ETV Bharat / state

मध्य प्रदेश में अति कुपोषित बच्चों के लिए संजीवनी से कम नहीं सैम मैनेजमेंट सिस्टम

इंटीग्रेटेड सैम मैनेजमेंट सिस्टम से गंभीर कुपोषित बच्चों को मिला नया जीवन. विदिशा में अति कुपोषित 229 बच्चों का उपचार. रवि प्रजापति की रिपोर्ट.

Malnutrition Integrated SAM Management System
पौष्टिक आहार से बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार (Etv Bharat)
author img

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : August 31, 2026 at 1:38 PM IST

4 Min Read
Choose ETV Bharat

विदिशा : मध्य प्रदेश में कुपोषण के खिलाफ सरकार की जंग जारी है. कुपोषण से मुकाबला करने के लिए इंटीग्रेटेड सैम मैनेजमेंट की तरकीब अपनाई जा रही है. इसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं. इंटीग्रेटेड सैम मैनेजमेंट से विदिशा जिला अस्पताल में बीते 4 माह में 229 बच्चों का उपचार किया गया. इंटीग्रेटेड सैम मैनेजमेंट के तहत गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों की पहचान के बाद उपचार और देखभाल की जाती है. इस प्रणाली से बाल मृत्यु दर कम करने में मदद मिलती है.

विदिशा जिला अस्पताल में भी सैम सिस्टम

विदिशा के श्रीमंत माधवराव सिंधिया जिला चिकित्सालय में भी गंभीर तीव्र कुपोषण से जूझ रहे बच्चों के उपचार के लिए इंटीग्रेटेड सैम मैनेजमेंट की व्यवस्था लागू की गई है. इसके तहत कुपोषित बच्चों के पोषण प्रबंधन के साथ अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का भी उपचार किया जा रहा है. शिशु विभाग प्रभारी डॉ. प्रमोद मिश्रा ने बताया "मध्य प्रदेश शासन की इस व्यवस्था के तहत जब कोई अति कुपोषित बच्चा अस्पताल पहुंचता है तो उसकी स्थिति के अनुसार पीडियाट्रिक वार्ड या पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट में भर्ती किया जाता है. यहां बुखार, दस्त, डिहाइड्रेशन या सांस संबंधी समस्या जैसी स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का उपचार किया जाता है."

विदिशा में इंटीग्रेटेड सैम मैनेजमेंट से 229 बच्चों का उपचार (ETV BHARAT)

कुपोषित बच्चों को स्पेशल डाइट और मॉनीटरिंग

डॉ. प्रमोद मिश्रा के अनुसार "इंटीग्रेटेड सैम मैनेजमेंट के तहत बच्चे की पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए एनआरसी से निर्धारित विशेष डाइट दी जाती है. बच्चे की स्थिति सामान्य होने के बाद उसे आगे के पोषण उपचार और निगरानी के लिए पोषण पुनर्वास केंद्र में शिफ्ट किया जाता है." शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. बृजेंद्र छारी के अनुसार "पोषण पुनर्वास केंद्र में बच्चों को चिह्नित करने के लिए तय प्रोटोकॉल के तहत वजन, लंबाई और एमयूएसी की माप की जाती है. ओपीडी और फील्ड से आने वाले बच्चों के अभिभावकों की काउंसलिंग कर उन्हें बच्चे को भर्ती कराने के लिए प्रेरित किया जाता है."

Malnutrition Integrated SAM Management System
कुपोषित बच्चों को स्पेशल डाइट और मॉनीटरिंग (ETV BHARAT)

पैरेंट्स को मिलती है आर्थिक सहायता

डॉ. बृजेंद्र छारी बताते हैं "अस्पताल में 14 दिन के प्रवास के दौरान बच्चों के खान-पान का विशेष ध्यान रखा जाता है. उन्हें दिन में 8 बार पौष्टिक आहार दिया जाता है, जिसमें दूध, हलवा और केला जैसे खाद्य पदार्थ शामिल हैं. शासन की ओर से बच्चों के इलाज के दौरान परिजनों के काम के नुकसान की भरपाई के लिए वेज कॉम्पन्सेशन के रूप में 120 रुपये प्रतिदिन की आर्थिक सहायता दी जाती है."

डिस्चार्ज से पहले बच्चे के टीकाकरण कार्ड की जांच की जाती है और यदि कोई टीका अधूरा है तो उसे पूरा कराया जाता है. डिस्चार्ज के बाद अगले दो महीने तक हर 15 दिन में कुल 4 फॉलोअप किए जाते हैं. बच्चों की स्वास्थ्य और पोषण स्थिति की निगरानी के साथ परिजनों को रेडी-टू-ईट फूड पैकेट और जरूरी दवाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं.

पौष्टिक आहार से बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार

दो वर्षीय बच्चे के 14 दिवसीय इलाज के बाद डिस्चार्ज होने पर एक मां ने बताया "अस्पताल में नियमित अंतराल पर दिए गए पौष्टिक आहार से बच्चे के स्वास्थ्य में काफी सुधार आया." जिला अस्पताल स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र की क्षमता 20 बेड की है. यहां बच्चों के खेलने के स्थान के साथ परिजनों की काउंसलिंग की भी व्यवस्था है. केंद्र में स्वीकृत तीन नर्सिंग स्टाफ के मुकाबले वर्तमान में महज एक नर्सिंग स्टाफ है. मेडिकल ऑफिसर का पद भी रिक्त है.

क्या है इंटीग्रेटेड सैम मैनेजमेंट

गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों के उपचार के लिए इंटीग्रेटेड सैम मैनेजमेंट सिस्टम अपनाया जाता है. इसके तहत गंभीर कुपोषित बच्चों की पहचान करने के बाद नियम के अनुसार उपचार और देखभाल की जाती है. इस सिस्टम के तहत सबसे पहले आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा गांवों में कुपोषित बच्चों की पहचान की जाती है. इसके बाद बच्चों को अस्पताल में एडमिट कराया जाता है. अस्पताल में नियमित रूप से पोषण आहार व दवाएं दी जाती हैं. अस्पताल से डिस्चार्ज के बाद भी बच्चे का नियमित फॉलोअप लिया जाता है.