उदयपुर में नगर भ्रमण पर निकले प्रभु महाकालेश्वर, भव्य शाही सवारी का जगह-जगह स्वागत
जगदीश चौक पर भगवान जगदीश की ओर से महाकाल को कमल एवं महाकालेश्वर की ओर से जगदीश को सुदर्शन चक्र भेंट किया.

Published : August 24, 2026 at 7:33 PM IST
उदयपुर: सावन के आखिरी सोमवार पर उदयपुर में आस्था और भक्ति का अद्भुत नजारा दिखा. महाकालेश्वर मंदिर से भगवान महाकालेश्वर प्रभु की भव्य शाही सवारी नगर भ्रमण पर निकली. शाही सवारी के नगर भ्रमण के दौरान पूरा शहर हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से गूंज उठा. भगवान महाकाल के दर्शन और स्वागत के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी.
स्थानीय व्यक्ति सतीश ने बताया कि महाकालेश्वर प्रभु की शाही सवारी का चेतक सर्कल, हाथीपोल, घंटाघर, जगदीश चौक सहित शहर के विभिन्न मार्गों पर भव्य स्वागत किया गया. सर्व समाज और विभिन्न संगठनों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर भगवान महाकाल का अभिनंदन किया. श्रद्धालु भक्ति गीतों पर झूमते दिख़े. सवारी के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग मार्गों के दोनों ओर मौजूद थे.
आकर्षक झांकियां साथ में: सतीश के अनुसार, शाही सवारी में भगवान महाकालेश्वर प्रभु के साथ श्रीगणेश, भगवान परशुराम, हनुमानजी सहित विभिन्न देवी-देवताओं की आकर्षक झांकियां शामिल रहीं. लग्जरी कारों का काफिला भी साथ चला. बाहर से आए कलाकारों ने भगवान शिव के विभिन्न स्वरूपों और लीलाओं की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं. इन्हें देखने को श्रद्धालुओं में खासा उत्साह दिखा. शाही सवारी पीपी सिंघल मार्ग, स्वरूप सागर, शिक्षा भवन चौराहा, चेतक सर्कल, लोहा बाजार, हाथीपोल, घंटाघर और जगदीश चौक सहित शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी एवं पुनः महाकालेश्वर मंदिर पहुंची.

कमल एवं सुदर्शन चक्र भेंट किए: सवारी जगदीश चौक पहुंची तो सदियों पुरानी धार्मिक परंपरा का निर्वहन किया गया. परंपरानुसार भगवान जगदीश की ओर से भगवान महाकाल को कमल भेंट किए गए, जबकि महाकालेश्वर की ओर से भगवान जगदीश को सुदर्शन चक्र भेंट किया गया. इस परंपरा ने दोनों आराध्यों के बीच आस्था और धार्मिक संबंध की झलक दिखाई. पूरा उदयपुर महादेव की भक्ति में रंगा नजर आया. जगह-जगह श्रद्धालुओं ने भगवान महाकाल का स्वागत कर सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की.

