'मां' योजना में अब पूरे देश में इलाज की सुविधा, 30 हजार अस्पताल शामिल, निशुल्क मिलेगा उपचार
आउटबाउण्ड पोर्टिबिलिटी के तहत अब तक लगभग 350 रोगियों ने उपचार प्राप्त कर लिया है.


Published : January 4, 2026 at 3:50 PM IST
जयपुर: प्रदेश में लागू की गई मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (MAA) का लाभ अब अन्य राज्यों में भी मिल सकेगा. योजना में शामिल राज्य के करोड़ों परिवार अब देश के दूसरे राज्यों में भी निशुल्क उपचार ले सकेंगे. इस योजना में देश के 30 हजार से अधिक अस्पतालों का बड़ा नेटवर्क शामिल हो गया है. इससे प्रदेश के नागरिकों को देश के नामी अस्पतालों में गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सकेगा.
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने बताया कि केन्द्र सरकार की प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) को एकीकृत कर वृहद रूप में संचालित की गई मां योजना आज न केवल प्रदेश के भीतर, बल्कि प्रदेश की सीमाओं के बाहर भी निशुल्क और कैशलेस इलाज की गारंटी बन चुकी है. राज्य सरकार ने इस योजना में करीब 6 माह पहले इंटर स्टेट पोर्टेबिलिटी लागू की थी, जिसके पहले चरण में इन बाउण्ड पोर्टेबिलिटी लागू की गई थी, जिसके तहत दूसरे राज्यों के नागरिकों को राजस्थान में इलाज की सुविधा उपलब्ध करवाई गई थी. गत 19 दिसम्बर से इस योजना में आउटबाउण्ड पोर्टेबिलिटी की सुविधा प्रारंभ कर दी गई है. इससे प्रदेश के नागरिकों को देश के अन्य राज्यों में निशुल्क उपचार की सुविधा मिल सकेगी.
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गंभीर रोगियों को मिलेगा लाभ: चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि अब तक गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए कई मरीजों को मजबूरी में गुजरात, दिल्ली जैसे अन्य राज्यों में जाकर इलाज कराना पड़ता था. इस पीड़ा को समझते हुए राज्य सरकार ने जनहितकारी निर्णय लेते हुए आउटबाउंड पोर्टिबिलिटी को लागू कर दिया है. इस नई व्यवस्था के तहत अब राजस्थान के पात्र परिवार प्रदेश के बाहर भी एम्पैनल्ड अस्पतालों में कैशलेस इलाज प्राप्त कर सकेंगे. आउटबाउंड पोर्टिबिलिटी का लाभ न केवल PMJAY के पात्र परिवारों को मिलेगा, बल्कि मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के सभी पात्र परिवारों को भी देश के अन्य राज्यों में 25 लाख रुपये तक का निशुल्क उपचार उपलब्ध होगा.
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नामी अस्पतालों में मिलेगा गुणवत्तापूर्ण इलाज: राठौड़ ने बताया कि आउटबाउण्ड पोर्टेबिलिटी के अंतर्गत देश के विभिन्न राज्यों (तमिलनाडु और कर्नाटक को छोड़कर) में स्थित लगभग 16 हजार सरकारी और 14 हजार निजी अस्पतालों में इलाज की सुविधा मिलेगी. इसमें पड़ोसी राज्यों के प्रमुख अस्पताल भी शामिल हैं. दिल्ली के 184, गुजरात के 2067, हरियाणा के 1366, मध्य प्रदेश के 1622, महाराष्ट्र के 1709, पंजाब के 823 और उत्तर प्रदेश के 6182 अस्पताल इस योजना में सूचीबद्ध हैं. इसमें दिल्ली एवं भोपाल के एम्स, मेदांता, चंडीगढ़ का पीजीआई, लखनउ का केएमपीयू, गुजरात के यूएन मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एण्ड रिसर्च सेंटर, द गुजरात कैंसर एण्ड रिसर्च सेंटर, बनास मेडिकल कॉलेज एण्ड रिसर्च इंस्टीट्यूट, पालनपुर, सहित कई नामी अस्पताल शामिल हैं.
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अब तक 7100 करोड़ का कैशलेस इलाज: राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हरजीलाल अटल ने बताया कि आउटबाउण्ड पोर्टिबिलिटी के तहत अब तक लगभग 350 रोगियों ने उपचार प्राप्त कर लिया है. वर्तमान में इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के 1.36 करोड़ पात्र परिवारों को 25 लाख रुपए तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है. योजना में करीब 2200 प्रकार के उपचार पैकेज शामिल हैं, जिनमें सामान्य रोगों से लेकर कैंसर, हृदय रोग, किडनी रोग, अंग प्रत्यारोपण जैसी गंभीर और खर्चीली बीमारियों का इलाज संभव है. विगत दो वर्ष में योजना के तहत 37 लाख से अधिक मरीजों को 7100 करोड़ रुपए से अधिक का निशुल्क उपचार दिया जा चुका है. इनमें ढाई लाख ऐसी गंभीर रोगी शामिल हैं, जो जीवन और मौत से संघर्ष कर रहे थे। इस योजना से उन्हें नया जीवन मिला.

