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मीजल्स की गिरफ्त में मध्य प्रदेश, 8 महीने में 1407 मामले, ग्वालियर चंबल में एक तिहाई केस

मध्य प्रदेश में बढ़ा खसरा का संक्रमण, बालाघाट में तीन महीने में 34 नए केस, ग्वालियर चंबल के तीन जिले टॉप पर. रिपोर्ट पीयूष श्रीवास्तव.

MADHYA PRADESH MEASLES CASES SURGE
मीजल्स की गिरफ्त में मध्य प्रदेश (ETV Bharat GFX)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : August 28, 2026 at 3:15 PM IST

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Updated : August 28, 2026 at 3:21 PM IST

7 Min Read
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ग्वालियर: मध्य प्रदेश के बालाघाट में पिछले दो महीनों में 19 बच्चों की मौत हो गई है. मामलों में जांच के बाद जो रिपोर्ट सामने आई उसमें बच्चों में मलेरिया और खसरा का संक्रमण होना बताया गया. स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार बालाघाट इस वक्त खसरा का हॉटस्पॉट बना हुआ है. यहां अप्रैल से जुलाई के बीच 34 नए मामले बच्चों में मीजल्स के रिपोर्ट हुए हैं. लेकिन अगर आंकड़े देखे जाएं तो इससे ज्यादा चिंताजनक हालात इन दिनों ग्वालियर चंबल अंचल में बने हुए हैं. यहां मीजल्स के नए मामले भिंड, शिवपुरी से रिपोर्ट किये गये हैं, जबकि तीसरे पायदान पर ग्वालियर है जहां प्रदेश के कुल मामलों के लगभग एक तिहाई केस हैं.

मीजल्स के लिए विशेष वैक्सीनेशन ड्राइव

बीते 25 अगस्त को स्वास्थ्य विभाग की एक बैठक हुई जिसमें वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से प्रदेश में मीजल्स के हालात और वैक्सीनेशन की स्थिति की समीक्षा की गई. इसमें जिलों के स्वास्थ्य अधिकारियों टीकाकरण अधिकारियों को प्रदेश में चलाए जा रहे विशेष वैक्सीनेशन ड्राइव को लेकर दिशा निर्देश और स्थिति की जानकारी साझा की गई. ये बीते तिमाही की प्रोग्रेस पर आधारित थी. इस बैठक में प्रदेश के सभी जिलों के हालातों पर चर्चा हुई.

CHAMBAL ONE THIRD MEASELS CASES
मीजल्स से प्रभावित मध्य प्रदेश के टॉप 10 जिले (ETV Bharat GFX)

ग्वालियर चंबल के तीन जिले टॉप पर, भिंड में सबसे ज्यादा 123 मामले

मध्य प्रदेश में जनवरी से जुलाई 2026 तक लगभग 1407 केस बच्चों में खसरा के दर्ज हुए हैं. इनमें चंबल अंचल टॉप पर रहा क्योंकि यहां प्रदेश में सर्वाधिक 123 मामले अकेल भिंड जिले में दर्ज हुए हैं. वहीं, 81 केस के साथ शिवपुरी दूसरे और ग्वालियर 80 मामलों के साथ तीसरे स्थान पर है. इसके बाद चौथे नंबर पर राजधानी भोपाल है जहां 73 मामले जनवरी से अब तक सामने आए हैं.

हालतों में सुधार का दावा, तीन महीने से नया केस नहीं

स्वास्थ्य विभाग की माने तो पिछले तीन महीने में इन जिलों में हालतों में सुधार हुआ है. साथ ही इस साल पिछले वर्ष की तुलना में पॉजिटिविटी रेट कम हुआ है. भिंड के जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. गौरव भटनागर के मुताबिक, "भिंड में इस साल जनवरी से अब तक कुल 123 बच्चे खसरा से पीड़ित मिले हैं, जबकि पिछले वर्ष 130 बच्चे मीजल्स से ग्रसित पाए गए थे. इसमें भी 65 प्रतिशत बच्चे या तो पांच साल से ज्यादा या 9 महीने से कम उम्र के हैं. लेकिन इससे ज्यादा अच्छी बात यह है कि बीते तीन महीने से भिंड में एक भी नया केस मीजल्स का नहीं आया है." डॉक्टर भटनागर के मुताबिक ये ऐसे केस हैं जो संभवत: कोविड के दौरन वैक्सीनेशन से चूक गए थे. ऐसे में अब कैचअप ड्राइव के जरिए छूटे हुए बच्चों का वैक्सीनेशन कराया जा रहा है.

शिवपुरी में 7 नए केस, पिछले साल से आधे रह गए मामले

दूसरे नंबर पर शिवपुरी जिला है, जहां इस साल अब तक 81 बच्चों में मीजल्स रोग सामने आया है. बीते तीन महीनों के बीच 7 नए केस शिवपुरी में सामने आए. शिवपुरी के सीएमएचओ डॉ. संजय ऋषिश्वर ने बताया कि, "2025 में शिवपुरी में खसरा के 178 मामले सामने आए थे, ऐसे में इस साल सिर्फ 81 केस हैं जो बड़ी बात है. जिले में खसरा केसेस में सुधार हुआ है और ये आधे से भी कम रह गए हैं. पिछले साल 12 केस आउटब्रेक हुए थे लेकिन इस साल अभी तक सिर्फ एक केस ही रहा. लगातार जिले में मीजल्स के टीके लगाने का काम किया जा रहा है."

