंत्रोच्चार के साथ तीर्थ पुरोहितों ने गंगा पूजन कराया. इस मौके पर कमिश्नर प्रयागराज सौम्या अग्रवाल, मेला अधिकारी ऋषिराज और मेला एसपी नीरज पांडेय भी मौजूद रहे. ‌

कमिश्नर सौम्या अग्रवाल ने कहा कि पंचकोशी परिक्रमा को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. ‌वहीं माघ मेला के एसपी नीरज पांडेय ने कहा, जिन थाना क्षेत्रों से होकर पंचकोशी परिक्रमा जाएगी उन मार्गों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं.

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविंद्र पुरी महाराज ने कहा कि ये माघ मेला नहीं है, ये कुंभ है. जिस तरह से पिछले साल कुंभ का आयोजन हुआ. माघ मेला भी उसी की तर्ज पर आयोजित हो रहा है. उन्होंने आवाहन किया कि 2027 में लगने वाले हरिद्वार के कुंभ, उसके बाद नासिक और फिर उज्जैन के कुंभ में आओ कुंभ चलें का नारा लेकर आएं और पुन्य के भागी बने इस पंचकोशी यात्रा में सभी तीर्थ स्थलों के दर्शन प्राप्त होंगे संगम की रेती से या यात्रा साधु संतों ने विंटेज कर पर सवार होकर शुरू की रास्ते भर इस यात्रा का लोगों ने फूल मालाओं की वर्षा कर कर स्वागत किया है.

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