लखनऊ में यूनिवर्सिटी रोड पर सड़क धंसी; गड्ढे में गिरा बाइकसवार बाल-बाल बची जान, बरेली में जलभराव बना मुसीबत
यूपी में कई दिनों से हो रही बारिश नगर निगम और लोक निर्माण विभाग के तमाम दावों की पोल खोल रही है.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : September 2, 2026 at 12:43 PM IST
|Updated : September 2, 2026 at 1:05 PM IST
लखनऊ/बरेली : नगर निगम और लोक निर्माण विभाग के दावों पर बारिश कहर बनकर गिर रही है. बारिश के दौरान लखनऊ में आईटी चौराहे के पास यूनिवर्सिटी रोड पर सड़क धंसने से करीब आठ फिट गहरा गड्ढा हो गया. जिसमें एक बाइकसवार गिर गया. हालांकि बाइकसवार को आसपास मौजूद लोगों ने बचा लिया और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया. वहीं बरेली में जल निकासी व्यवस्था चौपट होने से शहर के तमाम इलाकों में जलभराव हो गया. कई इलाकों में बारिश का पानी घरों में घुस गया.
लखनऊ में घटना उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री, लखनऊ के पूर्व मेयर और वर्तमान में राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा के घर के पास हुई है. पिछले साल भी यहां सड़क फट गई थी. तब भी पाइपलाइन में रिसाव हुआ था. समस्या का समाधान जल निगम ने ठीक से नहीं कराया. इसके बावजूद लोक निर्माण विभाग ने ऊपर से सड़क बना दी. बुधवार सुबह 9 बजे यहां फिर से वही सड़क धंस गई. जिसमें बाइक चालक की जान बाल बाल बची.
लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता सचिन कुमार का कहना है कि वह जल्द ही मौके पर पहुंचकर पूरा परीक्षण करेंगे और सड़क को दुरुस्त कराया जाएगा. फिलहाल मौके पर पुलिस ने डायवर्जन लगा दिया है. बैरिकेड करके लोगों को दूसरे रास्ते से जाने की सलाह दी गई है. इस वजह से पीक ऑवर्स में जाम लग रहा है. प्रत्यक्षदर्शी रवि प्रकाश शुक्ला ने बताया कि हम लगातार मांग उठा रहे हैं कि पाइपलाइन को नए सिरे से बदला जाए. इसके बावजूद प्रशासन अनसुनी कर रहा है. इससे पहले इस तरह की घटनाएं विकासनगर में हुई इस सड़क पर भी हुई. इसके बावजूद जिम्मेदारों के कान पर जू नहीं रंग रही. एक
बरेली में बारिश और जलभराव से जनजीवन अस्त व्यस्त
बुधवार को कुछ ही घंटों की बारिश में बरेली नगर निगम के जल निकासी के दावों की पोल खुल गई. दरगाह आला हजरत मोड़, मलूकपुर बजरिया, सौदागरान और बमनपुरी समेत तमाम घनी आबादी वाले इलाकों में बारिश का पानी सड़कों पर जमा हो गया. कई इलाकों में सड़कों पर बह रहा पानी लोगों के घरों में घुस गया. इससे राहगीरों, दुकानदारों और कामकाजी लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी. दुकानों के आसपास पानी भरने से कारोबार भी प्रभावित हुआ.
जनसेवा टीम के अध्यक्ष और समाजसेवी पम्मी खां वारसी का कहना है कि मलूकपुर बजरिया, सौदागरान और आसपास के मोहल्लों से बारिश के पानी की निकासी में टक्कर की पुलिया की अहम भूमिका है. पुलिया का मुहाना संकरा होने के कारण पानी का बहाव ठीक से नहीं हो पाता है. नतीजतन नालों का पानी पीछे की ओर लौट कर जलभराव का कारण बन रहा है.
पम्मी खां वारसी का कहना है कि नगर निगम प्रशासन हर साल बारिश के पहले जल निकासी के तमाम दावे करता है और लाखों का बजट भी खर्च करता है, लेकिन बारिश में सारे दावे हवाई साबित होते हैं.
यह भी पढ़ें : लखनऊ में CM योगी के आवास के पास सड़क धंसी, ट्रक फंसा, निकालने के लिए मंगाई गई क्रेन
यह भी पढ़ें : बांदा में मूसलाधार बारिश बनी काल; बरसाती नाले में डूबकर 2 महिलाओं समेत 3 लोगों की मौत

