लखनऊ अलीगंज अग्निकांड: अवैध बिल्डिंग ढहाने पर LDA सख्त, मुख्य आरोपी वीरेंद्र शुक्ला को एक दिन की मोहलत
लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड मामले में मुख्य आरोपी वीरेंद्र शुक्ला के वकीलों को कागजात पेश करने के लिए एक दिन की आखिरी मोहलत मिली है.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : July 7, 2026 at 7:19 PM IST
लखनऊ: लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड के मामले में लखनऊ विकास प्राधिकरण ने निर्माणकर्ता के खिलाफ मंगलवार से औपचारिक सुनवाई शुरू कर दी है. इस महत्वपूर्ण सुनवाई के दौरान मुख्य रूप से इस बात पर बहस हो रही है कि इस विवादित बिल्डिंग का ध्वस्तीकरण क्यों न कर दिया जाए.
इसी सवाल का जवाब देने के लिए प्रकरण के मुख्य आरोपी वीरेंद्र शुक्ला के वकील मंगलवार को प्राधिकरण कार्यालय पहुंचे थे. हालांकि, वकीलों ने तर्क दिया कि उनके मुवक्किल फिलहाल जेल में बंद हैं, जिसके कारण अभी पूरे कागजात उपलब्ध नहीं हो पाए हैं.
LDA ने जेल में ही तामील कराया था नोटिस: वकीलों की इस दलील पर लखनऊ विकास प्राधिकरण की ओर से स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा गया कि मुख्य आरोपी को पहले ही जेल में नोटिस तामील करा दिया गया था. प्राधिकरण ने सख्त लहजे में निर्देश दिया है कि संबंधित मामले के सभी आवश्यक कागजात कल तक हर हाल में उपलब्ध कराए जाएं. यदि तय समय सीमा के भीतर जवाब नहीं दिया जाता है, तो प्राधिकरण इस मामले में एकतरफा आदेश पारित करने के लिए बाध्य होगा. मालूम हो कि अलीगंज के सेक्टर डी की इसी बिल्डिंग में बीते दिनों दर्दनाक अग्निकांड हुआ था.
आवासीय नक्शे पर खड़ा कर दिया कमर्शियल निर्माण: इस भीषण अग्निकांड में लापरवाही के चलते 22 जून को 15 मासूम युवाओं की असमय मौत हो गई थी. जांच में यह बात सामने आई है कि सेक्टर डी की जिस बिल्डिंग में यह हादसा हुआ, वह कागजों में वीरेंद्र शुक्ला के नाम पर दर्ज थी. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरी इमारत का मानचित्र एलडीए से महज एकल आवासीय भवन के रूप में पास कराया गया था. इसके बावजूद नियमों को ताक पर रखकर यहाँ बड़े पैमाने पर अवैध रूप से कमर्शियल निर्माण कार्य करा दिया गया था.
LDA कोर्ट ने अधिक समय देने से किया इनकार: इस दिल दहला देने वाले अग्निकांड के बाद अब लखनऊ विकास प्राधिकरण ने अवैध निर्माण के खिलाफ चौतरफा कार्रवाई शुरू कर दी है. इसी क्रम में मंगलवार को प्राधिकरण के प्रवर्तन कोर्ट में विहित प्राधिकारी व संयुक्त सचिव अतुल कुमार ने मामले की सुनवाई शुरू की. सुनवाई के दौरान वीरेंद्र शुक्ला के वकीलों ने कोर्ट से कागजात जमा करने के लिए कुछ और दिनों का समय मांगा था. लेकिन मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कोर्ट ने समय बढ़ाने की इस मांग को सिरे से खारिज कर दिया. विहित प्राधिकारी अतुल कुमार ने अंतिम अवसर देते हुए जवाब प्रस्तुत करने के लिए केवल 1 दिन की और मोहलत दी है.
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