यूपी के सफल दुग्ध उत्पादकों की कहानी व्हाट्सएप चैनल पर होगी प्रसारित, जानिए पशुपालन विभाग का प्लान
पशुपालन विभाग ने हाल ही में व्हाट्सएप चैनल लॉन्च किया है. जिस पर सफल पशुपालकों के वीडियो प्रसारित किए जाएंगे.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : February 28, 2026 at 10:07 AM IST
लखनऊ : यूपी में कई ऐसे सफल पशुपालक और दुग्ध उत्पादक हैं जो महीने में लाखों की कमाई करते हैं और अपने क्षेत्र में काफी सफल हैं. हालांकि ऐसे पशुपालकों की कहानी लोगों के सामने नहीं है. ऐसे उद्यमियों की सफलता की कहानी पशुपालन विभाग सार्वजनिक करेगा, ताकि दुग्ध व्यवसाय करने वालों को प्रेरणा मिले और अतिरिक्त कमाई कर सकें. इसके तहत पशुपालन विभाग ने हाल ही में एक व्हाट्सएप चैनल लॉन्च किया है. जिस पर सफल लोगों के वीडियो प्रसारित किए जाएंगे. साथ ही सफल दुग्ध उत्पादकों के कार्यस्थलों को विजिट कराने की योजना है.
उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव पशुपालन एवं दुग्ध विकास मुकेश कुमार मेश्राम का कहना है कि प्रदेश के सफल पशुपालकों और दुग्ध उत्पादकों की सफलता की कहानी हम प्रगतिशील पशुपालकों को और दुग्ध उत्पादकों को सुनाएंगे. हाल ही में एक व्हाट्सएप चैनल लांच किया है. इस चैनल पर सफल पशुपालकों और दुग्ध उत्पादकों के अनुभव के वीडियो प्रसारित किए जाएंगे. साथ ही पशुपालन विभाग की सब्सिडी वाली योजनाओं की जानकारी साझा की जाएगी. प्रगतिशील पशुपालकों को विजिट भी कराए जाएंगे. जिससे ग्राउंड स्तर पर होने वाली गतिविधियों से सीख सकें.

एमबीबीएस करने के बाद शुरू किया गाय पालन : हरदोई के रहने वाले शिवम गांधी एमबीबीएस करने के बाद गाय पालन और दुग्ध उत्पादन का रास्ता चुना. मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना से लाभ प्राप्त कर वर्ष 2024-25 में इस धंधे में कदम रखा. ई लॉटरी के माध्यम से चयन होने के बाद इकाई की स्थापना के लिए अनुदान की पहले किस्त 5,90,000 प्राप्त हुई. इससे दूसरे राज्यों से 7 साहीवाल और तीन गिर गायें खरीद कर दुग्ध उत्पादन शुरू किया. इसके बाद शिवम गांधी ने खुद आय के जनक बने. साथ ही साथ कई गांववालों को रोजगार भी प्रदान किया.

बीए पास कर शुरू किया व्यवसाय, 4100 लीटर करते हैं दुग्ध उत्पादन
हापुड़ के रहने वाले अशोक कुमार बीए पास हैं. कृषि और पशुपालन का व्यवसाय है. 4100 लीटर वार्षिक दुग्ध उत्पादन करते हैं और सवा दो लाख तक की उनकी इनकम होती है. स्वदेशी गो-पालन के क्षेत्र में वे एक सफल और प्रेरणादायक गोपालक के रूप में कार्य कर रहे हैं. नंद बाबा दुग्ध मिशन योजना के अंतर्गत संचालित मुख्यमंत्री स्वदेशी गो संवर्धन योजना 2024-25 में आवेदन किया था. जिसमें ई-लॉटरी के माध्यम से चयन होने के बाद हरियाणा से दो स्वदेशी नस्ल की साहीवाल गायें खरीद कर लाए और यहीं से उनकी जिंदगी बदल गई.

गृहिणी से व्यवसायी बनी राधा : अयोध्या की रहने वाली राधा देवी भी बीए पास हैं. उन्होंने दुग्ध उत्पादन को अपना व्यवसाय बनाया. 2023-24 में इकाई स्थापित की. अब उनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये है. औसतन 5500 लीटर दूध का उत्पादन करती हैं. स्वदेशी गो-पालन के क्षेत्र में भी एक सफल और प्रेरणादायक गोपालक के रूप में कार्य कर रही हैं. राधा ने मुख्यमंत्री स्वदेशी गो संवर्धन योजना के अंतर्गत आवेदन किया. ई लॉटरी के माध्यम से चयन हुआ. अजमेर से स्वदेशी नस्ल की दो साहीवाल गायें (80000 रुपये) में लाकर व्यवसाय की नींव रखी. पहले उनका परिवार सिर्फ एक ग्रहणी तक सीमित था. आमदनी भी काफी कम थी, लेकिन दुग्ध उत्पादन से उनकी सफलता की कहानी सभी को प्रेरित कर रही है.

नंदिनी कृषक समृद्धि योजना से मिला लाभ : कानपुर नगर के रहने वाले राघवेंद्र प्रताप सिंह नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के लाभार्थी हैं. उनका इस योजना में चयन हुआ. उन्होंने 25 स्वदेशी नस्ल की गायें दूसरे राज्यों से खरीद कर कानपुर में इकाई स्थापित की. सरकारी सहायता मिली तो फिर गोवंश का दूध ₹100 प्रति लीटर शहरी उपभोक्ताओं को बेच रहे हैं और मक्खन से घी बनाकर 2500 प्रति किलो की दर से बेचकर आमदनी कर रहे हैं. उनकी आय में खूब इजाफा हुआ है जिससे उनकी जिंदगी बदल गई है.
एक साहीवाल गाय से बदली जिंदगी : लखनऊ के रहने वाले सुरेश कुमार पाल की कहानी काफी प्रेरक है. नंद बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत संचालित प्रगतिशील प्रोत्साहन योजना में उनकी पत्नी प्रेमा पाल का चयन हुआ था. उनके पास स्वदेशी नस्ल की एक साहीवाल गाय है, जिसकी बेहतर देखभाल गुणवत्ता युक्त पोषण के लिए विभाग की तरफ से ₹15000 के प्रोत्साहन धनराशि का पुरस्कार दिया गया. उनकी दैनिक दुग्ध उत्पादकता 14 लीटर प्रति दिन है, जिससे उत्सर्जित दूध को गांव में ही बेचते हैं. इस योजना ने उनके जीवन में नई ऊर्जा भर दी है.

