चारबाग स्टेशन पर गिरा टिन शेड: TTE समेत 3 घायल; ठेकेदार पर 50 लाख का जुर्माना, इंजीनियर सस्पेंड सुपरवाइजर बर्खास्त
चारबाग रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार सुबह प्लेटफार्म नंबर-5 पर 60-70 फीट का टिन शेड गिर गया. हादसे में दो यात्री और टीटीई घायल हो गये.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : May 29, 2026 at 3:30 PM IST
|Updated : May 29, 2026 at 9:24 PM IST
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मुख्य चारबाग रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया. यहां सुबह करीब 8.15 बजे प्लेटफार्म नंबर पांच पर लगा लगभग 60-70 फीट लंबा भारी-भरकम टिन शेड अचानक भरभराकर नीचे गिर गया. उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि चारबाग रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर टिन शेड गिरने के मामले को गंभीरता से लिया है. काम करने वाले ठेकेदार पर 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है. वहीं इंजीनियर इंजीनियर को सस्पेंड कर दिया गया है. सुपरवाइजर के सेवाएं समाप्त कर दी गयी हैं.
गनीमत यह रही कि जिस समय यह हादसा हुआ, उस समय इस प्लेटफार्म पर यात्रियों की संख्या काफी कम थी. इसके साथ ही प्लेटफार्म पर यात्रियों से खचाखच भरी हुई कोई ट्रेन भी नहीं खड़ी थी, जिससे एक बड़ी जनहानि होने से बच गई.
हादसे में तीन लोग घायल: अगर प्लेटफार्म पर यात्रियों की भीड़ होती तो निश्चित तौर पर यह एक बड़ा हादसा हो सकता था. हालांकि, इस भारी शेड के गिरने से तीन लोग मलबे की चपेट में आकर आंशिक रूप से घायल हुए हैं. घायलों में स्टेशन पर मौजूद दो आम रेल यात्री और एक रेलवे के ट्रैवलिंग टिकट एक्जामिनर (TTE) शामिल हैं. शेड गिरते ही प्लेटफार्म पर अचानक तेज आवाज हुई, जिससे वहां मौजूद यात्रियों के बीच अफरा-तफरी और भगदड़ मच गई.
राहत कार्य में जुटी क्रेन: हादसे की गूंज सुनते ही रेलवे सुरक्षा बल के जवानों और स्थानीय रेलवे अधिकारियों ने तुरंत मौके पर मोर्चा संभाल लिया. मलबे को जल्द से जल्द साफ करने के लिए क्रेन की मदद ली गई और राहत कार्य तेजी से किये गये. उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के मंडल रेल प्रबंधक सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि सुबह हुए इस हादसे के वक्त प्लेटफार्म पर मौजूद यात्री अभिषेक और साहिल मलबे की चपेट में आ गए थे. ड्यूटी पर तैनात टीटीई भूपेंद्र सिंह को भी इस दौरान शरीर में कई जगह चोटें आई हैं.
अस्पताल में भर्ती कराए गए घायल: रेलवे प्रशासन ने सभी घायलों को त्वरित प्राथमिक उपचार के बाद लखनऊ के एक नजदीकी प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया. वहां उनकी हालत स्थिर है. दुर्घटना की सूचना मिलते ही उत्तर रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक सुनील वर्मा और आरएलडीए के चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर पावस यादव ब्रिज वर्कशॉप की तकनीकी टीम के साथ मौके पर पहुंचे. उच्च अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और अपनी देखरेख में राहत कार्य प्रारंभ कराया. रेलवे के तकनीकी कर्मचारियों ने टूटे हुए शेड के खतरनाक हिस्सों को काटकर अलग किया ताकि प्लेटफार्म को पूरी तरह सुरक्षित बनाया जा सके.
दो दर्जन ट्रेनें हुईं प्रभावित: इस अचानक हुए हादसे की वजह से चारबाग स्टेशन के इस हिस्से में काफी देर तक रेल परिचालन बाधित रहा और यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा. सुरक्षा के लिहाज से प्लेटफार्म नंबर पांच पर ट्रेनों का आवागमन पूरी तरह से रोक दिया गया था. इसी रूट पर आ रही हावड़ा-देहरादून एक्सप्रेस को भी एहतियातन दुर्घटना स्थल के पास ही कुछ देर के लिए रोकना पड़ा. इस प्लेटफार्म पर आने वाली अन्य सभी ट्रेनों को स्टेशन के दूसरे प्लेटफार्मों पर डायवर्ट किया गया, जिससे दो दर्जन से अधिक ट्रेनों का शेड्यूल प्रभावित हुआ.
लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई: उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के मंडल रेल प्रबंधक सुनील कुमार वर्मा ने इस हादसे की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं. इसके लिए रेलवे के तकनीकी विशेषज्ञों की एक विशेष टीम गठित की गई है, जो इस शेड के गिरने के पीछे के वास्तविक कारणों का पता लगाएगी. डीआरएम ने कहा है कि जांच रिपोर्ट में अगर किसी भी अधिकारी, कर्मचारी या RLDA की लापरवाही सामने आती है, तो उनके खिलाफ तत्काल कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी.
यह भी पढ़ें- मनुष्य के लिए खतरा नहीं, प्रकृति का वरदान हैं कॉकरोच; जानिए क्या है इसकी सच्चा

