Lucknow Court Order; 4 साल बाद 13 साल की बेटी को मिला न्याय, दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की सजा
अलीगंज थाना क्षेत्र में 3 सितंबर 2022 को हुई थी वारदात. एडीजे स्पेशल पॉक्सो एक्ट लखनऊ की अदालत ने सुनाया फैसला.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : August 30, 2026 at 12:15 PM IST
लखनऊ : चार साल पहले अलीगंज में 13 वर्षीय किशोरी को बहला फुसलाकर अगवा करने और उसके साथ दुष्कर्म की घटना ने एक परिवार को झकझोर दिया था. बेटी के लापता होने के छह दिन बाद पिता अलीगंज थाने पहुंचे और मुकदमा दर्ज कराया. पुलिस ने जांच शुरू की तो आरोपी किशन वाल्मीकि उर्फ कृष्णा का नाम सामने आया. इस दर्दनाक घटना के बाद अब चार साल बाद अदालत ने इस मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है. इस मामले में आरोपी को पॉक्सो एक्ट की सजा सुनाई गई है.
मामला 3 सितंबर 2022 का है. अलीगंज क्षेत्र में रहने वाली 13 वर्षीय किशोरी अचानक घर से गायब हो गई थी. परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो 9 सितंबर 2022 को पिता ने अलीगंज थाने में तहरीर दी. पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या 300/2022 दर्ज करते हुए धारा 363, 366, 376 आईपीसी और 3/4 पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई शुरू की.
पुलिस की विवेचना में सामने आया कि किशन वाल्मीकि उर्फ कृष्णा, निवासी लवकुश नगर, थाना गाजीपुर, लखनऊ ने किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था. पुलिस के अनुसार किशोरी को अगवा करने के बाद उसके साथ दुष्कर्म किया गया. मामले की विवेचना निरीक्षक अनूप कुमार वर्मा ने की. जांच के दौरान साक्ष्य जुटाकर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की.
एडीजे स्पेशल पॉक्सो एक्ट लखनऊ की अदालत ने आरोपी किशन वाल्मीकि उर्फ कृष्णा को धारा 363 में 3 वर्ष का सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माना, धारा 366 में 7 वर्ष का सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माना तथा धारा 376 आईपीसी और 3/4 पॉक्सो एक्ट में 20 वर्ष का सश्रम कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है. अदालत ने स्पष्ट किया कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी.
ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर बबलू कुमार के अनुसार यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश पुलिस के ऑपरेशन कन्विक्शन का हिस्सा है. इस अभियान के तहत गंभीर अपराधों में पुलिस और अभियोजन के बीच बेहतर समन्वय कर आरोपियों को न्यायालय से अधिकतम सजा दिलाने के लिए प्रभावी पैरवी की जा रही है. अलीगंज के इस मामले में भी लगातार पैरवी के बाद चार साल पुराने पॉक्सो मामले में आरोपी को 20 साल की सजा दिलाई गई है.

