जीएसटी चोरी करने वाले अंतर जनपदीय गैंग का भंडाफोड़; 7 लकड़ी माफिया गिरफ्तार, डिजिटल सेटअप बरामद
आरोपी लकड़ी का व्यापार दिखाकर फर्जी बिल तैयार करके फर्मों के खातों में लेन-देन करके टैक्स व GST बचा लेते थे.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : January 10, 2026 at 7:55 AM IST
लखनऊ : यूपी डीजीपी राजीव कृष्ण के ऑपरेशन क्लीन के निर्देशों के क्रम में सीतापुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. थाना खैराबाद और एसओजी की संयुक्त टीम ने लकड़ी व्यापार की आड़ में जीएसटी चोरी करने वाले बड़े संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने गिरोह के 7 शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है. आरोपी फर्जी फर्मों के जरिए धोखाधड़ी करते थे. आरोपियों के पास से डिजिटल ठगी और फर्जीवाड़ा करने का सेटअप भी बरामद हुआ है.
गरीबों को लालच देकर बनाते थे शिकार : डीजीपी आफिस से जारी प्रेस नोट के अनुसार गिरोह के सदस्य लकड़ी व्यापार के माफिया भी हैं. आरोपी कम पढ़े-लिखे लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने और मुनाफे का लालच देकर जाल में फंसाते थे. इसके बाद उनके आधार और पैन कार्ड से फर्जी बोगस फर्में रजिस्टर्ड करवाते थे. इसके बाद कागजों पर लकड़ी का फर्जी व्यापार दिखाकर फर्जी बिल तैयार करके फर्मों के खातों में लेन-देन करके टैक्स व GST बचा लेते थे.
पुलिस ने ऐसी 60 से 70 फर्जी फर्मों की जानकारी हासिल की है.
डीजीपी ऑफिस के प्रेस नोट के मुताबिक 8 जनवरी को खैराबाद थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज होने के बाद गैंग सतर्क हो गया था और सदस्य भागने की फिराक में थे. हालांकि पुलिस टीम ने सभी को धर दबोचा. गिरफ्तार अभियुक्तों में मो. आसिफ, अनवारुल हक, मो. अम्मार, अब्दुल नासिर, जीशान और मो. आरिफ (सभी सीतापुर निवासी) तथा कानपुर निवासी उजैर शामिल हैं. आरोपियों के पास से 8 लाख कैश, 5 लैपटॉप और 80 सिम कार्ड मिले हैं. इनके खिलाफ BNS की धाराओं के अलावा 111-संगठित अपराध का भी मामला दर्ज किया गया है.

