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जूली कभी 'जान' थी आज...'अनजान' हो गई..! नई महिला के अफेयर में पड़े मटुकनाथ?

मटुकनाथ-जूली की प्रेम कहानी खौफनाक मोड़ पर खड़ी है. एक दर्द और जलालत झेल रही है और 'लवगुरू' नई प्रेमिका के प्यार में पड़े हैं-

MATUKNATH CHOUDHARY
मटुकनाथ और जूली (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : February 19, 2026 at 5:20 PM IST

5 Min Read
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पटना : जूली और मटुकनाथ का नाम 2007 से 2014 तक सुर्खियों में रहा. इस जोड़ी को लोग शीरी-फरहाद, लैला-मजनूं की जोड़ी के रूप में देखने लगे थे. लेकिन साथ बिताए सात सालों के बाद जूली गुमनामी में चली गई. क्या आपको पता है कि जूली अब किस हाल में है और लव गुरू मटुकनाथ क्या कर रहे हैं?

सात समंदर पार मटुकनाथ की लैला : दोनों का ताजा हाल किसी भी लव-बर्ड को चौंका सकता है. जूली आज जिंदा है लेकिन एक लाश की तरह, वह सात समंदर पार त्रिनिदाद में है. प्यार को लेकर टीवी चैनलों पर बड़ी-बड़ी बातें करने वाली लड़की आज उपेक्षा की शिकार है और 'मटुकनाथ' जिसपर उसने भरोसा कर हाथ थामा था आज उसका दिल किसी दूसरी महिला के लिए धड़कने लगा है.

Matuknath And Julie
रिक्शा चलाते मटुकनाथ के साथ जूली (ETV Bharat)

72 की उम्र में मटुकनाथ का फिर धड़कने लगा दिल : आप सोच रहे होंगे कि ये कैसा प्यार है? एक जिंदगी और मौत से जूझ रही है और दूसरा आशिक मिजाजी में जी रहा है. 72 साल की उम्र में भी दूसरी महिला की रचनाएं पढ़ने की मंशा पालकर बैठा हुआ है. जूली अब भी मेंटल स्थिति में त्रिनिदाद के एक सरकारी अस्पताल में अंतिम सांसें गिन रही है.

जिंदगी के लिए मौत से जूझ रही जूली : एक सोशल मीडिया यूजर ने जूली को याद करते हुए फेसबुक पर लिखा कि ''त्रिनिदाद के एक सरकारी मेंटल हॉस्पिटल में एकदम अकेले में जूली जीवन और मौत से जूझ रही है. वही जूली जो कभी मटुकनाथ की प्रेमिका हुआ करती थी.''

जूली के सिर से उतरा प्यार का बुखार? : यूजर ने आगे लिखा कि ''जूली और मटुकनाथ कुछ सालों तक उसके साथ लिव-इन में रहे, फिर मटुकनाथ नौकरी से सस्पेंड हो गए. पैसे-पैसे के मोहताज हो गए. उसके बाद जूली के सर से भी प्यार का बुखार उतर गया.''

जूली और लवगुरू हो गए अलग? : यही वो दौर था जब जूली और मटुकनाथ के रिश्ते दूर होते चले गए. अंत में मटुकनाथ वापस अपने परिवार में चले गए. वहीं जूली के लिए परिवार का दरवाजा बंद हो चुका था. जूली तब चैनलों पर बैठकर प्रेम पर बड़ी-बड़ी बातें करते हुए अपने माता-पिता को खलनायक के रूप में पेश करने लगी. सामाजिक बेइज्जती के चलते जूली के परिवार ने सदा के लिए उससे मूंह मोड़ लिया.

Matuknath And Julie
मटुकनाथ और जूली (ETV Bharat)

जूली के दर्दनाक दिन : भारत में कुछ समय जूली पटना के फुटपाथ पर रही. बाद में उसकी एक सहेली उसे त्रिनिडाड के एक आध्यात्मिक गुरु के आश्रम में लेकर चली गई. वहां जूली को कई मानसिक बीमारियां हो गई. जब जूली की बीमारी का खर्च नहीं उठा पाए तो उसे सरकारी मेंटल अस्पताल में भर्ती करवा दिया. जहां आज भी उसका इलाज हो रहा है.

किसी और की तलाश में मटुकनाथ : इधर मटुकनाथ किसी महिला की नई रचना पढ़ने के लिए उत्साहित हैं. हालांकि जब महिला की ओर से दो टूक जवाब मिला तो मटुकनाथ तिलमिला उठे. इस पूरे घटनाक्रम का जिक्र खुद मटुकनाथ ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट फेसबुक में किया.

Matuknath And Julie
लवगुरू मटुकनाथ के साथ जूली (ETV Bharat)

सोशल मीडिया पर यूजर्स ने लगाई क्लास : सोशल मीडिया में वायरल हो रहे जूली से रिलेटेड पोस्ट में कुछ यूजर्स ने मटुकनाथ को जिम्मेदार बताया तो कुछ ने जूली को इसकी वजह बताई. एक यूजर ने लिखा कि जैसी करनी होती है वैसी भरनी भी होती है. जूली ने एक भरे-पूरे परिवार को उजाड़ा तो उसका फल तो उसे मिलना ही था.

'जैसी करनी वैसी भरनी..' : एक फेसबुक यूजर ने लिखा कि ''जूली के साथ जो कुछ भी हुआ वह निश्चित ही दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद है. हमारी सहानुभूति उसके साथ है. हम ईश्वर से उसके कल्याण की प्रार्थना करके है, लेकिन वास्तव में इन सारे तनावपूर्ण हालात के पीछे जूली के ही कारनामे हैं. उसने एक अधेड़ के साथ जो भावुकता में प्यार के नाम पर खुद को समर्पित कर अपने मां-बाप और परिवार को त्याग दिया, उसका अभिशाप तो लगना ही था.''

जूली पर मिलीजुली प्रतिक्रिया : एक यूजर ने जूली को लेकर कफी सहृदयता दिखाई और लिखा कि ''यदि जूली मेरी बेटी होती तो मैं उसे वापस अपना लेता, इस प्रकार उसे बेसहारा नहीं छोड़ता.'' वहीं एक दूसरा यूजर है जो प्रतिक्रिया देते हुए लिखता है कि ''सबसे पहला हम लोग के जमाने का अवैध रिलेशनशिप जिसका परिणाम भी दिख गया.''

नई लवर की तलाश में लवगुरू : इधर मटुकनाथ किसी दूसरी महिला की तलाश में हैं. उन्होंने भी फेसबुक पर पोस्ट किया और लिखा कि-''एक स्त्री मुझे प्यार करती है, जो स्त्री मुझे प्यार करती है, उसकी एक ही इच्छा है कि मैं उनकी रचनाओं को ध्यानपूर्वक पढूं और उनपर टिप्पणियां करूं. अगर सार्वजनिक रूप से टिप्पणी करने में मुझे कभी संकोच हो तो प्राइवेट रूप से मैसेंजर में जाकर कर दूं.''

प्रेमजाल में उलझकर रह गई जूली की जिंदगी : यानी बात ये है कि मटुकनाथ को जूली की तनिक भी चिंता नहीं है. कुछ साल पहले वह जूली को त्रिनिदाद से वापस भारत लाने की बात करते थे लेकिन अब वह किसी और महिला के प्रेमजाल में उलझने का मन बना चुके हैं. जूली अपनी हाल पर सात समंदर पार जुदाई और दर्द से कराह रही है.

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