"पाताल लोक" में लखनऊ के अधिकतर बाजार, Basement के खिलाफ LDA की तैयारियां नाकाफी!
लखनऊ कमिश्नर विजय विश्वास पंत के आदेश के बाद LDA इन बेसमेंट के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी में है.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : July 3, 2026 at 2:49 PM IST
|Updated : July 3, 2026 at 4:34 PM IST
लखनऊ : राजधानी लखनऊ के बाजारों का लगभग आधा हिस्सा ‘पाताल लोक’ यानी बेसमेंट में है. अमीनाबाद, हजरतगंज, जनपथ, गोमतीनगर से लेकर तमाम बाजार में बड़ी संख्या में बेसमेंट हैं. इनमें दुकानें, गोदाम, कोचिंग, रेस्टोरेंट और यहां तक की क्लीनिक भी तक चल रहे हैं. फिलवक्त लखनऊ कमिश्नर विजय विश्वास पंत के आदेश के बाद LDA ऐसे बेसमेंट के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी में है, लेकिन आधे शहर में फैले इस जाल पर कार्रवाई कैसे मुमकिन होगी. यही सवाल एलडीए के अफसरों को परेशान किए हुए है.
अलीगंज में हृदय विदारक अग्निकांड के बाद कमिश्नर लखनऊ विजय विश्वास पंत ने कार्रवाई का आदेश दिया है. बहरहाल शहर के ज्यादातर बेसमेंट अग्निशमन और भवन निर्माण के मानकों को ताक पर रखकर बनाए गए हैं. इनमें न आपातकालीन निकास है, न वेंटिलेशन और न ही फायर फाइटिंग सिस्टम. बहरहाल कोचिंग हादसे के बाद लखनऊ प्रशासन अलर्ट पर है.
कार्रवाई की चुनौती : LDA पहले से ही अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चला रहा है. अकबरनगर में 1,800 ढांचे गिराकर कुकरैल रिवरफ्रंट बनाया जा रहा है. अमौसी में 21 रो-हाउस, BKT में 40 बीघा अवैध प्लाटिंग, चिनहट में 14 रो-हाउस सील किए जा चुके हैं, लेकिन बेसमेंट का मामला अलग है. ये एक-दो नहीं, हजारों की संख्या में हैं और ज्यादातर 20-30 साल पुराने बाजारों का हिस्सा हैं.
स्थानीय व्यापारियों का तर्क है कि नक्शे पास कराते वक्त ही बेसमेंट को पार्किंग या स्टोर के लिए दिखाया गया था. बाद में दुकानें खोल दी गईं. अब अचानक सीलिंग से लाखों लोगों का रोजगार छिन जाएगा. लखनऊ व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमरनाथ मिश्रा का कहना है कि “अगर नियम तोड़ा है तो जुर्माना लो, पर पूरे बाजार को उजाड़ोगे तो शहर ठप हो जाएगा.
अग्निशमन मानकों की अनदेखी : LDA और फायर विभाग की संयुक्त जांच में सामने आया कि 80% से ज्यादा बेसमेंट में फायर NOC ही नहीं है. सीढ़ियां संकरी हैं. दूसरी निकासी का रास्ता नहीं है. जनपथ मार्केट में कई बेसमेंट में कपड़े और प्लास्टिक का सामान भरा है, जो चिंगारी पाते ही आग पकड़ लेगा. गोमती नगर के कुछ मॉल में बेसमेंट को गेम जोन और फूड कोर्ट में बदल दिया गया है, जहां रोजाना सैकड़ों बच्चे-परिवार आते हैं.
कमिश्नर के आदेश पर LDA तीन चरण में काम करेगा. पहले स्कूल-कोचिंग वाले बेसमेंट, फिर घनी आबादी वाले बाजार, अंत में अन्य व्यावसायिक बेसमेंट लेकिन अमल मुश्किल है. एक तो कोर्ट से स्टे का डर, दूसरा व्यापारी विरोध, तीसरा पुनर्वास का कोई प्लान नहीं.
LDA VC प्रथमेश कुमार का कहना है कि जान बचाना पहली प्राथमिकता है. जिन बेसमेंट में फायर सेफ्टी लग सकती है, उन्हें मौका देंगे. बाकी सील होंगे मगर आधा लखनऊ जब खुद पाताल लोक में बसा हो, तो कार्रवाई सिर्फ कागजों में न सिमट जाए, यही सबसे बड़ा सवाल है.
लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार का कहना है कि मात्र 6% भवनों का ही नक्शा पास है. जिसमें बड़ी संख्या में अवैध बेसमेंट के खिलाफ हम कार्रवाई करेंगे. कोई भी कोचिंग संस्थान और कोई भी बड़ा व्यापारिक संस्थान शोरूम मानकों के विपरीत संचालित नहीं किया जा सकेगा. हम सात दिन का समय देंगे. कमिश्नर के आदेश में साफ है कि अवैध और असुरक्षित बेसमेंट सील किए जाएं.
सरकार की ओर से भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता संजय चौधरी ने बताया कि लखनऊ 7 दिन का समय स्थितियों को सुधारने के लिए दिया गया है. इस दौरान चीजों को बेहतर करना होगा और उसके बाद ही प्राधिकरण कार्रवाई करेगा सभी लोगों के लिए अच्छा मौका है कि अग्निशमन मनकों को पूरा कर लें.
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