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लोकसभा अध्यक्ष बिरला बोले-संसद में पहली बार 22 क्षेत्रीय भाषाओं में हो रही चर्चा

बिरला बोले-भाषाओं के समावेश से लोकतंत्र मजबूत होता है, जो हमारे लोकतंत्र की खूबसूरती है.

Birla at Jodhpur Airport
जोधपुर एयरपोर्ट पर बिरला (ETV Bharat jodhpur)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : January 9, 2026 at 2:42 PM IST

2 Min Read
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जोधपुर: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि भारतीय संसद में पहली बार आठवीं अनुसूची में दर्ज 22 क्षेत्रीय भाषाओं में सांसद अपनी बात रखते हैं और संवाद करते हैं. अपने विचार संसद में रखते हैं. पहली बार भारतीय संसद में 22 भाषाओं में समानांतर अनुवाद हो रहा है. भारत इकलौता देश है, जहां की संसद में 22 क्षेत्रीय भाषाओं में चर्चा हो रही है. बिरला शुक्रवार को जोधपुर में माहेश्वरी समाज के महाअधिवेशन में भाग लेने पहुंचे. अध्यक्ष ने एयरपोर्ट पर मीडिया से कहा कि इससे सांसद अपने क्षेत्र की जनता से जुड़ते हैं. भाषाओं के समावेश से लोकतंत्र मजबूत होता है. यह हमारे लोकतंत्र की खूबसूरती भी है.

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि संसद में अधिकतम कामकाज हो, इसका प्रयास किया जाता है. पिछली बार संसद की उपयोगिता 111 प्रतिशत रही थी. संसद में विचारों की सहमति और असहमति होती है यह लोकतंत्र की ताकत भी है.

लोकसभा अध्यक्ष बिरला बोले... (ETV Bharat Jodhpur)

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समाजों के योगदान से भारत विकसित होगा: लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि देश के सभी समाजों के योगदान से ही भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनेगा. माहेश्वरी समाज के लोगों का भी योगदान होगा. सभी समाजों की प्रतिभाएं व नवाचार इसमें भागीदार होंगे. माहेश्वरी समाज के लोग व्यापारिक वर्ग से होते हैं. उनके नौजवान नवाचार करते हैं. स्टार्टअप कर रहे हैं. सभी समाज मिलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक के विकसित भारत के सपने को साकार करेंगे. इससे पहले लोकसभा अध्यक्ष की जोधपुर एयरपोर्ट पर कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल एवं भाजपा अध्यक्ष राजेंद्र पालीवाल ने अगुवानी की.

राजस्थानी को मान्यता का इंतजार: राज्य की पूर्ववर्ती सरकारों ने राजस्थानी भाषा को आठवीं अनुसूची में मान्यता दिलाने का प्रस्ताव लोकसभा को भेज रखा है. उन पर अभी तक किसी तरह का फैसला लोकसभा ने नहीं किया है. नरेंद्र मोदी सरकार को भी पूर्ववर्ती अशोक गहलोत सरकार ने मान्यता के लिए प्रस्ताव भेजा था, लेकिन अभी लंबित है.

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