लखनऊ की सड़कों पर दौड़ेंगी 10 नई रेसर मोबाइल, बड़े आयोजनों के लिए ये नियम अनिवार्य
पुलिस कमिश्नर ने यातायात व्यवस्था को लेकर की समीक्षा, 42 अतिरिक्त उप-निरीक्षक तैनात किए जाएंगे.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : January 3, 2026 at 7:19 AM IST
लखनऊ: नए साल के पहले दिन राजधानी के प्रमुख मंदिरों में करीब 5 लाख श्रद्धालुओं और 1 लाख वाहनों के दबाव को देखते हुए पुलिस कमिश्नर ने यातायात व्यवस्था की बड़ी समीक्षा की. शहर में ट्रैफिक सुचारू रखने के लिए 10 नई रेसर मोबाइल और 42 अतिरिक्त उप-निरीक्षक तैनात किए जाएंगे. बड़े आयोजनों के लिए आयोजकों द्वारा ट्रैफिक मार्शल तैनात करना अनिवार्य कर दिया गया है, ऐसा न करने पर अनुमति रद्द कर दी जाएगी.
मंदिरों में उमड़ा जनसैलाब: पुलिस कमिश्नर की बैठक में सामने आया कि नए साल पर लोग मॉल और कैफे के बजाय धार्मिक स्थलों की ओर अधिक आकर्षित हुए. हनुमान सेतु, खाटूश्याम मंदिर, मनकामेश्वर और हनुमंत धाम 1 किमी की परिधि में सबसे ज्यादा दबाव रहा. चौक और नदवा बंधा जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में सड़कें कम चौड़ी होने के बावजूद यातायात को चलायमान रखा गया. भीड़ इतनी अधिक थी कि चिड़ियाघर के टिकट काउंटर तक बंद करने पड़े.
पुलिस कमिश्नर द्वारा जारी निर्देश
- अतिरिक्त पुलिस बल: यातायात पुलिस को 10 नई रेसर मोबाइल बाइक और 42 उप-निरीक्षक तत्काल प्रभाव से प्रदान किए गए हैं.
- आयोजकों पर सख्ती: अब किसी भी बड़े आयोजन के लिए आयोजकों को ट्रैफिक मार्शल तैनात करने होंगे. ऐसा न करने पर आयोजन की अनुमति निरस्त कर दी जाएगी.
- रोड इंजीनियरिंग: नगर निगम, LDA और PWD के साथ मिलकर सड़कों की खामियों को सुधारा जाएगा.
- ग्रीन कॉरिडोर की तैयारी: जल्द शुरू होने वाले ग्रीन कॉरिडोर के लिए पहले ही रोड इंजीनियरिंग की समीक्षा की जाएगी, ताकि वहां जाम की स्थिति न बने.
- पार्किंग और क्रेन: नो पार्किंग जोन में खड़े वाहनों को उठाने के लिए क्रेन और टोइंग वाहनों की संख्या बढ़ाई जाएगी.
- पार्किंग मैनेजमेंट: पार्किंग स्थलों के लिए अलग-अलग एंट्री और एग्जिट द्वार सुनिश्चित किए जाएंगे.
- एडवांस जानकारी: किसी भी आयोजन से 3-4 दिन पहले ही डायवर्जन और वैकल्पिक मार्गों की जानकारी सोशल मीडिया और समाचार पत्रों के माध्यम से जनता को दी जाएगी.
विभागों में समन्वय की मांग: पुलिस कमिश्नर ने जोर दिया कि वीआईपी मूवमेंट और बड़े कार्यक्रमों के कारण कई बार थानों के बल की कमी हो जाती है, जिससे ट्रैफिक प्रभावित होता है. इसके समाधान के लिए अतिरिक्त जनशक्ति की मांग की गई है, ताकि सुरक्षा और यातायात दोनों सुचारू रूप से चल सकें.
लखनऊ में नए साल के पहले दिन उमड़ी भारी भीड़ और यातायात के दबाव की समीक्षा के बाद पुलिस कमिश्नर ने शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए कड़े कदम उठाए हैं. भविष्य में ऐसी स्थिति से निपटने के लिए पुलिस विभाग अब आधुनिक तकनीक और अतिरिक्त बल का सहारा लेगा.