MP 1407 MEASLES CASES IN 8 MONTHS
मीजल्स प्रभावित मध्य प्रदेश के जिले (Source: MP Health Department)

तीसरे नंबर पर ग्वालियर, चौथे नंबर पर राजधानी भोपाल

तीसरा नंबर ग्वालियर का है जहां जनवरी से जुलाई तक 80 केस मीजल्स के सामने आये हैं. ये केस ग्वालियर के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से पुष्ट हुए हैं जिनका इलाज किया गया. वहीं, चिंता की बात यह है कि 2025 में खसरा के 73 मामले थे, जो इस साल बढ़कर 80 तक पहुंच चुके हैं. राजधानी भोपाल में इस साल 73, विदिशा में 64, दतिया में 52, मुरैना 49, सतना में 48, नीमच में 47, बुरहानपुर में 44 केस हैं.

बालाघाट में पांच दिनों में 8 हजार बच्चों का टीकाकरण

बीती तिमाही में बालाघाट में 34 नए बच्चे खसरा से ग्रसित पाये गये. इसके बाद इन्फेक्शन से बच्चों के मौत की बात सामने आई. आनन फानन में स्वास्थ्य विभाग ने जांच करायी. रिपोर्ट्स में भी इन्फेक्शन की वजह मलेरिया और खसरा ही बताया गया. इसके बाद सीएमएचओ डॉ. परेश उपलोल जिनके पास टीकाकरण अधिकारी का भी चार्ज था उनसे चार्ज हटा लिया गया और उनके स्थान पर दो दिन पहले डॉ. पारितोष शुक्ला को नया टीकाकरण अधिकारी बनाया गया. डॉ. पारितोष शुक्ला के मुताबिक "बालाघाट में वैक्सीनेशन के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है और पिछले पांच दिनों में कैचअप ड्राइव के तहत 8000 से ज़्यादा खसरा के टीके लगाए जा चुके हैं."

MADHYA PRADESH MEASLES CASES SURGE
मध्य प्रदेश में बीते 3 महीनों में मीजल्स के केस (ETV Bharat GFX)

बालाघाट में वैक्सीनेशन ट्रैकिंग बड़ी चुनौती

डॉ. पारितोष का कहना है कि, "बालाघाट में मीजल्स का वैक्सीनेशन और उसकी ट्रैकिंग एक बड़ी चुनौती है क्योंकि यहां रहने वाले गोंड और बैगा आदिवासी समुदाय के लोग साल में तीन बार खेती और मजदूरी के लिये अन्य शहरों और राज्यों में पलायन करते हैं. इसकी वजह से उनकी ट्रैकिंग कर पाना मुश्किल होता है. हालांकि अब विशेष ड्राइव के जरिए वैक्सीनेशन का प्रयास स्वास्थ्य विभाग द्वारा किया जा रहा है."

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बच्चों के लिए कितना खरनाक खसरा?

अमूमन भारत में खसरा के दो टीके MR 1 जन्म से 9-12 महीने के बीच और दूसरा MR 2 जो 16-24 महीने की उम्र में लगाया जाता है. यदि किसी बच्चें में खसरा का संक्रमण आता है तो उसके शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता कम होती है जिससे अन्य बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है. निमोनिया, दिमाग का संक्रमण, उल्टी दस्त, कान का इन्फेक्शन और अंधापन जैसी समस्याएं हो सकती हैं. इसमें शरीर पर लाल चकत्ते भी होते हैं जो खसरे को पहचानने में मददगार होते हैं. ये ऐसी बीमारी है जिसका संक्रमण दूसरे बच्चों में भी तेज़ी से फैलता है. ऐसे में समय पर इलाज और खसरा पीड़ित को दूसरे बच्चों से अलग रखना चाहिए.

मध्य प्रदेश में खसरा संक्रमण की स्थिति

खसरा प्रभावित मध्य प्रदेश के टॉप 10 जिलों में भिंड से 123, शिवपुरी से 81, ग्वालियर से 80, भोपाल से 73, विदिशा से 64, दतिया से 52, मुरैना से 49, सतना से 48, नीमच से 47 और बुरहानपुर से 44 मामले सामने आये हैं.

मध्य प्रदेश में बीते तीन महीने में कहां कितने नए मामले

1अप्रैल से 30 जून 2026 के बीच बालाघाट में 34, शिवपुरी और धार से 7- 7, पन्ना से 6, अलीराजपुर, खंडवा, शहडोल से 4- 4, बुरहानपुर, मंदसौर, श्योपुर से 3-3, इंदौर, उज्जैन, सागर, राजगढ़, छतरपुर और सिवनी से 2-2 केस सामने आये हैं. वहीं, नीमच, विदिशा, झाबुआ, खरगोन, देवास, भोपाल, सतना, उमरिया से 1-1 मामला दर्ज हुआ है. जबकि, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, जबलपुर समेत प्रदेश के बचे हुए जिलों में बीते तीन महीने में कोई नया केस नहीं आया है.

Last Updated : August 28, 2026 at 3:21 PM IST