मध्य प्रदेश में सूखे की आहट के बीच राहत की फुहार, मानसून 39 प्रतिशत पीछे, 5 जिलों में भारी बारिश के आसार
मध्य प्रदेश के 5 जिलों में जमकर होगी बारिश, बाकी 50 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार, सूखे का खतरा अभी टला नहीं

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : June 30, 2026 at 10:58 AM IST
|Updated : June 30, 2026 at 11:45 AM IST
भोपाल : मध्यप्रदेश में जून महीने में हुई कम बरिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. मौसम विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के अनुसार 1 जून से 29 जून 2026 के बीच प्रदेश में दीर्घावधि औसत से 39 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है. सबसे बदतर स्थिति पूर्वी मध्यप्रदेश की है, जहां औसत के मुकाबले 68 प्रतिशत कम पानी गिरा है, जबकि पश्चिमी हिस्से में यह कमी 11 प्रतिशत रही है. इस बीच मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल ने प्रदेश के सभी 55 जिलों के लिए अलग-अलग स्तर का अलर्ट जारी किया है. जहां 5 जिलों में अगले 24 घंटों में अति भारी बारिश की चेतावनी है, वहीं बाकी बचे 50 जिलों में भी आंधी-तूफान और बारिश का येलो अलर्ट है. हालांकि, 2 जुलाई से सक्रिय हो रहे नए सिस्टम से सूखे खेतों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.
मध्य प्रदेश के आधे से ज्यादा हिस्सों में जून रहा सूखा
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार जून का महीना बीत गया है, लेकिन मध्यप्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अब तक सामान्य बारिश नहीं हो सकी है. पूरे राज्य का औसत आंकड़ा देखा जाए तो सामान्य तौर पर इस अवधि में 124.2 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन मात्र 75.7 मिमी बारिश ही दर्ज की गई है. पूर्वी मध्यप्रदेश के जिले जैसे अनूपपुर, दमोह, कटनी, और रीवा में 60 से 80 प्रतिशत कम बारिश हुई है. इनके साथ ही आलीराजपुर में 98 प्रतिशत कम पानी बरसा है.

अगले 24 घंटे का अलर्ट, 5 जिलों में 4 इंच तक गिर सकता है पानी
मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार मध्यप्रदेश के जिन 15 जिलों में मानसून की एंट्री हो चुकी है, उनमें से 5 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी और बालाघाट में अगले 24 घंटों के भीतर 4 इंच तक मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है. इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को आकाशीय बिजली चमकने के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है.

बाकी जिलों के लिए भी चेतावनी, 60 की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने केवल भारी बारिश वाले क्षेत्रों में ही नहीं, बल्कि प्रदेश के बाकी बचे सभी 50 जिलों में भी मौसम बिगड़ने की चेतावनी दी है. भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, ग्वालियर, रीवा और सागर संभाग समेत इन सभी जिलों में तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है. इन क्षेत्रों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से धूलभरी आंधी या तेज हवाएं चल सकती हैं. वहीं, ग्वालियर, भिंड, मुरैना और नीमच-मंदसौर जैसे इलाकों में कहीं-कहीं हल्की बारिश से मौसम में बदलाव की संभावना है.
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2 जुलाई से बदलेगा मौसम, नया सिस्टम कराएगा अति भारी बारिश
मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, '' उत्तर-पश्चिम भारत में 2 जुलाई 2026 से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है. इसके साथ ही अरब सागर से आ रही नमी के कारण मध्यप्रदेश में बारिश का एक नया दौर शुरू होगा. 2 और 3 जुलाई को नर्मदापुरम, डिंडौरी, बालाघाट, रायसेन और छिंदवाड़ा जैसे जिलों में अति भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जाएगी.

