पड़ोसी राज्यों में दहाड़ेंगे मध्य प्रदेश के बाघ, टाइगर आबाद करने की टैक्टफुल टेक्निक
बाघों की कम आबादी वाले राज्यों में मध्य प्रदेश के बाघ बढ़ाएंगे कुनबा. राजस्थान, छत्तीसगढ़ और ओडिशा भेजे जाएंगे 8 टाइगर.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : February 25, 2026 at 11:59 AM IST
|Updated : February 25, 2026 at 1:18 PM IST
रिपोर्ट: कपिल तिवारी
सागर: मध्य प्रदेश देश का ऐसा राज्य है, जहां बाघों की संख्या सबसे ज्यादा है. दूसरी तरफ कई ऐसे राज्य हैं, जहां बाघों की संख्या उंगलियों पर गिनने लायक है. पर्यावरण और वन्यप्राणियों का महत्व समझते हुए अब ये राज्य बाघों की संख्या बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश की तरफ उम्मीद भरी निगाहों से देख रहे हैं. राजस्थान, छत्तीसगढ़ और ओडिशा जैसे राज्यों की जहां बाघों की संख्या एक सैकड़ा पार भी नहीं हो पायी है. यहां बाघों का कुनबा बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश से बाघ मांगे गए हैं.
हालांकि, राजस्थान को एक बाघ हाल ही में दिसंबर में भेज दिया गया है. लेकिन अन्य राज्यों को बाघ भेजे जाने के लिए अभी उनकी मांग का इंतजार किया जा रहा है. इन तीनों राज्यों में मध्य प्रदेश से कुल 8 बाघ भेजे जाएंगे. इस शिफ्टिंग के लिए तमाम औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं, लेकिन मध्य प्रदेश सरकार इन राज्यों की तैयारियों और मांग के आधार पर बाघों की शिफ्टिंग करेगी.

तीनों राज्यों में बाघों की संख्या 100 से कम
जहां तक मध्य प्रदेश, कर्नाटक और उत्तराखंड की बात करें, तो ये देश के तीन ऐसे राज्य हैं जहां बाघों की संख्या सबसे ज्यादा है. कुछ राज्य ऐसे हैं, जहां बाघों की संख्या शून्य है और कुछ राज्य ऐसे भी है जहां बाघों की संख्या 100 से ऊपर तक नहीं हो पायी है. मध्य प्रदेश के पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ और राजस्थान की बात करें, तो यहां बाघों की संख्या काफी कम है. राजस्थान में 2022 की गणना के अनुसार 69 बाघ हैं, तो ओडिशा में 20 और छत्तीसगढ़ में महज 17 बाघ हैं.

बाघ शिफ्टिंग की तमाम औपचारिकताएं पूरी
इन राज्यों की मांग पर एक राज्य से दूसरे राज्य में बाघ शिफ्टिंग के लिए होने वाली तमाम औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं. पीसीसीएफ वाइल्डलाइफ शुभरंजन सेन ने ईटीवी भारत से बातचीत में बताया कि "एक राज्य से दूसरे राज्य में बाघों की शिफ्टिंग के लिए राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (National Tiger Conservation Authority) (NTCA) के माध्यम से औपचारिकताएं पूरी होती है. मांग करने वाले राज्यों को एनटीसीए से अपील करनी होती है. फिर एनटीसीए जिस राज्य में बाघों की संख्या ज्यादा होती है, उनसे बाघों की शिफ्टिंग के लिए सहमति मांगता है और सहमति के बाद भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून द्वारा बाघ मांगने वाले राज्यों में रिसर्च करायी जाती है. भारतीय वन्यजीव संस्थान एक रिपोर्ट तैयार करता है और उस रिपोर्ट के आधार पर एनटीसीए बाघों की शिफ्टिंग की अनुमति देता है."

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शुभरंजन सेन ने बताया कि ये तमाम औपचारिकताएं पूरी कर ली गयी हैं. मध्य प्रदेश ने राजस्थान, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के लिए बाघ देने पर समहति दे दी है. एक बाघ दिसंबर 2025 में राजस्थान शिफ्ट भी हो चुका है.

किन राज्यों को कितने बाघ भेजे जाएंगे
जहां तक राजस्थान, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में भेजे जाने वाले बाघों की संख्या पर बात करें, तो राजस्थान में 3 बाघ भेजे जाने पर मध्य प्रदेश ने सहमति दी है. जिनमें से एक बाघ भेजा जा चुका है. वहीं, छत्तीसगढ़ को 2 और ओडिशा को 3 बाघ भेजे जाने हैं.

पीसीसीएफ वाइल्डलाइफ शुभरंजन सेन ने बताया कि "कुल 8 बाघ भेजे जाने हैं, जिनमें से एक बाघ दिसंबर 2025 में राजस्थान को शिफ्ट किया जा चुका है. जहां तक बाघ दूसरे राज्यों को भेजे जाने का मामला है, तो उन राज्यों में बाघों की शिफ्टिंग के पहले जो तैयारियां करनी होती है. वो पूरी होने के बाद वो डिमांड करते हैं. फिर हम एनटीसीए की गाइडलाइन के तहत यहां पर भेजे जाने लायक बाघ का चयन करते हैं और फिर उसे जंगल से शिफ्टिंग के लिए पकड़ना होता है. फिर जाकर शिफ्टिंग होती है और इस प्रक्रिया में वक्त लगता है. अभी बाघ चाहने वाले राज्यों ने हमसे शिफ्टिंग की डिमांड नहीं की है. जैसे ही डिमांड आएगी, तब हम दूसरी औपचारिकताएं पूरी करके उनको बाघ भेजेंगे."

