UP ATS ने तुर्की में बनी वेबसाइट से भारत विरोधी गतिविधियों के लिए धन जुटाने वाले को किया गिरफ्तार
तुर्की में "HEYD" नाम से वेबसाइट बनाकर देश में कट्टरपंथी गतिविधियों के लिए फंडिंग करता था.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : February 28, 2026 at 8:19 AM IST
लखनऊ/अमरोहा : यूपी एटीएस ने तुर्की में "HEYD" नाम से वेबसाइट बनाकर देश में कट्टरपंथी गतिविधियों के लिए धन जुटाने वाले आरोपी को गिफ्तार किया है. एटीएस के अनुसार आरोपी नेपाल भागने में फिराक में था. गिफ्तार किए गए आरोपी के पास एक फोन, आधार कार्ड व पैन कार्ड समेत कई संदिग्ध दस्तावेज मिले हैं.
एटीएस ने इसके पहले उत्तर प्रदेश के थाना एटीएस, लखनऊ पर में दर्ज एफआईआर 14/2025 की धारा 152, 196, 318(4), 338, 340, 61(2) बीएनएस-2023 के तहत कार्रवाई करते हुए आरोपी फरहान नबी सिद्दीकी पुत्र इमरान नबी को गिरफ्तार किया था. आरोपी की गिरफ्तारी 64, फ्लोर-1, मुसाफिर खाना, बस्ती हजरत निजामुद्दीन, थाना हजरत निजामुद्दीन, जिला दक्षिणी पूर्वी, नई दिल्ली को कासना, गौतम बुध नगर से बीते 7 नवंबर को हुई थी.
फरहान नबी से पूछताछ में आरोपी अल्तमश फरीदी का नाम सामने आया था. जिसके बाद एटीएस ने अल्तमश फरीदी को ग्राम व थाना रजबपुर जनपद अमरोहा से गिरफ्तार किया है. पूछताछ में पता चला है कि फरीदी और फरहान ने मिलकर तुर्की में "HEYD" नाम से एक वेबसाइट बनाई थी. जिसके जरिए तुर्की के नागरिकों से कट्टरपंथी गतिविधियों के लिए धन जुटाया जाता था. आरोपी अल्तमश फरीदी को न्यायालय के सामने पेश किया गया. जहां से उसे जेल भेज दिया गया है.
एटीएस के मुताबिक आरोपी के बैंक खातों का प्रयोग तुर्की से हवाला एवं अन्य माध्यमों से आये धन को M/S Istanbul International Pvt Ltd के खातों एवं अन्य आरोपियों के खातों में rotate करने के लिए किया जा रहा था. इस पैसा का उपयोग भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने तथा विभिन्न समूह के बीच धार्मिक वैमनस्यता एवं शत्रुता फैलाने के आशय से किया जाता था. साथ ही इस पैसे का इस्तेमाल भड़काऊ इस्लामिक साहित्य बांटने में किया जा रहा था. आरोपी ने रजबपुर में एक अवैध मदरसे की स्थापना में भी मुख्य भूमिका निभाई थी. जिसका उपयोग इसी उद्देश्य के लिए किया जा रहा था.
अमरोहा : आरोपी अल्तमश फरीदी का तुर्की कनेक्शन
एटीएस ने अल्तमश फरीदी को गिरफ्तार किया है. ये गिरफ्तारी पहले से पकड़े गए अभियुक्त फरहान नबी सिद्दीकी से पूछताछ के बाद हुई है. दोनों आरोपीतुर्की में "HEYD" नामक वेबसाइट के माध्यम से देश विरोधी गतिविधियों के लिए धन जुटाते थे. इस धन को हवाला के जरिए M/S Istanbul International Pvt Ltd और अन्य खातों में ट्रांसफर किया जा रहा था.
बता दें, गांव राजापुर निवासी ऑस्कर फरीदी की कई साल पहले मौत हो चुकी थी. उसके परिवार में पत्नी तीन बेटे जियाउल, नजमुल व अल्तमश के अलावा तीन बेटियां हैं. जियाउल व नजमुल खेती बाड़ी करते हैं. अल्तमश अमरोहा के कॉलेज में एलएलबी की पढ़ाई कर रहा था. बड़ी बेटी की शादी दिल्ली के निजामुद्दीन निवासी फरहान नबी के साथ हुई है. दूसरी बेटी की शादी गांव राजापुर में हुई है. अन्य तीनों भाई तथा सबसे छोटी बहन अभी अविवाहित हैं.
अल्तमश का बहनोई फरहान नबी तुर्की की कंपनी मेंसर्स, इंस्ताबुल इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड के लिए काम करता था. जिसके माध्यम से वह तुर्कियों से फंडिंग करता था. अल्तमश के खाते में भी कई करोड़ पर भेजे गए थे. इसी पैसे से अल्तमश ने गांव में बाईपास के निकट मदरसा की स्थापना की थी. फिलहाल मदरसा नवंबर 2025 से बंद है. नवंबर 2025 में फरहान को गिरफ्तार किया गया था. उसके पास से इस्लामिक साहित्य भी मिला था. साथ ही बांग्लादेश से भी तार जुड़े होने की जानकारी मिली थी. फरहान की गिरफ्तारी के बाद से अल्तमश फरार चल रहा था. स्थानीय पुलिस ने किसी प्रकार की जानकारी होने से इनकार किया है.
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