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सर्दी में राहत देने के लिए तैयार नहीं लखनऊ के रैन बसेरे; 68 में से कुछ ही चालू, महापौर बोलीं- 15 दिसंबर तक सभी खुलेंगे

स्थाई और अस्थाई मिलाकर कुल 68 जगहों पर खोले जाने हैं रैन बसेरे, कई में चल रहा मरम्मत का काम.

महापौर ने दी जानकारी.
महापौर ने दी जानकारी. (Photo Credit; ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : November 17, 2025 at 5:59 PM IST

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लखनऊ : ठंड दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है. इसके बावजूद लखनऊ नगर निगम और जिला प्रशासन की तैयारियां अभी तक अधूरी हैं. कई रैन बसेरे अभी तक बंद हैं. कुछ को ही खोला गया है. ईटीवी भारत ने कड़ाके की ठंड के मद्दनेजर रैन बसेरे के इंतजामों को परखने की कोशिश की. पढ़िए रिपोर्ट..

पहाड़ी इलाकों में लगातार गिरते तापमान का असर अब मैदानी क्षेत्रों में भी दिखने लगा है. लखनऊ समेत आसपास के जिले आगामी दिनों में शीतलहर से घिरे रह सकते हैं. सुबह 8 बजे तक, इसके बाग शाम को 5 बजे से रात तक ठंडक महसूस की जा रही है. ऐसे में बेसहारा और बाहर से आए श्रमिकों को रैन बसेरे ही राहत पहुंचाते हैं. इसके बावजूद अभी कुछ ही रैन बसेरे चल रहे हैं.

रैन बसेरों की हालत पर रिपोर्ट. (Video Credit; ETV Bharat)

महापौर का दावा- व्यापक इंतजाम किए गए हैं : लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल के अनुसार सर्दियों से पहले नगर निगम ने रैन बसेरों और अलाव के लिए व्यापक व्यवस्था की है. बेघर, बेसहारा और प्रवासी श्रमिकों को ठंड से राहत देने के लिए शहरभर में रैन बसेरों की व्यवस्था की गई है. अलाव जलाने के लिए भी 1500 स्थान चिन्हित कर लिए गए हैं.

शहर में 28 स्थाई जबकि 40 अस्थाई रैन बसेरे : नगर आयुक्त गौरव कुमार ने बताया कि शहर में 28 स्थाई रैन बसेरे सालभर चलते हैं, इन्हें बंद नहीं किया जाता. 40 अस्थाई रैन बसेरे बनाए जा रहे हैं, जिनके लिए स्थल चिन्हित कर लिए गए हैं. कुल 68 रैन बसेरे रहेंगे. यहां गद्दे, रजाइयां, साफ-सफाई और रंग-रोगन का काम तेजी से चल रहा है. 15 दिसंबर तक सभी अस्थाई रैन बसेरे खोलने की योजना है, लेकिन यदि सर्दी पहले बढ़ी तो 1 दिसंबर से ही इन्हें खोला जा सकता है.

निगम का कहना है कि वृक्षों की कटाई से प्राप्त लकड़ी पर्याप्त है. आवश्यकता पड़ने पर टेंडर भी जारी किए जाएंगे.

दावों से अलग निकली हकीकत : ईटीवी भारत की टीम जब लक्ष्मण मेला मैदान के अस्थाई रैन बसेरे पर पहुंची तो वहां सिर्फ मरम्मत का काम चलता मिला. स्थानीय गार्ड आदिल हसन ने बताया कि यह रैन बसेरा कई महीनों से बंद है. अब मरम्मत शुरू हुई है, लेकिन यहां फिलहाल कोई भी रहने नहीं आता.

कुछ रैन बसेरे पूरी तरह चालू, कई अब भी बंद : शहर के कई रैन बसेरों के संचालन की जिम्मेदारी संस्था को सौंपी गई है. चारबाग रेलवे स्टेशन का रैन बसेरा पूरी क्षमता से चालू है. यात्री लगातार इसका उपयोग कर रहे हैं. एवरेडी चौराहा स्थित अस्थाई रैन बसेरा भी बेघर लोगों के लिए खुला है.

हालांकि कई अन्य रैन बसेरे महीनों से बंद पड़े हैं. नगर आयुक्त का स्पष्ट कहना है कि जो भी रैन बसेरे बंद पड़े हैं, उन्हें खोला जाएगा. संचालक संस्था जिम्मेदार होगी. लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी.

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