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भगवान जगन्नाथ का महास्नान, 110 साल पुरानी परंपरा का आगाज, भव्य रथयात्रा की तैयारी शुरू

धमतरी में 110 साल पुरानी परंपरा का आगाज हुआ. भगवान जगन्नाथ के महास्नान के बाद रथ यात्रा की तैयारियां शुरु हुई.

LORD JAGANNATH GRAND BATH
भगवान जगन्नाथ का महास्नान (ETV BHARAT CHHATTISGARH)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : July 8, 2026 at 7:03 PM IST

3 Min Read
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धमतरी : श्री जगन्नाथ मंदिर में आषाढ़ पूर्णिमा के पावन अवसर पर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और बहन सुभद्रा का महास्नान महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुआ. महाप्रभु का पवित्र जल, पंचामृत और सुगंधित द्रव्यों से अभिषेक किया गया. इस दौरान मंदिर परिसर जय जगन्नाथ के जयघोष से गूंज उठा और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने अपने हाथों से भगवान का जलाभिषेक कर पुण्य लाभ अर्जित किया.

महास्नान के साथ ही परंपरा की शुरुआत

महास्नान के साथ ही धमतरी में करीब 110 साल पुरानी जगन्नाथ रथयात्रा की परंपरा का भी शुभारंभ हो गया. अब पूरे शहर की निगाहें 16 जुलाई को निकलने वाली भव्य रथयात्रा पर टिकी हैं, जिसमें हर साल हजारों श्रद्धालु शामिल होकर भगवान का रथ खींचते हैं. महास्नान के बाद परंपरा के अनुसार भगवान जगन्नाथ "अनसर" यानी अस्वस्थ अवस्था में रहेंगे.

भगवान जगन्नाथ का महास्नान (ETV BHARAT)

11 जुलाई को काढ़ा का वितरण

इस दौरान 11 जुलाई से 14 जुलाई तक प्रतिदिन सुबह 7.30 बजे से श्रद्धालुओं के बीच दिव्य औषधि 'काढ़ा' का प्रसाद वितरित किया जाएगा. 15 जुलाई को सुबह 9.30 बजे हवन-पूजन के बाद भगवान स्वस्थ होकर दर्शन देंगे. वहीं 16 जुलाई को सुबह मंगला आरती और 56 भोग के बाद दोपहर 2 बजे से भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा भव्य रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण के लिए निकलेंगे. शाम करीब 6 बजे रथयात्रा का समापन गौशाला परिसर में होगा.मंदिर के पुजारी बालकृष्ण शर्मा ने बताया कि भगवान जगन्नाथ के महास्नान के लिए परंपरा अनुसार जगन्नाथ पुरी से जुड़े पवित्र जल का महत्व माना जाता है.

Lord Jagannath Grand Bath
110 साल पुरानी परंपरा का आगाज (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

धार्मिक मान्यता है कि एकादशी से पूर्णिमा तक सभी पवित्र नदियों का दिव्य संगम इस जल में होता है. उसी पावन जल से महाप्रभु का अभिषेक किया जाता है- बालकृष्ण शर्मा, पुजारी

महास्नान में शामिल श्रद्धालुओं ने इसे अपना सौभाग्य बताते हुए कहा कि हर वर्ष भगवान को अपने हाथों से स्नान कराने का अवसर मिलता है. कई भक्त पिछले 12 वर्षों से लगातार इस परंपरा का हिस्सा बन रहे हैं.

Lord Jagannath Grand Bath
भगवान जगन्नाथ का महास्नान (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

जो श्रद्धालु जगन्नाथ पुरी नहीं जा पाते, उन्हें धमतरी में ही भगवान जगन्नाथ के दर्शन और महास्नान का दिव्य अनुभव प्राप्त हो जाता है- विशाखा शर्मा,भक्त

धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान जगन्नाथ का महास्नान उनके प्राकट्य उत्सव का प्रतीक है. जिस प्रकार भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर अभिषेक और विशेष पूजा होती है, उसी प्रकार भगवान जगन्नाथ का भी विधिवत स्नान, श्रृंगार और महाभोग लगाया जाता है. करीब 110 वर्षों से धमतरी में निकल रही भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा शहर की सबसे बड़ी धार्मिक परंपराओं में शामिल है. हर साल हजारों श्रद्धालु रथ की रस्सी खींचकर स्वयं को धन्य मानते हैं. महास्नान महोत्सव के साथ अब पूरे शहर में रथयात्रा की तैयारियां तेज हो गई हैं और भक्तों में उत्साह चरम पर है.

Grand Bath of Lord Jagannath
110 साल पुरानी परंपरा का आगाज (ETV BHARAT CHHATTISGARH)


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