मानवेंद्र सिंह हत्याकांड; NEET की परीक्षा के दबाव के चलते ही अक्षत ने पिता को उतारा था मौत के घाट
डीसीपी सेंट्रल विक्रांत वीर ने बताया, अक्षत ने हत्या इसलिए की क्योंकि पिता उस पर नीट परीक्षा पास करने का दबाव बना रहे थे.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : February 25, 2026 at 7:32 PM IST
लखनऊ: लखनऊ के आशियाना थाना क्षेत्र में मानवेंद्र सिंह हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा हुआ है. पुलिस ने आरोपी बेटे अक्षत को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. डीसीपी सेंट्रल विक्रांत वीर ने बताया कि अक्षत ने अपने पिता की हत्या इसलिए की क्योंकि वे उस पर नीट परीक्षा पास कर एमबीबीएस करने का दबाव बना रहे थे. शुरुआती जांच के बाद पुलिस ने इसी थ्योरी को हत्याकांड की मुख्य वजह बताया है.
साक्ष्य मिटाने की बर्बर कोशिश: घटना के बाद कई अन्य पहलू चर्चा में आए, लेकिन अंततः पुलिस की थ्योरी में कोई बदलाव नहीं हुआ. डीसीपी सेंट्रल विक्रांत वीर ने कहा, नीट की प्रतियोगी परीक्षा को लेकर हुए विवाद के बाद अक्षत ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया. दिल दहला देने वाले इस हत्याकांड में बेटे ने सुबह 4:30 बजे अपने पिता के सिर में राइफल से गोली मार दी. इसके बाद सबूत मिटाने के इरादे से उसने अपने ही पिता के हाथ-पैर काट दिए और उन्हें अलग-अलग जगहों पर फेंक दिया.
बदबू छिपाने के लिए सेंट का इस्तेमाल: डीसीपी सेंट्रल विक्रांत वीर ने बताया कि शव के बाकी हिस्सों को छिपाने के लिए वह बाजार से एक नीला प्लास्टिक ड्रम खरीदकर लाया. उसने शरीर के अंगों को उसी ड्रम के अंदर डाल दिया. घर में शव की बदबू न फैले, इसके लिए वह लगातार सेंट (इत्र) का छिड़काव करता रहा. पिता के शरीर को काटने के लिए आरोपी बेटा बाजार से खास तौर पर एक आरी लेकर आया था.
पुलिस को गुमराह करने का नाटक: हत्या के तीन दिन बाद आरोपी खुद पुलिस के पास पिता की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंचा. हालांकि, उसकी बातों से पुलिस को शक हुआ और कड़ाई से पूछताछ की गई. पूछताछ में उसने कबूल किया कि पिता द्वारा करियर को लेकर बनाए जा रहे दबाव के कारण उसने यह कदम उठाया. आरोपी ने बताया कि उसने चाकू और आरी की मदद से शव के टुकड़े किए थे.
नहर और झाड़ियों में फेंके अंग: डीसीपी सेंट्रल विक्रांत वीर ने कहा, साक्ष्य छिपाने के लिए उसने हाथ-पैरों को पॉलिथीन में लपेटा और नादरगंज क्षेत्र में नहर किनारे झाड़ियों में फेंक दिया. बाकी के शव को उसने घर के भीतर ही नीले ड्रम में सुरक्षित छिपाकर रखा था. पुलिस को गुमराह करने के लिए वह लगातार सामान्य व्यवहार करने की कोशिश करता रहा. कार्यवाही के दौरान पुलिस ने घर से मानवेंद्र का शव और नादरगंज से कटे हुए अंग बरामद कर लिए हैं.
हथियार और अन्य साक्ष्यों की बरामदगी: पुलिस ने ट्रांसपोर्ट नगर रेलवे ट्रैक के पास कूड़े के ढेर से दो चाकू और एक आरी भी बरामद की है. अनोरा जंगल और सरोजिनी नदी के पास से जली हुई वूलेन चादर एवं राख के अवशेष मिले हैं. हत्या में इस्तेमाल की गई. 315 बोर की लाइसेंसी राइफल और कारतूस भी पुलिस के कब्जे में हैं. 21 वर्षीय आरोपी अक्षत प्रताप सिंह को 24 फरवरी की शाम गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है.

