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मध्य प्रदेश के अस्पतालों में शोपीस बने फायर सेफ्टी सिस्टम, न SNCU सुरक्षित और न ICU

मध्य प्रदेश के अस्पतालों में लगातार आग लगने की घटनाएं. सुरक्षा इंतजामों से खिलवाड़. छिंदवाड़ा से नागेन्द्र सिंह शक्रवार की रिपोर्ट.

Madhya Pradesh hospitals fire incidents
छिंदवाड़ा जिला अस्पताल में आग की घटना के बाद के हालात (ETV BHARAT)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : August 22, 2026 at 4:10 PM IST

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छिंदवाड़ा : मध्य प्रदेश के अस्पताल सरकारी हों या प्राइवेट, मरीज और उनके परिजन कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं. अन्य व्यवस्थाएं छोड़िए, अधिकांश अस्पतालों में आग के हादसे रोकने के इंतजाम नाकाफी हैं. अस्पतालों में लगाए गए फायर फाइटर शोपीस हैं. शुक्रवार को छिंदवाड़ा और भोपाल के अस्पतालों में आग से हुए हादसों से एक बात फिर साबित हो गई कि जब कोई बड़ा कांड होता है सरकार के साथ ही प्रशासनिक मशीनरी आदेशों के कागज दौड़ाती है. लेकिन व्यवस्थाएं सुधरने का नाम नहीं ले रही हैं.

बड़े हादसों के बाद भी कोई सुधार नहीं

1 अगस्त 2022 को जबलपुर के दमोह नाका स्थित न्यू लाइफ मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल में भीषण आग लगने से 8 लोग मौत का शिकार हुए. 23 लोग गंभीर रूप से झुलस गए थे. इससे एक साल पहले राजधानी भोपाल के कमला नेहरू हॉस्पिटल में हमीदिया के नीयोनेटल वार्ड में 8 नवंबर 2021 को हुए अग्निकांड के दौरान भर्ती सभी 4 नवजात बच्चों की मौत गई थी. इन दोनों मामलों के बाद पूरे प्रदेश के सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों का ऑडिट करने का आदेश राज्य सरकार ने दिया था. हादसे के एक हफ्ते तक अफसरों ने खानापूर्ति की लेकिन कहीं कोई सुधार नहीं दिखा.

छिंदवाड़ा जिला अस्पताल में फायर सेफ्टी उपकरण शोपीस बने (ETV BHARAT)

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने दिखाई थी सख्ती

इन दोनों घटनाओं को लेकर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने सरकार को विभिन्न प्रकार के आदेश दिए लेकिन बाद में सरकार और संबधित अधिकरियों ने पुराने ढर्रे पर चलना शुरू कर दिया. छिंदवाड़ा जिला अस्पताल में आग से झुलसे तीन बच्चों में एक की मौत हो गई. दो गंभीर हैं. जिला अस्पताल का निरीक्षण करने पर पाया गया कि यहां लगे फायर सेफ्टी सिस्टम शोपीस बने हुए हैं.

Madhya Pradesh hospitals fire incidents
नाम के लिए लगे फायर सेफ्टी उपकरण (ETV BHARAT)

छिंदवाड़ा नगरपालिका ने 3 बार दिए नोटिस

नगर निगम के सहायक फायर ऑफिसर अभिषेक दुबे ने बताया पिछले दो सालों से लगातार नगर पालिका निगम द्वारा जिला अस्पताल को 3 बार नोटिस दिए. उपकरणों को दुरुस्त करवा कर फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट प्राप्त करने को कहा गया. लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. इस मामले में कांग्रेस के जिला प्रवक्ता गुंजन शुक्ला ने पीड़ित परिवारों को मुआवजे की मांग की है. साथ ही अस्पताल में फायर सेफ्टी उपकरण दुरुस्त करने की भी मांग की है.

मध्य प्रदेश के अस्पतालों में आग की घटनाएं

  • 22 अगस्त 2026 : छिंदवाड़ा जिला अस्पताल के स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट में आग, 3 नवजात झुलसे, एक की मौत.
  • 22 अगस्त 2026 : भोपाल में दीपशिखा अस्पताल में शॉर्ट सर्किट से आग, अफरा-तफरी मची, कोई जनहानि नहीं.
  • मई 2026 : भोपाल के पीपल्स हॉस्पिटल के ठीक सामने व्यावसायिक इमारत में भीषण आग, अस्पताल परिसर में भी हड़कंप.
  • नवंबर 2025 : बैतूल अस्पताल के स्टोर रूम में अचानक आग भड़क उठी.
  • 8 नवंबर 2021 : भोपाल के कमला नेहरू हॉस्पिटल में हमीदिया के नीयोनेटल वार्ड में अग्निकांड, 4 नवजात की मौत.
  • 1 अगस्त 2022 : जबलपुर के न्यू लाइफ मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल में भीषण आग, 8 मौते, 23 झुलसे.
  • उज्जैन के पटिदार अस्पताल के आईसीसीयू में आग लगने से हड़कंप, 80 मरीजों को दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट करना पड़ा था.