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लखनऊ में पुलिस ने 6 घंटे से डिजिटल अरेस्ट बुजुर्ग को छुड़ाया; साइबर ठगों ने CBI अफसर बनकर जाल में फंसाया

बैंककर्मी वॉशरूम जाने का बहाना कर घर से निकला, पड़ोसी के फोन से परिजनों को सूचना दी.

लखनऊ पुलिस ने बुजुर्ग को ठगों से छुड़ाया
लखनऊ पुलिस ने बुजुर्ग को ठगों से छुड़ाया. (Photo Credit; Lucknow Police)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : January 7, 2026 at 7:31 AM IST

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Updated : January 7, 2026 at 9:11 AM IST

4 Min Read
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लखनऊ: सिंधु नगर इलाके में रहने वाले 70 वर्षीय रिटायर्ड बैंककर्मी इंद्रजीत सिंह को साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट कर करीब 6 घंटे तक बंधक बनाए रखा. जालसाजों ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर उन्हें पॉर्न वीडियो और हवाला कारोबार के झूठे केस में फंसाने की धमकी दी. बैंककर्मी ने वॉशरूम जाने का बहाना और घर से बाहर निकलकर पड़ोसी के फोन से अपने परिजनों को सूचना दी. सूचना पर पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर बुजुर्ग को मुक्त कराया. पुलिस की इस तत्परता बुजुर्ग लाखों रुपये की ठगी का शिकार होने से बच गए.

पुलिस का हवाला देकर डराया: प्रभारी निरीक्षक प्रधुम्न कुमार सिंह ने बताया कि ​सिंधु नगर निवासी इंद्रजीत सिंह (70), जो एक रिटायर्ड बैंक कर्मी हैं, मंगलवार को घर में अकेले थे. दोपहर करीब 2 बजे उनके पास एक अनजान नंबर से कॉल आई. फोन करने वाले ने खुद को सीबीआई का अधिकारी बताया. ठगों ने इंद्रजीत सिंह पर आरोप लगाया कि उनके मोबाइल नंबर से अश्लील वीडियो प्रसारित किए जा रहे हैं. जब इंद्रजीत ने सफाई दी तो जालसाजों ने उन्हें मुंबई तिलक नगर पुलिस का हवाला देकर डराया और कहा कि वे हवाला कारोबार में शामिल हैं. ठगों ने उनका नाम बड़े उद्योगपतियों के साथ जोड़ते हुए फोन सर्विलांस पर होने का दावा किया.

लखनऊ पुलिस ने बुजुर्ग को ठगों से छुड़ाया (Video Credit; Lucknow Police)

परिजनों की सूचना पर पहुंची पुलिस: करीब ​6 घंटे बीत जाने के बाद बैंककर्मी ने वॉशरूम जाने का बहाना और घर से बाहर निकलकर पड़ोसी के फोन से अपने परिजनों को सूचना दी. सूचना मिलते ही तत्काल कृष्णानगर की पुलिस टीम के साथ पीड़ित के घर पहुंची. वहां उन्होंने देखा कि बुजुर्ग बुरी तरह डरे हुए थे और डिजिटल अरेस्ट के जाल में फंसे थे. पुलिस ने फोन कटवाया और इंद्रजीत सिंह को समझाया कि यह सब फर्जी था. पुलिस ने कहा कि भविष्य में ऐसी किसी भी संदिग्ध वीडियो कॉल या मैसेज का जवाब न दें. बुजुर्ग को ठगी से बचाने के लिए परिजनों ने लखनऊ पुलिस की प्रशंसा की.

प्राइवेट कर्मी को डिजिटल अरेस्ट कर 20 हजार ठगे: इसी तरह लखनऊ के चिनहट के मल्हौर इलाके में डिजिटल अरेस्ट के जरिए एक प्राइवेट कंपनी के कर्मचारी से ठगी को अंजाम दिया गया. खुद को मुंबई साइबर क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर ठगों ने पीड़ित और उसके पूरे परिवार को संगीन जुर्म में जेल भेजने की धमकी दी. दहशत में आए युवक ने जालसाजों के क्यूआर कोड पर 20,400 रुपये ट्रांसफर भी कर दिए.

आरोपी ने गाली-गलौज शुरू कर दी: ​पीड़ित अजीत कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि 5 नवंबर की सुबह उनके पास एक कॉल आई. फोन करने वाले ने खुद को मुंबई साइबर क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया. जालसाज ने कहा कि अजीत के खिलाफ मुंबई में केस दर्ज है और पुलिस की टीम उनके परिवार को गिरफ्तार करने के लिए घर निकल चुकी है. जब अजीत ने विरोध किया, तो आरोपी ने पुलिसिया अंदाज में गाली-गलौज शुरू कर दी और पूरे परिवार की बदनामी का डर दिखाया. ​अजीत से जालसाजों ने बैंक खातों की जानकारी ली और 'केस रफा-दफा' करने के नाम पर 1 लाख रुपये की मांग की. अजीत ने डर के मारे अपने खाते में मौजूद 20,400 रुपये जालसाज द्वारा भेजे दिए. ठग इतने पर नहीं रुके और लगातार और पैसों का दबाव बनाने लगा.

चिनहट थाने में शिकायत दर्ज कराई: बाकी पैसों के इंतजाम के लिए अजीत ने अपने एक दोस्त को फोन किया. घबराहट भरी आवाज सुनकर दोस्त को शक हुआ. जब अजीत ने पूरी बात बताई, तो दोस्त ने तुरंत समझ लिया कि यह साइबर फ्रॉड है. उसने अजीत को शांत कराया और तुरंत फोन कटवा दिया. दोस्त की मदद से ही तुरंत साइबर पोर्टल और चिनहट थाने में शिकायत दर्ज कराई गई.

​इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. पुलिस उन बैंक खातों और मोबाइल नंबरों को ट्रेस कर रही है, जिनके जरिए ठगी को अंजाम दिया गया.

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Last Updated : January 7, 2026 at 9:11 AM IST