झारखंड में ई-कल्याण छात्रवृत्ति भुगतान में लंबा विलंब, हजारों छात्रों की पढ़ाई पर पड़ रहा असर
झारखंड में छात्रवृत्ति भुगतान में विलंब होने पर विद्यार्थियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है.

Published : July 3, 2026 at 3:10 PM IST
रांचीः झारखंड में ई-कल्याण पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति की राशि जारी नहीं होने से हजारों विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. सत्र 2024-25, 2025-26 और अब 2026-27 के लिए आवेदन करने वाले छात्र-छात्राओं को अब तक छात्रवृत्ति का भुगतान नहीं किया गया है. इसका असर कॉलेज फीस, हॉस्टल शुल्क, किराया और अन्य शैक्षणिक खर्चों पर पड़ रहा है. कई विद्यार्थी पढ़ाई पूरी कर पास आउट भी हो चुके हैं, लेकिन उन्हें अब तक छात्रवृत्ति की राशि नहीं मिली है. लगातार हो रही देरी के कारण छात्रों में नाराजगी बढ़ रही है और वे सरकार से छात्रवृत्ति का भुगतान जल्द करने की मांग कर रहे हैं.
रांची सहित राज्य के विभिन्न कॉलेजों में पढ़ने वाले आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थी अपनी उच्च शिक्षा के लिए ई-कल्याण छात्रवृत्ति पर निर्भर रहते हैं. समय पर राशि नहीं मिलने के कारण कई छात्रों को कॉलेज में नामांकन, फीस जमा करने और हॉस्टल का खर्च चलाने के लिए उधार लेना पड़ रहा है. छात्र संगठनों और प्रभावित विद्यार्थियों ने कई बार संबंधित अधिकारियों से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा है. इसके अलावा सोशल मीडिया के माध्यम से भी अपनी समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन नतीजा सिफर रहा.
छात्रों के समने पढ़ाई छोड़ने की नौबत
विद्यार्थियों का कहना है कि ई-कल्याण छात्रवृत्ति उनके लिए केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि शिक्षा जारी रखने का महत्वपूर्ण आधार है. छात्रवृत्ति की राशि भुगतान में लगातार हो रही देरी से कई छात्रों के सामने पढ़ाई छोड़ने तक की नौबत आ गई है. राज्य के ओबीसी विद्यार्थियों को पिछले तीन वर्षों से छात्रवृत्ति भुगतान में लगातार विलंब किया जा रहा है.

जानकारी के अनुसार झारखंड में पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना केंद्र और राज्य सरकार की साझी योजना है. इसमें 60 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत राशि राज्य सरकार वहन करती है. कुछ छात्रों का आरोप है कि केंद्र से समय पर राशि उपलब्ध नहीं होने के कारण भुगतान प्रक्रिया प्रभावित हो रही है, जबकि कुछ छात्रों का कहना है कि विभाग की उदासीनता के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है. वहीं झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र में कल्याण विभाग के लिए छात्रवृत्ति मद में लगभग 39 करोड़ रुपये (केंद्रांश 27 करोड़ और राज्यांश 12 करोड़) का प्रावधान किया गया है, जिसे विद्यार्थी वास्तविक आवश्यकता की तुलना में अपर्याप्त बता रहे हैं.
लंबित छात्रवृत्ति की राशि शीघ्र जारी करने की मांग
छात्रों ने सरकार से लंबित छात्रवृत्ति की राशि शीघ्र जारी करने और ई-कल्याण पोर्टल की तकनीकी समस्याओं को दूर करने की मांग की है. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्र नेता एवं अभ्यर्थी तुषार दुबे ने कहा कि मंईयां सम्मान योजना की राशि हर महीने जारी की जा रही है, लेकिन राज्य के भविष्य को संवारने वाले विद्यार्थियों को परेशान होना पड़ रहा है. कई छात्रों की कॉलेज और हॉस्टल फीस बकाया है. आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थी सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं और सरकार को इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए.

वहीं शोधार्थी चंदन कुमार ने कहा कि मामला काफी गंभीर है, लेकिन इस दिशा में अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है. कुछ विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ मिल रहा है, जबकि बड़ी संख्या में जरूरतमंद छात्र अब भी छात्रवृत्ति का इंतजार कर रहे हैं. इस संबंध में कल्याण मंत्री चमरा लिंडा ने कहा, "कुछ जिलों के लिए राशि जारी की जा चुकी है. पूरे मामले की समीक्षा कर स्थिति स्पष्ट की जाएगी."
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