ETV Bharat / state

माफिया अखंड प्रताप सिंह को 3 साल की कैद; आजमगढ़ कोर्ट ने सुनाई सजा, जानें पूरा मामला

आजमगढ़ कोर्ट ने बुधवार को माफिया अखंड प्रताप सिंह को 3 वर्ष कैद और 7,000 रुपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई है.

Photo Credit: ETV Bharat
माफिया पर गाजीपुर, आजमगढ़ और लखनऊ में 38 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं. (Photo Credit: ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : January 7, 2026 at 10:49 PM IST

2 Min Read
Choose ETV Bharat

लखनऊ: ​उत्तर प्रदेश में अपराधियों और माफियाओं के विरुद्ध जारी जीरो टॉलरेंस नीति के तहत आजमगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. प्रदेश स्तर पर चिन्हित माफिया और गैंग संख्या D-11 के सरगना अखंड प्रताप सिंह को न्यायालय की अवहेलना करने के अपराध में बुधवार को 3 वर्ष के कठोर कारावास और 7,000 रुपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई गई है.

क्या था पूरा मामला: ​यह मामला साल 2019 का है. अखंड प्रताप सिंह ने माननीय न्यायालय के आदेशों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई थीं. तरवां थाने के तत्कालीन उप निरीक्षण नवल किशोर सिंह ने 19 सितंबर 2019 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि भगोड़ा घोषित होने की प्रक्रिया के आदेश के बावजूद अखंड प्रताप सिंह कोर्ट में हाजिर नहीं हुआ. मामले में माफिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर चार्जशीट दाखिल की गई थी.

11 गवाहों का परीक्षण किया गया: ​ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत पुलिस और लोक अभियोजक ने इस मामले में अचूक साक्ष्य संकलन और प्रभावी पैरवी की. ​ मुकदमे के दौरान कुल 11 गवाहों का परीक्षण किया गया. साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आजमगढ़ न्यायालय ने अखंड प्रताप सिंह को दोषी पाया और उसे 3 साल कारावास की सजा सुनाई.

जघन्य अपराधों का लंबा इतिहास: ​अखंड प्रताप सिंह पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश का कुख्यात माफिया है.​ वह आजमगढ़ के थाना तरवां का हिस्ट्रीशीटर है. इसके खिलाफ आजमगढ़, मऊ, गाजीपुर, जौनपुर और लखनऊ में हत्या, लूट, डकैती, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट और एससी-एसटी एक्ट जैसे जघन्य अपराधों के कुल 38 मुकदमे दर्ज हैं. माफिया अखंड प्रताप सिंह वर्तमान में बरेली जिला कारागार में बंद है.

यह भी पढ़ें- मां के सामने बहन की कुल्हाड़ी से निर्मम हत्या, भाई को कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा, चौंकाने वाली है वजह