मध्य प्रदेश में मानसून का रौद्र रूप, ऊफान पर नर्मदा नदी, गांवों से टूटा संपर्क, खोले गए डैम के गेट
मध्य प्रदेश में मानसून दिखा रहा विकराल रूप, मंडला, डिंडौरी से लेकर पन्ना और मैहर में भारी बारिश, नर्मदा का बढ़ा जलस्तर, पन्ना और उमरिया में खोले गए डैम के गेट.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : August 21, 2026 at 4:45 PM IST
|Updated : August 21, 2026 at 5:14 PM IST
मंडला: मध्य प्रदेश में इस समय मानसून कुछ ज्यादा ही मेहरबान है. हालात यह हैं कि कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात देखने मिल रहे हैं. लगातार हो रही बारिश से मंडला, डिंडौरी, मैहर और पन्ना में जनजीवन अस्तव्यस्त है. डिंडौरी में बारिश के चलते नर्मदा नदी का जलस्तर बढ़ गया है. वहीं मैहर के अमरपाटन ताला और अन्य अलग-अलग क्षेत्रों पर नदी और नाले ऊफान पर हैं. जबकि पन्ना में बांध के 5 गेट खोले गए. कई जिलों में आफत की बारिश देखते हुए प्रशासन एक्टिव मोड में है.
मंडला-डिंडौरी में बारिश, नर्मदा का बढ़ा जलस्तर
बताते चलें मंडला में लगातार रूक-रूक कर बारिश हो रही है. छोटे रपटा घाट की बात की जाए तो रपटा घाट के ऊपर से 3 फिट के करीब पानी बह रहा है, जो बडे़ पुल को छूने की कगार पर है. वहीं डिंडोरी जिले में भी बारिश के चलते नर्मदा नदी का जलस्तर बढ़ते ही चला जा रहा. ऐसे में लोग नर्मदा के जलस्तर को देखने पहुंच रहे हैं, वे मंदिर और घाटों के पास जाकर सेल्फी ले रहे हैं. जबकि प्रशासन लोगों से जलभराव के नजदीक न जाने की लगातार अपील कर रहा है. लोगों की लापरवाही की जानकारी मिलते ही होमगार्ड और सिटी कोतवाली निरीक्षक सफीक खान मौके पहुंचे और लोगों को वहां से हटाया.
मैहर में बारिश से टूटा कई गांवों का संपर्क
वहीं मैहर में पिछले 24 घंटे से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. लगातार हो रही बारिश से जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बन रहे हैं. अमरपाटन क्षेत्र के आसपास कई गांव में बाढ़ जैसी स्थिति आ गई है. जिसकी वजह से नदी नाले उफान पर हैं. अमरपाटन के मरहा, भंवरा, मुरझुआ, जैसे गांव के बीच में नदी का जल स्तर बढ़ाने की वजह से इन गांव का संपर्क लोगों से टूट गया है. जिससे आवागमन पूरी तरह से प्रभावित हो गया है.
मुकुंदपुर बना टापू संपर्क मार्गों पर भर पानी

पलायन करने के लिए मजबूर लोग
कई गांव में जलस्तर बढ़ाने की वजह से घरों में पानी घुस रहा है. जिसकी वजह से लोग अपने घरों को छोड़कर ऊंचाई वाले स्थान पर जाने के लिए मजबूर हो रहे हैं. वहीं प्रशासन भी अलर्ट मोड पर दिखाई दे रहा है. अमरपाटन एसडीएम आरती सिंह और तहसीलदार प्रवीण त्रिपाठी क्षेत्र का निरीक्षण कर रहे है. इसके साथ ही लोगों से भी उफनते हुए नालों को पार नहीं करने की अपील कर रहे हैं.

पन्ना में 5 दिन से बारिश, तेंदुघाट डैम के खोले गए 5 गेट
ऐसे ही कुछ हालात पन्ना जिले में भी हैं. पन्ना में बीते पांच दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है. केन, मिढ़ासन, व्यारमा और पतने नदियां विकराल रूप धारण कर उफान पर हैं. जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है. तेंदुघाट बांध में जलस्तर तेजी से बढ़ने से प्रशासन को 5 गेट खोलने पड़े. मौसम विभाग के अलर्ट और बिगड़ते हालातों को देखते हुए कलेक्टर उषा परमार ने 21 और 22 अगस्त को नर्सरी से 12वीं तक के सभी सरकारी व निजी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है.

पन्ना में इस सीजन 708 इंच बारिश दर्ज
बारिश के कारण शाहनगर-बोरी मार्ग पर केन नदी का पानी पुल के ऊपर से बह रहा है, जिससे दर्जनों गांवों का संपर्क कट गया है. शाहनगर थाना प्रभारी रवि सिंह जादौन ने लोगों से जान जोखिम में न डालने की अपील की है. फंसे यात्रियों के रुकने और भोजन की व्यवस्था संदीपनी विद्यालय में की गई है. भू-संसाधन विभाग के अनुसार, "जिले में आज यानि शुक्रवार को औसतन 30 मि.मी. (1.2 इंच) बारिश दर्ज हुई.
सबसे ज्यादा पानी गुन्नौर में 49.1 मिमी और अमानगंज में 38.0 मिमी बारिश दर्ज हुई. इस सीजन में अब तक जिले में कुल 708.2 मिमी बारिश हो चुकी है, जो सामान्य वर्षा का 60.2% है. निचले इलाकों में पानी भरने से स्थिति नाजुक बनी हुई है."
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उमरिया में बारिश के बाद रहवासी इलाके में पहुंचा मगरमच्छ
उमरिया में भारी बारिश के बाद जोहिला डैम के भी 2 गेट खोल दिए गए हैं. वहीं मानपुर नगर पालिका क्षेत्र अंतर्गत वार्ड नंबर 1 में गुरुवार देर रात उस वक्त अफरा तफरी मच गई. जब रिहायशी इलाके में एक मगरमच्छ दिखाई देने की सूचना मिली. स्थानीय वार्डवासियों ने तुरंत इसकी जानकारी वन विभाग को दी. टीम ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद मगरमच्छ का रेस्क्यू किया. वार्डवासी रवि सेन ने बताया कि "बारिश में जलभराव बढ़ने के कारण मगरमच्छ अपने ठिकाना छोड़कर नगर पालिका के वार्ड क्रमांक एक पर पहुंच गया.

जैसे ही इसकी जानकारी वार्डवासियों को लगी तो मगरमच्छ को देखने के लिए लोग इकट्ठे हो गए." वन परिक्षेत्र अधिकारी अंकित सोनी ने बताया कि "जैसे ही हमें मगरमच्छ दिखाई देने की सूचना वार्डवासियों के द्वारा मिली, हमने तुरंत मगरमच्छ का रेस्क्यू कर उसे नदी में छोड़ दिया है."

