मध्य प्रदेश में मानसूनी आफत, खंडवा-बड़वानी में रेड अलर्ट, 24 घंटे में डूब सकते हैं कई इलाके
मध्य प्रदेश के 19 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, अगले 24 घंटों में 8 इंच तक पानी गिरने की संभावना, बाढ़ का खतरा.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : July 4, 2026 at 12:16 PM IST
भोपाल: मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है. इसके प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश का दौर जारी है. मौसम केंद्र भोपाल ने भी आगामी 24 घंटों के लिए राज्य के 19 जिलों में अत्यंत भारी और भारी बारिश की गंभीर चेतावनी जारी की है. विशेष रूप से बड़वानी और खंडवा जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है, जहां अगले 24 घंटों में 8 इंच तक पानी गिरने की संभावना है. ऐसे में नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
खंडवा और बड़वानी में रेड अलर्ट
मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार, मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में मानसून अत्यधिक आक्रामक हो गया है. बड़वानी और खंडवा जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है. इन क्षेत्रों में गरज-चमक और 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाओं के साथ अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है. मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि, यहां अगले 24 घंटों के भीतर 8 इंच से अधिक वर्षा दर्ज की जा सकती है, जिससे निचली बस्तियों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थितियां उत्पन्न होने का खतरा बढ़ गया है.

इंदौर, उज्जैन समेत इन जिलों में आरेंज अलर्ट
मौसम केंद्र के अनुसार आज इंदौर और उज्जैन संभाग सहित कई अन्य जिलों के लिए आरेंज अलर्ट जारी किया है. रतलाम, उज्जैन, झाबुआ, धार, अलीराजपुर, खरगोन, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा और बालाघाट में भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है. इन जिलों में प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है. इसके अलावा इंदौर, देवास, सीहोर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर और पांढुर्णा में भी भारी बारिश का अनुमान है. इन सभी क्षेत्रों में आकाशीय बिजली गिरने के साथ तेज हवाओं की चेतावनी भी जारी की गई है.
पश्चिमी मध्य प्रदेश में औसत से अधिक, पूर्व में सूखा जैसा संकट
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पूरे मध्य प्रदेश में अब तक की कुल बारिश दीर्घावधि औसत से -13 प्रतिशत कम रही है. हालांकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में मानसून मेहरबान है और वहां सामान्य से +8 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है. इसके विपरीत पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, जहां अब तक औसत से -35 प्रतिशत कम वर्षा हुई है. वहीं रीवा, सागर, और जबलपुर संभाग के कई जिलों को अभी भी अच्छी बारिश का इंतजार है.
- पहली बारिश में डूबा भोपाल, जलभराव ने खोली नगर निगम के दावों की पोल
- मध्य प्रदेश में मानसून का खेल शुरू, उफान पर शिप्रा नदी, पानी में डूबे रामघाट के कई मंदिर
- मानसून का गदर! मध्य प्रदेश में IMD का पहला रेड अलर्ट, हैवी रेन के साए में हरदा-खंडवा
बीते 24 घंटों में पचोर और बालाघाट में रिकार्ड तोड़ बारिश
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी वर्षा दर्ज की गई है. मौसम केंद्र के अनुसार पचोर में सर्वाधिक 168 मिमी बारिश दर्ज की गई. इसके बाद बालाघाट में 143.8 मिमी, किरनापुर में 140.6 मिमी, लालबर्रा में 138.2 मिमी और खातेगांव में 120.0 मिमी वर्षा रिकार्ड की गई. इसके अलावा केवलारी, बिलहरी, बरघाट और वारासिवनी जैसे क्षेत्रों में भी 100 मिमी से अधिक पानी बरसा है. जबकि राजधानी भोपाल, इंदौर और देवास में भी रुक-रुक कर तेज बौछारें पड़ने का सिलसिला जारी है.
बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बढ़ा रहा है नमी
मौसम वैज्ञानिकों अरुण शर्मा के अनुसार, ''इस समय देश और प्रदेश में कई मजबूत मौसमी प्रणालियां सक्रिय हैं. उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी ओडिशा-पश्चिम बंगाल तटों पर एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, जिससे संबद्ध चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 7.6 किमी ऊंचाई तक फैला है. इसके साथ ही एक मुख्य मौसमी ट्रफ रेखा उत्तर-पश्चिम राजस्थान से लेकर उत्तरी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ होते हुए बंगाल की खाड़ी के कम दबाव के केंद्र तक जा रही है. इन प्रणालियों के कारण अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों तरफ से भारी मात्रा में नमी मध्यप्रदेश की ओर आ रही है, जो आगामी 4-5 दिनों तक राज्य में भारी बारिश का कारण बनी रहेगी.''

