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Open Masters Games: लखनऊ की अलीशा सिद्दीकी ने 10 मीटर एयर राइफल में जीता गोल्ड

प्रतियोगिता में करीब 25 हजार एथलीट्स और 95 देशों के खिलाड़ी शामिल हुए थे.

अलीशा सिद्दीकी ने 10 मीटर एयर पिस्टल में जीता गोल्ड
अलीशा सिद्दीकी ने 10 मीटर एयर पिस्टल में जीता गोल्ड (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : February 26, 2026 at 10:11 AM IST

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Updated : February 26, 2026 at 12:49 PM IST

3 Min Read
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लखनऊ: राजधानी की रहने वाली अलीशा सिद्दीकी ने अबूज़हबी में आयोजित ओपन मास्टर्स गेम्स (Open Masters Games) के 10 मीटर एयर राइफल निशानेबाजी स्पर्धा में गोल्ड मेडल हासिल किया है. इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में करीब 25 हजार एथलीट्स और 95 देशों के खिलाड़ी शामिल हुए थे. अलीशा की इस उपलब्धि ने न सिर्फ प्रदेश बल्कि देश का नाम भी रोशन किया है. ईटीवी भारत से बातचीत में अलीशा सिद्दीकी ने अपनी सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए कहा, मुझे बेहद गर्व महसूस हो रहा है कि मैंने गोल्ड मेडल हासिल किया. निशानेबाजी सीखने का मेरा सफर बहुत दिलचस्प रहा है.

बच्चों के साथ शुरू किया सफर: अलीशा बताती हैं कि उन्होंने लखनऊ के केल्विन तालुकदार कॉलेज में अपने बच्चे का एडमिशन कराया था, जहां वह निशानेबाजी सीख रहा था. वर्ष 2024 में उन्होंने सोचा कि बच्चों को लाने-ले जाने के दौरान खाली समय को व्यर्थ न गंवाया जाए. इसलिए उन्होंने भी निशानेबाजी में दाखिला ले लिया. बच्चे के साथ प्रैक्टिस शुरू की और लगातार मेहनत करती रहीं.



अलीशा ने बताया कि नेशनल स्तर की कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और खुद को निखारा. जब अबू जहबी इंटरनेशनल ओपन मास्टर गेम में भाग लेने का अवसर मिला तो उन्होंने पूरी तैयारी के साथ हिस्सा लिया. 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में करीब 80 शॉट फायर करने होते हैं, जिसमें सटीक निशाना ही जीत तय करता है. उनकी बेहतरीन एकाग्रता और अभ्यास ने उन्हें गोल्ड मेडल दिलाया.

अलीशा सिद्दीकी ने 10 मीटर एयर पिस्टल में जीता गोल्ड (ETV Bharat)
कोच, डॉक्टर और उद्यमी भी हैं अलीशा: अलीशा सिद्दीकी पेशे से फिजियोथेरेपिस्ट डॉक्टर हैं और NEET टॉपर भी रह चुकी हैं. वर्तमान में वह लखनऊ में ‘शाहीन कोचिंग’ चलाती हैं और मेडिकल की तैयारी कर रहे छात्रों को मार्गदर्शन देती हैं. इसके साथ ही वह अपना निजी व्यवसाय भी संभालती हैं.

अलीशा सिद्दीकी ने बताया कि बचपन से ही खेलों में उनकी रुचि रही है. क्रिकेट समेत कई खेल खेले, लेकिन राइफल और पिस्टल शूटिंग का शौक पहले से था, जिसे उन्होंने बच्चे के साथ सीखते हुए नया आयाम दिया. उनके पास तीन प्रैक्टिस गन हैं और वह अपने बेटे के साथ नियमित अभ्यास करती हैं.



महिलाओं के लिए दिया प्रेरक संदेश: अलीशा ने कहा कि ज्यादातर महिलाएं अपने सपनों को लेकर सोचती तो हैं, लेकिन आगे बढ़ने का साहस नहीं जुटा पातीं. मैं सभी महिलाओं से कहना चाहती हूं कि अपने सपनों को पंख दीजिए, अगर दिल से कुछ करने की ठान लें और हिम्मत रखें तो कामयाबी जरूर मिलती है. असफलता से डरने की जरूरत नहीं है.

उन्होंने कहा कि आज का समाज महिलाओं को आगे बढ़ने का अवसर दे रहा है और महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं. मैं खुद इसकी जीती-जागती मिसाल हूं. घर की जिम्मेदारियां, बच्चे की परवरिश, कोचिंग का संचालन और निशानेबाजी इन सबको संतुलित करते हुए मैंने यह मुकाम हासिल किया है.

ओलंपिक खेलने का सपना: अलीशा का अगला लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना है. उन्होंने कहा कि गोल्ड मेडल ने उनका हौसला और बढ़ा दिया है और अब उनका सपना ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करने का है.

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Last Updated : February 26, 2026 at 12:49 PM IST