ETV Bharat / state

लखनऊ विश्वविद्यालय में हॉस्टल की छात्राओं का धरना; मेस के भोजन से बीमार छात्रा, हंगामा

लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रवक्ता मुकुल श्रीवास्तव ने बताया कि पीड़ित छात्रा को तुरंत डॉक्टर से परामर्श दिलाया गया.

लखनऊ विश्वविद्यालय में हॉस्टल की छात्राओं का धरना.
लखनऊ विश्वविद्यालय में हॉस्टल की छात्राओं का धरना. (Photo Credit: ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : February 26, 2026 at 10:31 AM IST

2 Min Read
Choose ETV Bharat

लखनऊ: गंगा हॉस्टल लखनऊ विश्वविद्यालय के मेस में भोजन की क्वालिटी को लेकर हंगामा हो गया. दूषित भोजन से एक छात्रा की तबीयत बिगड़ने से नाराज हॉस्टल की छात्राओं ने धरना दिया और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. नाराज छात्राओं ने बुधवार का डिनर भी नहीं किया.

वहीं, लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रवक्ता मुकुल श्रीवास्तव ने बताया कि पीड़ित छात्रा को तुरंत डॉक्टर से परामर्श दिलाया गया. साथ ही आवश्यक मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराई गई. फिलहाल, छात्रा की स्थिति स्थिर बताई जा रही है. मेस के भोजन की गुणवत्ता जांच भी कराई जाएगी.

भोजन से छात्राएं बीमार: छात्राओं का आरोप है कि मेस में परोसे गए भोजन को खाने के बाद लॉ थर्ड ईयर की एक छात्रा की तबीयत बिगड़ गई. उसे उल्टियां होने लगीं और वह बेहोश हो गई. साथी छात्राओं का कहना है कि सूचना देने के बावजूद समय पर मेडिकल हेल्प उपलब्ध नहीं कराई गई.

मेस संचालक के खिलाफ भी कोई कार्रवाई नहीं की गई. गंगा हॉस्टल के मेस में खाना खाने के बाद छात्रा की हालत बिगड़ी थी. इससे आक्रोशित छात्राओं ने बुधवार देर शाम हॉस्टल परिसर में जमकर हंगामा किया.

उनका कहना है कि जब तक मेस संचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होगी, धरना जारी रहेगा. मामला यहीं नहीं थमा, देर रात एक और छात्रा की तबीयत खराब हो गई. उसे तत्काल डॉक्टर के पास ले जाया गया.

बताया जा रहा है कि मेस का खाना खाने के बाद कई छात्राओं ने पेट दर्द, उल्टी और अन्य स्वास्थ्य संबंधी शिकायतें की हैं. इससे हॉस्टल में दहशत और नाराजगी का माहौल है. धरना दे रहीं छात्राओं ने हॉस्टल की प्रोवोस्ट नीतम सिंह पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं.

छात्राओं का कहना है कि उनकी शिकायतों को गंभीरता से लेने के बजाय उन्हें धमकाया गया और दबाव बनाने की कोशिश की गई.

यह भी पढ़ें: IIT कानपुर और NCRA पुणे के वैज्ञानिकों की बड़ी उपलब्धि; तारों की दूरी-गति मापना आसान