चौक बरामदे की लीज समाप्त, सैकड़ों मकानों और दुकानों के मालिक बनेंगे किरायेदार
लखनऊ जिलाधिकारी विशाल जी की अध्यक्षता में 28 फरवरी को महत्वपूर्ण बैठक होगी. कई बड़े प्रतिष्ठानों की 90 साल पुरानी लीज समाप्त हो गई है.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : February 26, 2026 at 9:53 PM IST
लखनऊ: लखनऊ के ऐतिहासिक चौक इलाके में एक बड़ा बदलाव होने वाला है. कोतवाली से चरक पैथोलॉजी तक फैले दर्जनों बड़े प्रतिष्ठानों की 90 साल पुरानी लीज अब समाप्त हो गई है. ये संपत्तियां हुसैनाबाद ट्रस्ट की हैं, जो अब इन दुकानों की नपाई शुरू कर दी है. ट्रस्ट का फैसला है कि अब इन दुकानदारों को मालिक की जगह किराएदार बनाया जाएगा. इस संबंध में जिलाधिकारी लखनऊ विशाल जी की अध्यक्षता में 28 फरवरी को महत्वपूर्ण बैठक होगी.
हुसैनाबाद ट्रस्ट का प्रॉपर्टीज पर नियंत्रण: हुसैनाबाद ट्रस्ट, जो नवाबों के समय से चल रहा है, लंबे समय से अपनी संपत्तियों पर नियंत्रण रखता आ रहा है. 1935 में मकान और दुकानों, प्रतिष्ठानों को 90 साल की लीज पर दिया गया था. पिछले वर्ष मार्च में वह अवधि पूरी हो चुकी है.
ट्रस्ट ने फैसला किया है कि पुरानी व्यवस्था खत्म कर नई व्यवस्था लागू की जाएगी. दुकानदारों को अब सर्किल रेट के आधार पर किराया देना होगा. अगर कोई दुकानदार यह किराया नहीं देगा या सहमत नहीं होगा, तो ट्रस्ट उसे बेदखल भी कर सकता है.
सर्किल रेट के आधार पर किराया देना होगा: इस फैसले से चौक के बड़े व्यापारियों में हड़कंप मच गया है. कई पुराने और नामी प्रतिष्ठान प्रभावित होंगे. इस बरामदे में श्री लस्सी कॉर्नर, इंडियन बैंक जोधपुर में इलाहाबाद बैंक था, कई बड़े चिकन और गारमेंट शोरूम, पड़ी पैथोलॉजी और रेस्टोरेंट शामिल हैं. यहां दुकानों की संख्या करीब 600 है. बरामदे वाले बड़े व्यापारी सबसे ज्यादा परेशान हैं. बड़े कारोबारी अचल अग्रवाल का कहना है कि जहानाबाद ट्रस्ट की ओर से यहां माप जो की गई है मगर अभी कोई नोटिस नहीं दिया गया है.

ट्रस्ट ने जिद्द की तो आंदोलन होगा: लीज समाप्त होने जैसा कोई प्रश्न नहीं है. एक बार हुसैन बात ट्रस्ट की ओर से कोई लिखित पत्र मिले, तो हम उसका जवाब देंगे और आगे की कार्रवाई करेंगे. चिकन कारोबारी जुबैर कहते हैं कि इतने सालों से वे यहां कारोबार कर रहे हैं, संपत्ति पर उनका हक बन गया है. वे इसे स्वीकार नहीं करेंगे. अचानक इतना बड़ा बदलाव नहीं किया जा सकता. अगर ट्रस्ट ने जिद्द की तो वे हर स्तर पर आंदोलन करेंगे.

ट्रस्ट ने संपत्तियों का सर्वे कराया: हुसैनाबाद ट्रस्ट के प्रशासनिक अधिकारी हबीबुल हसन ने बताया कि हमने अभी संपत्तियों का सर्वे कराया है. चौक कोतवाली से लेकर चरक पैथोलॉजी तक और वहां से घूमते हुए वापस चौक कोतवाली तक, हुसैनाबाद ट्रस्ट की संपत्तियां हैं. सर्व जिलाधिकारी के आदेश पर किया गया है. 2025 मार्च में लीज समाप्त हो गई थी. 28 तारीख को इस संबंध में बैठक है जिसमें निर्णय लिया जाएगा.

यहां के कबजेदारों को किराएदार बनाना है उन्हें किस तरह से किराएदार बनाना है यह सारी चीज तय होगी. जो भी कब्जेदार है, उनको हुसैनाबाद ट्रस्ट के नियमों को मनाना होगा वरना बेदखली होगी.
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